नरियरा स्कूल में बच्चों को मिली बड़ी राहत
शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला नरियरा में 120 स्टील की थालियां भेंट, अब बच्चों को घर से नहीं लानी पड़ेगी थाली,
विद्यार्थियों को थालियों के साथ रफ कॉपी, पेन एवं विज्ञान-सामाजिक विज्ञान के उपयोगी चार्ट भी किए गए वितरित
अकलतरा – विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने के साथ-साथ उनकी बुनियादी आवश्यकताओं की पूर्ति करना भी शिक्षा व्यवस्था का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसी भावना को साकार करते हुए शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला नरियरा में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं की सुविधा के लिए 120 नग स्टील की थालियां भेंट की गईं। इस सराहनीय पहल से अब विद्यालय के बच्चों को मध्याह्न भोजन के लिए प्रतिदिन अपने घरों से थाली लाने की परेशानी से मुक्ति मिलेगी। विद्यालय में ही थालियों को सुरक्षित रखा जाएगा, ताकि बच्चे मध्याह्न भोजन के समय उनका उपयोग कर सकें और भोजन के बाद साफ-सफाई करके उन्हें पुनः विद्यालय में जमा कर सकें।
बच्चों की एक छोटी-सी आवश्यकता को समझकर उसे पूरा करने की यह पहल शिक्षा के प्रति सामाजिक जिम्मेदारी, संवेदनशीलता और सहयोग की भावना का प्रेरणादायी उदाहरण है। इस पुनीत कार्य को सफल बनाने में विद्यालय के शिक्षक सूरज कुमार साहू की विशेष भूमिका रही, जिन्होंने विद्यार्थियों की आवश्यकता को समझते हुए संबंधित अधिकारियों एवं समाज के सहयोगी लोगों तक उनकी समस्या पहुंचाई।
शिक्षक सूरज कुमार साहू के प्रयास से संभव हुआ- सराहनीय कार्य
शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला नरियरा में अध्ययनरत विद्यार्थियों को मध्याह्न भोजन के दौरान थाली की आवश्यकता होती थी। प्रतिदिन घर से थाली लाना बच्चों के लिए एक अतिरिक्त जिम्मेदारी थी। बच्चों की इस परेशानी को ध्यान में रखते हुए विद्यालय के शिक्षक सूरज कुमार साहू ने इस समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में पहल की।
उन्होंने जल संसाधन विभाग, छत्तीसगढ़ शासन में कार्यपालन अभियंता के पद पर पदस्थ एवं नगर पंचायत नरियरा निवासी अखिलेश साहू, पिता स्वर्गीय रामनारायण साहू, को विद्यालय के बच्चों की आवश्यकता से अवगत कराया। बच्चों की सुविधा और उनके हित से जुड़े इस विषय को गंभीरता से लेते हुए अखिलेश साहू ने संवेदनशीलता का परिचय दिया तथा विद्यालय के लिए 120 नग स्टील की थालियां भेंट कीं।
उनके इस सहयोग से विद्यालय में मध्याह्न भोजन की व्यवस्था को अधिक सुविधाजनक बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। शिक्षक के प्रयास और सहयोगी नागरिक की तत्परता ने यह साबित किया कि जब बच्चों की जरूरतों को प्राथमिकता दी जाती है, तब छोटे-छोटे प्रयास भी उनके दैनिक जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं।
अब विद्यालय में ही रहेंगी थालियां, बच्चों को मिलेगी स्थायी सुविधा- –
विद्यालय को उपलब्ध कराई गईं 120 स्टील की थालियों का उपयोग छात्र-छात्राएं मध्याह्न भोजन के दौरान करेंगे। इन थालियों को विद्यालय में ही सुरक्षित रखा जाएगा। भोजन करने के बाद विद्यार्थी अपनी-अपनी थालियों की साफ-सफाई कर उन्हें निर्धारित स्थान पर जमा करेंगे। इससे बच्चों को प्रतिदिन घर से थाली लाने और वापस ले जाने की आवश्यकता नहीं होगी।
इस व्यवस्था से विद्यार्थियों को सुविधा मिलने के साथ ही विद्यालय में मध्याह्न भोजन के संचालन को भी व्यवस्थित बनाने में मदद मिलेगी। बच्चों के लिए आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करना उनकी नियमित शैक्षणिक गतिविधियों को सहज बनाने की दिशा में उपयोगी कदम है।
