पकरिया (लटिया) में 30 फीट ऊंचे रावण के पुतले का होगा दहन, 20 अक्टूबर को सजेगा भव्य दशहरा उत्सव एवं मड़ई मेला
चंडी दाई मंदिर से गाजे-बाजे और जयघोष के साथ निकलेगी भगवान श्रीराम, लक्ष्मण एवं हनुमान जी की भव्य झांकी, खेल मैदान में होगा रावण दहन
अकलतरा -असत्य पर सत्य, अधर्म पर धर्म और बुराई पर अच्छाई की विजय के प्रतीक विजयादशमी पर्व के अवसर पर ग्राम पकरिया (लटिया) में 20 अक्टूबर को भव्य दशहरा उत्सव एवं मड़ई मेले का आयोजन किया जाएगा। इस अवसर पर गांव में धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक परंपरा और उत्सवी उल्लास का अनूठा संगम देखने को मिलेगा। आयोजन का प्रमुख आकर्षण 30 फीट ऊंचे रावण के पुतले का दहन होगा। इसके पूर्व मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम, अनुज लक्ष्मण एवं परम भक्त हनुमान जी की भव्य झांकी गाजे-बाजे, भजन-कीर्तन और जय श्रीराम के जयघोष के साथ निकाली जाएगी। झांकी के ग्राम भ्रमण के पश्चात खेल मैदान में विधि-विधानपूर्वक पूजा-अर्चना कर रावण दहन किया जाएगा।
दशहरा उत्सव के साथ ही पारंपरिक मड़ई मेले का आयोजन भी किया जा रहा है, जिसे लेकर ग्रामीणों में उत्साह का माहौल है। आयोजन में ग्राम पकरिया (लटिया) सहित आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में लोगों के शामिल होने की संभावना है। आयोजन समिति द्वारा कार्यक्रम को भव्य, आकर्षक और सफल बनाने के लिए तैयारियां की जा रही हैं।
चंडी दाई मंदिर से निकलेगी भगवान श्रीराम की भव्य झांकी-
आयोजन समिति के अध्यक्ष एवं भारतीय जनता पार्टी अकलतरा मंडल के उपाध्यक्ष राघवेंद्र सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि दशहरा उत्सव के अंतर्गत 20 अक्टूबर को शाम 5 बजे ग्राम स्थित चंडी दाई मंदिर से भगवान श्रीराम, लक्ष्मण एवं हनुमान जी की भव्य झांकी निकाली जाएगी। झांकी को आकर्षक स्वरूप प्रदान करने के साथ धार्मिक उत्साह और पारंपरिक उल्लास के वातावरण में निकाला जाएगा।
गाजे-बाजे, भजन-कीर्तन और जय श्रीराम के जयघोष के साथ निकलने वाली यह झांकी ग्राम के विभिन्न मार्गों से होकर गुजरेगी। झांकी के दौरान भक्तिमय वातावरण निर्मित होगा और ग्रामीण भगवान श्रीराम के आदर्शों का स्मरण करते हुए दशहरा पर्व की खुशियां साझा करेंगे।
भगवान श्रीराम की मर्यादा, लक्ष्मण की भ्रातृभक्ति और हनुमान जी की निष्ठा एवं समर्पण भारतीय संस्कृति के महत्वपूर्ण आदर्श हैं। झांकी के माध्यम से इन आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाने और नई पीढ़ी को धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपराओं से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।
खेल मैदान में होगा 30 फीट ऊंचे रावण के पुतले का दहन-
ग्राम भ्रमण के पश्चात भगवान श्रीराम, लक्ष्मण एवं हनुमान जी की झांकी खेल मैदान पहुंचेगी। यहां विधि-विधानपूर्वक पूजा-अर्चना के बाद 30 फीट ऊंचे रावण के पुतले का दहन किया जाएगा। विशाल पुतले का दहन दशहरा उत्सव का मुख्य आकर्षण रहेगा, जिसे देखने के लिए ग्रामीणों और आसपास के क्षेत्र के लोगों के पहुंचने की उम्मीद है।
