नगरीय प्रशासन विभाग में प्रमुख सचिव के रूप में सोनमणि बोरा द्वारा पदभार ग्रहण किया गया, 
रायपुर – छत्तीसगढ़ शासन के नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के प्रमुख सचिव के रूप में वरिष्ठ आईएएस अधिकारी सोनमणि बोरा ने पदभार ग्रहण कर लिया है, वर्ष 1999 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी सोनमणि बोरा को प्रशासनिक अनुभव, मैदानी कार्यशैली और आम जनता के साथ सीधे संवाद के लिए जाना जाता है। प्रदेश के विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर अपनी सेवाएं देते हुए उन्होंने प्रशासनिक व्यवस्था को करीब से समझा है।
सोनमणि बोरा की नई जिम्मेदारी ऐसे समय में महत्वपूर्ण मानी जा रही है, जब प्रदेश के शहरों में नगरीय सुविधाओं के विस्तार, अधोसंरचना विकास, स्वच्छता, पेयजल, यातायात व्यवस्था, आवास, जल निकासी तथा नागरिक सेवाओं को बेहतर बनाने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं, लंबे प्रशासनिक अनुभव से नगरीय प्रशासन के कामकाज में नई गति और प्रभावशीलता आने की उम्मीद जताई जा रही है।
कलेक्टर से संभाग आयुक्त तक संभाल चुके हैं महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां –
सोनमणि बोरा ने अपने प्रशासनिक कार्यकाल में प्रदेश के विभिन्न जिलों एवं संभागों में कलेक्टर, संभाग आयुक्त सहित कई महत्वपूर्ण दायित्वों का निर्वहन किया है। मैदानी प्रशासन में लंबे समय तक काम करने के कारण उन्हें जमीनी स्तर की समस्याओं और आम नागरिकों की अपेक्षाओं की गहरी समझ है।
उनकी कार्यशैली की विशेषता प्रशासनिक निर्णयों के साथ-साथ जनता के बीच पहुंचकर समस्याओं को समझना और उनके समाधान की दिशा में पहल करना रही है। यही वजह है कि प्रशासनिक हलकों में उन्हें अनुभवी एवं परिणामोन्मुख अधिकारी के रूप में देखा जाता है।
जांजगीर-चांपा से भी रहा है विशेष जुड़ाव –
सोनमणि बोरा का जांजगीर-चांपा जिले से भी विशेष प्रशासनिक जुड़ाव रहा है, जिले के कलेक्टर के रूप में पदस्थापना के दौरान उन्होंने क्षेत्र के विकास से जुड़े अनेक कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाई। इसी कार्यकाल में जांजगीर-चांपा जिले के प्रसिद्ध क्रोकोडाइल पार्क की स्थापना की दिशा में भी उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा।
क्रोकोडाइल पार्क आज जिले की विशिष्ट पहचान के रूप में जाना जाता है और पर्यटन एवं जैव विविधता संरक्षण की दृष्टि से इसका विशेष महत्व है। जिले में पदस्थापना के दौरान विकास कार्यों के साथ-साथ क्षेत्र की प्राकृतिक एवं पर्यटन संभावनाओं को बढ़ावा देने की दिशा में किए गए प्रयासों को भी उनके कार्यकाल की उल्लेखनीय उपलब्धियों में गिना जाता है।
नगरीय विकास के क्षेत्र में बड़ी जिम्मेदारी –
प्रमुख सचिव के रूप में सोनमणि बोरा के सामने प्रदेश के नगरीय निकायों की कार्यप्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाने की बड़ी जिम्मेदारी होगी। तेजी से बढ़ते शहरीकरण के बीच शहरों में बेहतर सड़क, पेयजल, सीवरेज, स्ट्रीट लाइट, स्वच्छता, जल निकासी और नागरिक सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करना प्रमुख चुनौतियों में शामिल है।
इसके अलावा नगरीय निकायों की वित्तीय स्थिति मजबूत करना, विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता बढ़ाना तथा स्वीकृत परियोजनाओं को समय-सीमा में पूरा कराने की दिशा में भी उनकी भूमिका महत्वपूर्ण होगी।
जनसंवाद और प्रशासनिक दक्षता से उम्मीदें –
सोनमणि बोरा की सबसे बड़ी ताकतों में उनका जनसंवाद और मैदानी प्रशासन का अनुभव माना जाता है। आम लोगों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याओं को समझने की उनकी कार्यशैली के चलते नगरीय प्रशासन विभाग में भी नागरिक-केंद्रित प्रशासन को और मजबूती मिलने की उम्मीद है।
प्रदेश के नगरीय क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों की रोजमर्रा की समस्याओं का सीधा संबंध नगरीय निकायों की कार्यप्रणाली से होता है। ऐसे में अनुभवी और मैदानी प्रशासन की समझ रखने वाले अधिकारी के रूप में सोनमणि बोरा की नियुक्ति को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
सोनमणि बोरा के पदभार ग्रहण करने के साथ ही नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग में नई कार्यशैली, बेहतर समन्वय और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर उम्मीदें बढ़ी हैं।













