बलौदा विकासखंड में डीजल, कोयला, अवैध शराब और कबाड़ का कथित कारोबार,
शिकायतों के बावजूद कार्रवाई पर सवाल,
बलौदा – कोरबा एवं बिलासपुर जिले की सीमा से लगे बलौदा विकासखंड में डीजल, कोयला, अवैध शराब की बिक्री तथा कबाड़ के कथित अवैध कारोबार को लेकर लगातार शिकायतें सामने आने के बावजूद अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने का मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है, क्षेत्र में भारी वाहनों की लगातार आवाजाही और कोयला परिवहन के बीच कथित रूप से संचालित इन गतिविधियों को लेकर स्थानीय स्तर पर कई तरह की चर्चाएं चल रही हैं।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि बलौदा क्षेत्र में लंबे समय से अलग-अलग स्थानों पर डीजल, कोयला, कबाड़ और अवैध शराब के कारोबार से जुड़ी गतिविधियां संचालित होने की शिकायतें सामने आती रही हैं। शिकायतें पुलिस एवं उच्च अधिकारियों तक पहुंचने के बाद कभी-कभार कार्रवाई भी किए जाने की बात कही जाती है, लेकिन शिकायतकर्ताओं का दावा है कि ऐसी कार्रवाई व्यापक नेटवर्क तक पहुंचने के बजाय कुछ वाहनों अथवा छोटे कारोबारियों तक सीमित रह जाती है।
‘सेटिंग’ के सहारे कारोबार चलने की चर्चाएं –
क्षेत्र में कथित अवैध कारोबार को लेकर सबसे गंभीर चर्चा ‘सेटिंग’ के सहारे कारोबार संचालित होने के आरोपों को लेकर है ,
लोगों का कहना है कि यदि किसी क्षेत्र में लगातार एक ही प्रकार की शिकायतें सामने आ रही हैं तो केवल छिटपुट कार्रवाई के बजाय पूरे नेटवर्क की जांच किए जाने की आवश्यकता है। शिकायतकर्ताओं का यह भी सवाल है कि आखिर ऐसी गतिविधियों में शामिल लोगों तक पुलिस की कार्रवाई बार-बार क्यों नहीं पहुंच पा रही है।
कोयला परिवहन के दौरान अवैध बिक्री का आरोप –
बलौदा क्षेत्र में संचालित कोल वाशरियों से कोयला परिवहन के दौरान सड़क किनारे कथित रूप से कोयले की बिक्री किए जाने की शिकायतें भी सामने आ रही है, इसके अलावा क्षेत्र में कुछ कोल डिपो के अघोषित रूप से संचालित होने की भी चर्चा है,
स्थानीय लोगों के अनुसार कोयला परिवहन से जुड़े वाहनों की आवाजाही के बीच यदि सड़क किनारे अथवा अन्य स्थानों पर कोयले की अवैध खरीद-बिक्री हो रही है तो इसकी जांच कर कोयले के स्रोत, परिवहन दस्तावेज और खरीदारों तक पहुंचना आवश्यक है। इससे यह भी स्पष्ट हो सकेगा कि मामला महज अफवाह है या इसके पीछे कोई संगठित नेटवर्क सक्रिय है।
रात में भारी वाहनों से डीजल चोरी की शिकायत –
बलौदा क्षेत्र में कथित रूप से डीजल गिरोह सक्रिय होने की भी शिकायतें सामने आई हैं। आरोप है कि रात के समय सड़क पर खड़े अथवा गुजरने वाले भारी वाहनों से बड़ी मात्रा में डीजल चोरी किया जाता है और बाद में इसे बाजार मूल्य से कम कीमत पर बेच दिया जाता है।
यदि यह शिकायत सही है तो यह केवल अवैध बिक्री का मामला नहीं बल्कि भारी वाहनों से ईंधन चोरी और उसके बाद संगठित तरीके से बिक्री का विषय भी बनता है। ऐसे मामलों में पुलिस द्वारा यह पता लगाया जाना जरूरी है कि चोरी किया गया डीजल कहां से आता है, कहां संग्रहित किया जाता है और किन लोगों के माध्यम से इसकी बिक्री होती है।
