अकलतरा के अजंता मैदान में 45 फीट ऊंचे रावण का होगा दहन, भगवान श्रीराम की भव्य जीवंत झांकी बनेगी आकर्षण का केंद्र
क्षत्रिय समाज विजयादशमी महोत्सव समिति की तैयारियां तेज, आतिशबाजी और धार्मिक गीतों के साथ धूमधाम से मनाया जाएगा दशहरा पर्व
अकलतरा। असत्य पर सत्य, अधर्म पर धर्म और बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक विजयादशमी पर्व इस वर्ष अकलतरा नगर में भव्यता और उत्साह के साथ मनाया जाएगा। विजयादशमी महोत्सव को यादगार बनाने के लिए क्षत्रिय समाज विजयादशमी महोत्सव समिति द्वारा व्यापक तैयारियां की जा रही हैं। इस अवसर पर नगर के अजंता मैदान में 45 फीट ऊंचे विशाल रावण के पुतले का दहन किया जाएगा। भव्य आयोजन को लेकर नगरवासियों में उत्साह का माहौल है। समिति द्वारा धार्मिक परंपराओं, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और आकर्षक आतिशबाजी के माध्यम से विजयादशमी पर्व को विशेष स्वरूप देने की तैयारी की जा रही है।
समिति द्वारा रावण दहन स्थल अजंता मैदान में 45 फीट ऊंचे रावण के पुतले का निर्माण कराया जा रहा है। विशालकाय रावण के पुतले का दहन विजयादशमी महोत्सव का प्रमुख आकर्षण रहेगा। रावण दहन के माध्यम से समाज को सत्य, सदाचार, मर्यादा और धर्म के मार्ग पर चलने का संदेश दिया जाएगा। विजयादशमी का पर्व केवल रावण के पुतले के दहन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह मनुष्य के भीतर मौजूद अहंकार, क्रोध, लोभ और अन्य बुराइयों को समाप्त करने की प्रेरणा भी देता है।
भगवान श्रीराम, लक्ष्मण और हनुमान जी की निकलेगी भव्य जीवंत झांकी –
विजयादशमी महोत्सव को और अधिक आकर्षक बनाने के लिए रावण दहन से पूर्व भगवान श्रीराम, लक्ष्मण एवं हनुमान जी की भव्य जीवंत झांकी निकाली जाएगी। यह झांकी नगर भ्रमण करेगी, जिससे नगर का वातावरण भक्तिमय और राममय हो उठेगा। भगवान श्रीराम के आदर्शों, लक्ष्मण की निष्ठा और हनुमान जी की भक्ति एवं समर्पण को दर्शाती यह झांकी श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहेगी।
झांकी के नगर भ्रमण के दौरान श्रद्धालुओं को भगवान श्रीराम के जीवन और उनके आदर्शों से जुड़ने का अवसर मिलेगा। धार्मिक आस्था के साथ सांस्कृतिक परंपराओं को जीवंत बनाए रखने की दिशा में यह पहल महत्वपूर्ण मानी जा रही है। समिति का प्रयास है कि विजयादशमी महोत्सव में नगर के अधिक से अधिक लोग सहभागी बनें और नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति, धार्मिक मूल्यों तथा मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के आदर्शों से परिचित होने का अवसर मिले।
धार्मिक गीतों और भव्य आतिशबाजी से सजेगी विजयादशमी की शाम –
नगर भ्रमण के पश्चात रावण दहन स्थल अजंता मैदान में सुसज्जित मंच पर धार्मिक गीतों का आयोजन किया जाएगा। भक्ति संगीत और धार्मिक प्रस्तुतियों के माध्यम से विजयादशमी की शाम को भक्तिमय बनाया जाएगा। इसके साथ ही रावण दहन से पूर्व भव्य आतिशबाजी का कार्यक्रम भी रखा गया है, जो महोत्सव के आकर्षण को और बढ़ाएगा।
45 फीट ऊंचे रावण के पुतले का दहन, भगवान श्रीराम की जीवंत झांकी, धार्मिक गीत-संगीत और आतिशबाजी का संगम नगरवासियों को उत्सव का विशेष अनुभव प्रदान करेगा। आयोजन को लेकर समिति द्वारा आवश्यक व्यवस्थाएं की जा रही हैं, ताकि नगरवासी अपने परिवार और परिजनों के साथ महोत्सव में शामिल होकर विजयादशमी की खुशियां मना सकें।
क्षेत्रवासियों से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचने की अपील –
क्षत्रिय समाज विजयादशमी महोत्सव समिति ने क्षेत्रवासियों से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर विजयादशमी महोत्सव में सहभागी बनने की अपील की है। समिति का उद्देश्य धार्मिक आस्था, सामाजिक एकता और सांस्कृतिक परंपराओं को प्रोत्साहित करते हुए नगर में उत्सव का सकारात्मक वातावरण तैयार करना है।
विजयादशमी का पर्व हमें याद दिलाता है कि शक्ति और सामर्थ्य का वास्तविक महत्व तभी है, जब उसका उपयोग सत्य, न्याय और लोककल्याण के लिए किया जाए। भगवान श्रीराम ने अपने आचरण से मर्यादा, कर्तव्य और धर्म की स्थापना का संदेश दिया। ऐसे में रावण दहन के साथ अपने भीतर की बुराइयों को त्यागने तथा समाज में प्रेम, सद्भाव और भाईचारे को मजबूत करने का संकल्प लेना ही इस पर्व की वास्तविक सार्थकता है।
आयोजन को सफल बनाने में जुटे समिति के सदस्य –
विजयादशमी महोत्सव को सफल और व्यवस्थित बनाने के लिए आयोजन समिति के सदस्य लगातार तैयारियों में जुटे हुए हैं। समिति में डॉ. विवेक सिंह बैस, गगन सिंह बैस, अभिनव सिंह बैस, सिद्धार्थ सिंह बैस, ऐश्वर्य सिंह बैस, अपूर्व पाल सिंह, जयदीप सिंह, स्वयं सिंह एवं श्रीजन सिंह चंदेल सहित अन्य सदस्य आयोजन की तैयारियों में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।
समिति के सदस्यों द्वारा महोत्सव को भव्य एवं यादगार बनाने के लिए समन्वित प्रयास किए जा रहे हैं। नगरवासियों की सहभागिता से यह आयोजन धार्मिक आस्था, सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक बनने की उम्मीद है।
अकलतरा के अजंता मैदान में होने वाला 45 फीट ऊंचे रावण का दहन, भगवान श्रीराम की भव्य जीवंत झांकी और आतिशबाजी का कार्यक्रम विजयादशमी महोत्सव का प्रमुख आकर्षण रहेगा। समिति ने क्षेत्रवासियों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर आयोजन की शोभा बढ़ाएं और सत्य की असत्य पर विजय के इस पावन पर्व को उत्साहपूर्वक मनाएं