रावण दहन भारतीय संस्कृति की उस शाश्वत मान्यता का प्रतीक है, जिसमें अंततः सत्य और धर्म की विजय होती है। यह प्रसंग संदेश देता है कि अहंकार, अन्याय और अधर्म चाहे कितने ही शक्तिशाली क्यों न हों, उनका अंत निश्चित है। भगवान श्रीराम की विजय हमें जीवन में सत्य, मर्यादा, कर्तव्यनिष्ठा और सदाचार के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती है।
दशहरा उत्सव के माध्यम से ग्रामीणों को अपनी सांस्कृतिक विरासत से जुड़ने और धार्मिक परंपराओं को अगली पीढ़ी तक पहुंचाने का अवसर मिलेगा। 30 फीट ऊंचे रावण के पुतले का दहन इस आयोजन को विशेष आकर्षण प्रदान करेगा।
दशहरा उत्सव के साथ सजेगा पारंपरिक मड़ई मेला-
इस आयोजन की एक विशेषता यह भी है कि दशहरा उत्सव के साथ मड़ई मेले का आयोजन किया जाएगा। छत्तीसगढ़ की ग्रामीण संस्कृति में मड़ई मेले का विशेष महत्व है। ऐसे आयोजन ग्रामीण जीवन की परंपराओं, सामाजिक मेल-मिलाप और सामुदायिक सहभागिता को प्रोत्साहित करते हैं।
मड़ई मेला ग्रामीणों को एक-दूसरे से मिलने, आपसी संबंधों को मजबूत करने और उत्सव की खुशियां साझा करने का अवसर प्रदान करता है। दशहरा पर्व के साथ मेले का आयोजन होने से कार्यक्रम में धार्मिक आस्था के साथ ग्रामीण लोकजीवन की झलक भी देखने को मिलेगी।
ग्राम पकरिया (लटिया) में आयोजित होने वाला यह उत्सव गांव के लोगों के साथ आसपास के क्षेत्र के निवासियों के लिए भी आकर्षण का केंद्र रहेगा। मेले में लोगों की सहभागिता से ग्रामीण परिवेश में उत्साह और रौनक बढ़ने की उम्मीद है।
आयोजन को भव्य बनाने में जुटी समिति-
आयोजन समिति के अध्यक्ष राघवेंद्र सिंह ने बताया कि दशहरा उत्सव एवं मड़ई मेले को सफल बनाने के लिए आवश्यक तैयारियां की जा रही हैं। कार्यक्रम को व्यवस्थित एवं आकर्षक स्वरूप देने के लिए समिति के सदस्य सक्रिय रूप से जुटे हुए हैं।
शाम 5 बजे चंडी दाई मंदिर से प्रारंभ होने वाली झांकी से लेकर खेल मैदान में रावण दहन तक आयोजित होने वाले कार्यक्रमों को लेकर ग्रामीणों में उत्सुकता बनी हुई है। आयोजन का उद्देश्य धार्मिक परंपराओं को जीवंत बनाए रखने के साथ गांव में सामाजिक एकता, भाईचारे और सांस्कृतिक चेतना को मजबूत करना है।
बुराई पर अच्छाई की विजय का संदेश देगा दशहरा उत्सव
विजयादशमी केवल रावण दहन का पर्व नहीं, बल्कि स्वयं के भीतर मौजूद बुराइयों को समाप्त करने और जीवन में अच्छे विचारों को अपनाने का संदेश देने वाला अवसर है। भगवान श्रीराम का जीवन सत्य, त्याग, मर्यादा और कर्तव्य के पालन की प्रेरणा देता है। वहीं रावण का अंत अहंकार और अधर्म के दुष्परिणामों को उजागर करता है।
ग्राम पकरिया (लटिया) में 20 अक्टूबर को आयोजित होने वाला दशहरा उत्सव इसी संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का माध्यम बनेगा। भगवान श्रीराम, लक्ष्मण एवं हनुमान जी की भव्य झांकी, 30 फीट ऊंचे रावण के पुतले का दहन और पारंपरिक मड़ई मेले के आयोजन से गांव में धार्मिक एवं सांस्कृतिक उत्साह का वातावरण निर्मित होगा।
पकरिया (लटिया) का दशहरा उत्सव ग्रामीण संस्कृति, धार्मिक आस्था और सामाजिक एकजुटता का प्रतीक बनने जा रहा है। आयोजन समिति को उम्मीद है कि बड़ी संख्या में ग्रामीण एवं क्षेत्रवासी इस उत्सव में शामिल होकर कार्यक्रम की शोभा बढ़ाएंगे और बुराई पर अच्छाई की विजय के संदेश को आत्मसात करेंगे।
