नशे के खिलाफ वेल विशर फाउंडेशन की पहल, रैली निकालकर दिया नशामुक्त समाज का संदेश
जी. डी. दीवान हायर सेकेंडरी स्कूल कटनई में विद्यार्थियों ने लिया नशे से दूर रहने का संकल्प, गांव में गूंजे नशा मुक्ति के नारे
थाना प्रभारी जय कुमार साहू ने विद्यार्थियों को किया जागरूक, गायत्री परिवार ने दिलाई नशामुक्ति की शपथ
अकलतरा – नशा केवल एक व्यक्ति की जिंदगी को ही नहीं, बल्कि उसके पूरे परिवार और सामाजिक परिवेश को प्रभावित करने वाली गंभीर समस्या है। नशे की बढ़ती प्रवृत्ति पर अंकुश लगाने और युवा पीढ़ी को इसके दुष्परिणामों से बचाने के लिए समाज के प्रत्येक वर्ग की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। इसी उद्देश्य को लेकर वेल विशर फाउंडेशन ने जी. डी. दीवान हायर सेकेंडरी स्कूल, कटनई में नशा मुक्ति रैली एवं जनजागरूकता अभियान का आयोजन किया। इस अभियान के माध्यम से विद्यार्थियों और ग्रामीणों को नशे के दुष्प्रभावों से अवगत कराते हुए स्वस्थ, सुरक्षित एवं नशामुक्त समाज के निर्माण का संदेश दिया गया।
कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भागीदारी निभाई। रैली के माध्यम से ग्रामीणों को नशे से दूर रहने, दूसरों को भी इसके प्रति जागरूक करने और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए प्रेरित किया गया। कार्यक्रम में थाना प्रभारी जय कुमार साहू, गायत्री परिवार के जिला प्रभारी महेश्वर कश्यप तथा मानव सेवा समिति के जिला अध्यक्ष रोहित पटेल अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
नशा मुक्ति रैली से गांव में फैलाई जागरूकता – 
नशा मुक्ति जनजागरूकता अभियान की शुरुआत विद्यालय के छात्र-छात्राओं, शिक्षकों और वेल विशर फाउंडेशन के पदाधिकारियों एवं सदस्यों द्वारा रैली निकालकर की गई। रैली में विद्यार्थियों ने नशे के खिलाफ आवाज बुलंद करते हुए ग्रामीणों को इसके दुष्परिणामों से अवगत कराया।
रैली के दौरान “हम सबने यह ठाना है, नशे को दूर भगाना है” और “नशा नाश है, जीवन का विनाश है” जैसे प्रेरक नारों के माध्यम से लोगों को जागरूक किया गया। विद्यार्थियों ने गांव में भ्रमण कर यह संदेश दिया कि नशे की लत व्यक्ति के स्वास्थ्य, आर्थिक स्थिति, पारिवारिक संबंधों और सामाजिक प्रतिष्ठा पर प्रतिकूल प्रभाव डालती है।
अभियान का मुख्य उद्देश्य केवल नशे के नुकसान बताना ही नहीं, बल्कि लोगों को नशे से दूरी बनाने और अपने आसपास के लोगों को भी इसके प्रति जागरूक करने के लिए प्रेरित करना था। रैली के माध्यम से विद्यार्थियों ने समाज में यह संदेश पहुंचाने का प्रयास किया कि नशामुक्ति की शुरुआत स्वयं से होती है और सामूहिक प्रयासों से ही इस दिशा में सार्थक बदलाव लाया जा सकता है।
थाना प्रभारी जय कुमार साहू ने विद्यार्थियों को किया जागरूक – 
रैली के पश्चात विद्यालय परिसर में जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में थाना प्रभारी जय कुमार साहू ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए नशे के दुष्परिणामों की जानकारी दी और उन्हें इससे सदैव दूर रहने की सलाह दी।