कबाड़ के कारोबार में चोरी के सामान की खरीद का आरोप –
बलौदा क्षेत्र में कबाड़ के कथित अवैध कारोबार को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि कबाड़ की आड़ में चोरी के सामान की खरीद-बिक्री की जाती है तथा बाद में इस कबाड़ को बिलासपुर सहित अन्य जिलों में भेजकर बेच दिया जाता है।
कबाड़ कारोबार में यदि चोरी के सामान की खरीद की जाती है तो यह गंभीर मामला बन सकता है। ऐसे में कबाड़ कारोबारियों के स्टॉक, खरीद-बिक्री के दस्तावेज, माल के स्रोत तथा दूसरे जिलों में भेजे जाने वाले माल की जांच किए जाने की जरूरत है।
मध्यप्रदेश से शराब की खेप पहुंचने का दावा –
बलौदा क्षेत्र में मध्यप्रदेश से कथित रूप से देशी एवं अंग्रेजी शराब की बड़ी खेप पहुंचने और उसके बाद गांव-गांव में अवैध रूप से शराब की बिक्री किए जाने की शिकायत भी सामने आई है। ग्रामीण क्षेत्रों में शराब की कथित अवैध बिक्री से लोगों को परेशानी होने की बात कही जा रही है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि बाहर से शराब की खेप क्षेत्र में पहुंच रही है तो केवल बिक्री करने वाले छोटे व्यक्तियों पर कार्रवाई करने के बजाय शराब की आपूर्ति करने वाले स्रोत और पूरे वितरण नेटवर्क की जांच की जानी चाहिए।
एसपी की सक्रियता के बावजूद थाना स्तर पर सवाल –
जिले में पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पांडेय के नेतृत्व में अपराध नियंत्रण एवं अवैध गतिविधियों के खिलाफ लगातार कारवाही की जा रही है, ऐसे में बलौदा क्षेत्र से लगातार कथित अवैध कारोबार की शिकायतें सामने आना थाना स्तर की निगरानी व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े करता है।
सबसे बड़ा सवाल यही है कि यदि शिकायतें लगातार पुलिस एवं उच्च अधिकारियों तक पहुंच रही हैं तो बलौदा थाना पुलिस इन गतिविधियों के पूरे नेटवर्क तक क्यों नहीं पहुंच पा रही है? क्या कार्रवाई केवल शिकायत के बाद कुछ वाहनों या छोटे कारोबारियों तक सीमित रह जाती है, या फिर पूरे नेटवर्क की पहचान कर उसके विरुद्ध कार्रवाई की जा रही है?
जांच हो तो सामने आ सकता है पूरा नेटवर्क –
स्थानीय लोगों का कहना है कि डीजल, कोयला, कबाड़ और अवैध शराब जैसे अलग-अलग कारोबारों की शिकायतों को अलग-अलग घटनाओं के रूप में देखने के बजाय इनके पीछे संभावित नेटवर्क की जांच की जानी चाहिए। संबंधित विभाग यदि संयुक्त रूप से जांच करें तो कारोबार के स्रोत, भंडारण स्थल, परिवहन मार्ग, खरीदारों और अंतिम बिक्री तक की कड़ी सामने आ सकती है।
फिलहाल बलौदा क्षेत्र में कथित रूप से संचालित इन कारोबारों को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है , ऐसे में अब लोगों की निगाहें पुलिस एवं प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं।
सवाल यही है कि शिकायतों और चर्चाओं के बीच बलौदा क्षेत्र में कथित अवैध डीजल, कोयला, कबाड़ और शराब के कारोबार की वास्तविकता सामने लाने के लिए व्यापक जांच कब होगी और यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो पूरे नेटवर्क के विरुद्ध कार्रवाई कब होगी?