विद्यालय में पढ़ने वाले बच्चों के लिए ऐसी सुविधाएं विशेष महत्व रखती हैं, क्योंकि शिक्षा केवल पुस्तकों और कक्षाओं तक सीमित नहीं है। बच्चों को स्वच्छ, सुरक्षित और सुविधाजनक वातावरण उपलब्ध कराना भी विद्यालय और समाज की साझा जिम्मेदारी है। नरियरा विद्यालय में किया गया यह सहयोग इसी भावना को मजबूत करता है।
थालियों के साथ शैक्षणिक सामग्री का भी वितरण-
विद्यालय में आयोजित वितरण कार्यक्रम के दौरान कार्यपालन अभियंता अखिलेश साहू एवं प्रोफेसर धनंजय साहू के कर-कमलों से विद्यार्थियों को थालियों के साथ रफ कॉपी, पेन तथा विज्ञान एवं सामाजिक विज्ञान विषयों से संबंधित उपयोगी चार्ट भी वितरित किए गए।
इस पहल ने कार्यक्रम को केवल आवश्यक सामग्री वितरण तक सीमित नहीं रखा, बल्कि विद्यार्थियों की शैक्षणिक जरूरतों को भी महत्व दिया। रफ कॉपी और पेन बच्चों को नियमित अध्ययन, अभ्यास तथा लिखने-पढ़ने की गतिविधियों में सहायक होंगे, वहीं विज्ञान एवं सामाजिक विज्ञान के चार्ट विषयों को समझने और दृश्य माध्यम से सीखने में उपयोगी साबित हो सकते हैं।
विद्यालय में विद्यार्थियों को आवश्यक शिक्षण सामग्री उपलब्ध कराना उनके अध्ययन के प्रति रुचि बढ़ाने तथा सीखने की प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाने में सहायक होता है। इस दृष्टि से थालियों के साथ शैक्षणिक सामग्री का वितरण भी एक महत्वपूर्ण पहल रही।
सामाजिक सहयोग से मजबूत होती है शिक्षा व्यवस्था-
आज के समय में विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ विद्यार्थियों की दैनिक आवश्यकताओं पर ध्यान देना भी जरूरी है। सरकारी विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए शासन और शिक्षा विभाग के प्रयासों के साथ समाज के जागरूक एवं संवेदनशील नागरिकों का सहयोग भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
नरियरा के अखिलेश साहू द्वारा विद्यालय को 120 स्टील की थालियां उपलब्ध कराना इसी सामाजिक सहभागिता का उदाहरण है। वहीं शिक्षक सूरज कुमार साहू द्वारा बच्चों की आवश्यकता को पहचानकर उसके समाधान के लिए प्रयास करना शिक्षकों की जिम्मेदारी और विद्यार्थियों के प्रति उनके समर्पण को दर्शाता है।
इस तरह के प्रयासों से विद्यालयों में सुविधाओं का विस्तार होने के साथ समाज में शिक्षा के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण भी विकसित होता है। जब शिक्षक, समाज के सहयोगी नागरिक और विद्यालय परिवार एक साझा उद्देश्य के लिए आगे आते हैं, तो विद्यार्थियों को बेहतर वातावरण उपलब्ध कराने की संभावनाएं बढ़ जाती हैं।
विद्यालय परिवार ने जताया आभार-
इस अवसर पर संकुल समन्वयक ईश्वरी प्रसाद कश्यप, प्रधान पाठिका अन्नपूर्णा साहू, प्रोफेसर धनंजय साहू, शिक्षक विमलेश महिपाल, अनिल बंजारा, रामकुमार, दीपेंद्र साहू, शारदा निर्मलकर, रेणुका मल्लिक सहित विद्यालय के समस्त शिक्षक-शिक्षिकाएं एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
विद्यालय परिवार ने बच्चों की सुविधा के लिए 120 नग स्टील की थालियां उपलब्ध कराने तथा विद्यार्थियों को शैक्षणिक सामग्री वितरित करने के लिए अखिलेश साहू एवं इस पुनीत कार्य में सहयोग देने वाले सभी लोगों के प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया।
नरियरा विद्यालय में हुआ यह प्रयास इस बात का संदेश देता है कि बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में हर छोटा-बड़ा सहयोग महत्वपूर्ण है। विद्यार्थियों की जरूरतों को समझकर उन्हें सुविधाएं उपलब्ध कराना न केवल उनकी परेशानी कम करता है, बल्कि शिक्षा के प्रति समाज की जिम्मेदारी को भी रेखांकित करता है। उम्मीद है कि इस तरह की प्रेरणादायी पहल आगे भी जारी रहेंगी, ताकि बच्चों को पढ़ाई के साथ-साथ आवश्यक सुविधाएं भी मिलती रहें और वे बेहतर वातावरण में अपने भविष्य को संवार सकें।