उन्होंने विद्यार्थियों को अपने जीवन में अनुशासन, सकारात्मक सोच और शिक्षा के महत्व को समझते हुए अपने लक्ष्य की ओर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने नशे से दूर रहकर स्वस्थ जीवनशैली अपनाने तथा अपने भविष्य को सुरक्षित और उज्ज्वल बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया।
विद्यार्थी जीवन किसी भी व्यक्ति के भविष्य की नींव होता है। इस दौरान विकसित होने वाली आदतें और विचार आगे चलकर उसके व्यक्तित्व को दिशा देते हैं। ऐसे में युवाओं को नशे जैसी हानिकारक प्रवृत्तियों से बचाना और उन्हें सही मार्गदर्शन देना बेहद जरूरी है। कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को जागरूक, जिम्मेदार और सामाजिक मूल्यों के प्रति संवेदनशील नागरिक बनने का संदेश दिया गया।
गायत्री परिवार ने दिलाई नशामुक्ति की शपथ – 
गायत्री परिवार के जिला प्रभारी महेश्वर कश्यप ने विद्यार्थियों, विद्यालयीन स्टाफ एवं उपस्थित लोगों को नशे से दूर रहने तथा समाज को नशामुक्त बनाने में सक्रिय भूमिका निभाने की शपथ दिलाई।
शपथ के माध्यम से उपस्थित लोगों ने नशे से दूर रहने, अपने परिवार एवं आसपास के लोगों को इसके दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करने और नशामुक्त समाज के निर्माण में यथासंभव योगदान देने का संकल्प लिया।
महेश्वर कश्यप ने अभियान के उद्देश्य को आगे बढ़ाते हुए सामूहिक जागरूकता और सामाजिक जिम्मेदारी के महत्व को रेखांकित किया। नशामुक्ति के लिए केवल व्यक्तिगत संकल्प ही नहीं, बल्कि परिवार, विद्यालय, सामाजिक संगठनों और समुदाय के बीच निरंतर जागरूकता भी आवश्यक है। जब समाज का प्रत्येक व्यक्ति इस दिशा में अपनी जिम्मेदारी समझेगा, तभी सकारात्मक परिणाम सामने आ सकेंगे।
शिक्षा और सकारात्मक सोच से संवरेगा युवाओं का भविष्य : आविनाश सिंह
वेल विशर फाउंडेशन के अध्यक्ष आविनाश सिंह ने संस्था के उद्देश्यों तथा सामाजिक क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने विद्यार्थियों को शिक्षा के महत्व से अवगत कराते हुए मन लगाकर पढ़ाई करने और अपने जीवन में निर्धारित लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए निरंतर प्रयास करने की प्रेरणा दी।
उन्होंने विद्यार्थियों को समझाया कि जीवन में सफलता प्राप्त करने के लिए अनुशासन, मेहनत, आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच बेहद महत्वपूर्ण हैं। युवावस्था में अपने समय और ऊर्जा का सदुपयोग करते हुए शिक्षा, खेलकूद, रचनात्मक गतिविधियों तथा समाजोपयोगी कार्यों में भागीदारी करनी चाहिए।
उन्होंने उज्ज्वल भविष्य के निर्माण के लिए विद्यार्थियों को नशे जैसी हानिकारक आदतों से दूर रहने और अपने परिवार तथा समाज के लिए प्रेरणास्रोत बनने का संदेश दिया।
ध्यान और योग को अपनाकर नशे से रहें दूर –
संस्था के सदस्य दीपक साहू ने विद्यार्थियों को ध्यान एवं योग के माध्यम से स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के उपाय बताए। उन्होंने शारीरिक स्वास्थ्य के साथ-साथ मानसिक संतुलन, आत्मनियंत्रण और सकारात्मक विचारों के महत्व पर प्रकाश डाला।
उन्होंने विद्यार्थियों से आग्रह किया कि वे नियमित दिनचर्या अपनाएं, योग एवं ध्यान के लिए समय निकालें और अपनी ऊर्जा को रचनात्मक कार्यों में लगाएं। साथ ही उन्होंने विद्यार्थियों को अपने आसपास नशे से संबंधित गतिविधियों के प्रति जागरूक रहने तथा लोगों को नशे के दुष्परिणामों से अवगत कराने के लिए प्रेरित किया।
