हाई स्कूल मैदान में पटाखा दुकानों के समीप ही पटाखे फोड़ने का जोखिम, कभी भी हो सकता है बड़ा हादसा
सुरक्षा व्यवस्था पर उठ रहे सवाल, जिला एवं पुलिस प्रशासन से तत्काल प्रतिबंध लगाने की मांग
अकलतरा – नगर के हाई स्कूल मैदान में दीपावली पर्व के अवसर पर पटाखा दुकानों का संचालन किया जा रहा है। लेकिन चिंता का विषय यह है कि पटाखा दुकान स्थल से कुछ ही दूरी पर लोगों द्वारा खुलेआम पटाखे फोड़े जा रहे हैं। इस तरह की लापरवाही कभी भी किसी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है। पटाखों की दुकानों के आसपास ज्वलनशील सामग्री एवं बड़ी मात्रा में विस्फोटक प्रकृति के पटाखों की मौजूदगी के बीच पटाखे फोड़ना न केवल बेहद खतरनाक है, बल्कि वहां मौजूद दुकानदारों, ग्राहकों, बच्चों, महिलाओं और आम नागरिकों की जान को भी गंभीर खतरे में डाल सकता है।
दीपावली खुशियों, रोशनी और उत्साह का पर्व है, लेकिन उत्सव के नाम पर सुरक्षा नियमों की अनदेखी किसी भी स्थिति में उचित नहीं कही जा सकती। पटाखा दुकानों के समीप यदि कोई व्यक्ति अनजाने में भी जलता हुआ पटाखा या चिंगारी छोड़ देता है और वह किसी दुकान अथवा पटाखों के भंडारण तक पहुंच जाती है, तो आग तेजी से फैल सकती है। ऐसी स्थिति में एक छोटी-सी लापरवाही भी बड़े अग्निकांड और जान-माल के भारी नुकसान का कारण बन सकती है।
दुकानों के आसपास पटाखे फोड़ना गंभीर सुरक्षा चूक
हाई स्कूल मैदान में पटाखा दुकानों के लिए निर्धारित स्थल पर बड़ी संख्या में लोग पटाखों की खरीदारी करने पहुंचते हैं। यहां बच्चों और परिवारों की भी काफी आवाजाही रहती है। ऐसे संवेदनशील एवं भीड़भाड़ वाले स्थान पर पटाखा दुकानों के आसपास ही पटाखे फोड़ना बेहद चिंताजनक है। इससे न केवल आग लगने का खतरा बना रहता है, बल्कि पटाखों से निकलने वाली चिंगारी, धुआं और तेज आवाज से आसपास खड़े लोगों को चोट पहुंचने की आशंका भी बनी रहती है।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब पटाखा दुकानों का संचालन एक निर्धारित स्थल पर किया जा रहा है, तो उसी स्थल के आसपास पटाखे फोड़ने की गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए पर्याप्त निगरानी क्यों नहीं की जा रही है? क्या किसी बड़ी दुर्घटना के घटित होने के बाद ही प्रशासन सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीरता दिखाएगा?
जिला एवं पुलिस प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग
नगरवासियों ने जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन एवं संबंधित अधिकारियों से मांग की है कि हाई स्कूल मैदान में जहां पटाखा दुकानों का संचालन किया जा रहा है, वहां पटाखे फोड़ने पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाया जाए। दुकान परिसर के आसपास स्पष्ट रूप से प्रतिबंधित क्षेत्र निर्धारित कर बैरिकेडिंग की व्यवस्था की जाए तथा आम नागरिकों को भी इस संबंध में जागरूक किया जाए।
इसके साथ ही पुलिस बल एवं प्रशासनिक कर्मचारियों की नियमित तैनाती कर यह सुनिश्चित किया जाए कि कोई भी व्यक्ति पटाखा दुकानों के समीप पटाखे न फोड़ सके। नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध तत्काल कार्रवाई की जाए, ताकि सुरक्षा व्यवस्था केवल कागजों तक सीमित न रहकर धरातल पर भी दिखाई दे।
अग्निशमन एवं आपातकालीन सुरक्षा व्यवस्था भी हो सुनिश्चित
पटाखा दुकानों के निर्धारित स्थल पर अग्निशमन यंत्र, पानी, रेत एवं अन्य आवश्यक अग्नि सुरक्षा संसाधनों की पर्याप्त व्यवस्था होनी चाहिए। किसी भी आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए अग्निशमन दल की त्वरित उपलब्धता, आपातकालीन निकास मार्ग तथा भीड़ नियंत्रण की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जानी चाहिए। साथ ही दुकानों के बीच निर्धारित सुरक्षित दूरी, बिजली की सुरक्षित व्यवस्था और पटाखों के सुरक्षित भंडारण संबंधी नियमों का भी कड़ाई से पालन कराया जाना आवश्यक है।
सुरक्षा में लापरवाही नहीं, प्रशासन समय रहते उठाए ठोस कदम
नगरवासियों का कहना है कि दीपावली का पर्व प्रत्येक परिवार के लिए खुशियां लेकर आए, न कि किसी परिवार के लिए जीवनभर का दुख और अपूरणीय क्षति। प्रशासन की जिम्मेदारी केवल पटाखा दुकानों के लिए स्थल निर्धारित करने तक सीमित नहीं है, बल्कि वहां नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना भी उतना ही आवश्यक है।
यदि समय रहते पटाखा दुकानों के आसपास पटाखे फोड़ने पर प्रभावी प्रतिबंध नहीं लगाया गया और सुरक्षा नियमों का पालन नहीं कराया गया, तो किसी अप्रिय घटना की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
अतः जिला प्रशासन एवं पुलिस प्रशासन से पुरजोर आग्रह है कि हाई स्कूल मैदान स्थित पटाखा दुकान स्थल के आसपास पटाखे फोड़ने पर तत्काल पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाए, नियमित निगरानी रखी जाए तथा सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए।
क्योंकि किसी भी त्योहार की खुशी से बढ़कर नागरिकों का जीवन और उनकी सुरक्षा है। प्रशासन की थोड़ी-सी सतर्कता किसी बड़ी दुर्घटना को रोक सकती है और अनेक परिवारों की खुशियां सुरक्षित रख सकती है।