नशामुक्ति अभियान का संदेश यही रहा कि स्वस्थ आदतें, सही संगति, सकारात्मक वातावरण और परिवार का सहयोग व्यक्ति को बेहतर जीवन की दिशा में आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
सामूहिक प्रयासों से ही बनेगा नशामुक्त समाज –
कार्यक्रम को मानव सेवा समिति के जिला अध्यक्ष रोहित पटेल एवं समाजसेवी मोहन कश्यप ने भी संबोधित किया। उन्होंने नशामुक्त समाज के निर्माण में सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया।
उन्होंने कहा कि नशे की समस्या का प्रभाव केवल संबंधित व्यक्ति तक सीमित नहीं रहता, बल्कि इसका असर उसके परिवार, बच्चों और समाज पर भी पड़ सकता है। इसलिए नशे के खिलाफ जागरूकता अभियान चलाना, युवाओं को सही दिशा देना और लोगों को स्वस्थ जीवनशैली के लिए प्रेरित करना समय की महत्वपूर्ण आवश्यकता है।
विद्यालयों में इस तरह के कार्यक्रम आयोजित होने से विद्यार्थियों को कम उम्र में ही नशे के दुष्परिणामों को समझने और सही निर्णय लेने की प्रेरणा मिलती है। विद्यार्थी स्वयं जागरूक होकर अपने परिवार और मित्रों के बीच भी नशामुक्ति का संदेश पहुंचा सकते हैं।
वक्ताओं ने सामाजिक संस्थाओं, शिक्षकों, अभिभावकों और ग्रामीणों से भी अपील की कि वे नशे के खिलाफ चलाए जा रहे प्रयासों में सहयोग करें और युवाओं को सकारात्मक वातावरण उपलब्ध कराने में अपनी भूमिका निभाएं।
विद्यालय परिवार और ग्रामीणों की रही सहभागिता
कार्यक्रम का संचालन वेल विशर फाउंडेशन के सचिव चिराग शर्मा ने किया, आभार प्रदर्शन विद्यालय के प्राचार्य आर. के. मार्बल ने किया।
कार्यक्रम में विद्यालय के व्याख्याता जी. पी. पाटले, अनिल इंग्ले, पुष्पा उइके, उमाशंकर मरकाम, पदमा पटेल, पार्वती साहू, एस. सुमनलता धीरही, व्यायाम शिक्षिका स्वर्णा तिवारी, लिपिक सत्यवती मीरी, भृत्य कमलेंद्र मरावी, हिमांशु सहित विद्यालय के अन्य कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
ग्राम के वरिष्ठ नागरिक चन्द्रिका कश्यप, महेंद्र कश्यप, नरेश राम, उमेश साहू एवं आकाश कंवर सहित वेल विशर फाउंडेशन के पदाधिकारी एवं सदस्य भी कार्यक्रम में शामिल हुए।
नशे से दूरी ही सुरक्षित भविष्य की दिशा में महत्वपूर्ण कदम
कटनई में आयोजित यह नशा मुक्ति जनजागरूकता अभियान विद्यार्थियों और ग्रामीणों को सामाजिक जिम्मेदारी का संदेश देने की दिशा में एक सराहनीय पहल रहा। कार्यक्रम ने इस बात को रेखांकित किया कि नशामुक्त समाज का निर्माण केवल किसी एक संस्था या व्यक्ति के प्रयासों से संभव नहीं है, बल्कि इसके लिए प्रत्येक नागरिक की सहभागिता आवश्यक है।
नशे की रोकथाम के लिए जागरूकता, उचित मार्गदर्शन, परिवार का सहयोग और सामाजिक संस्थाओं की सक्रिय भूमिका महत्वपूर्ण है। विशेष रूप से युवा पीढ़ी को नशे से दूर रखकर शिक्षा, स्वास्थ्य, खेलकूद और रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ना समय की आवश्यकता है।
वेल विशर फाउंडेशन की इस पहल के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि नशे को जीवन से दूर रखकर, स्वयं जागरूक बनकर और दूसरों को जागरूक करके ही स्वस्थ, सशक्त एवं नशामुक्त समाज की नींव रखी जा सकती है।
