हास्य, व्यंग्य और श्रृंगार की कविताओं से गूंज उठा ऋषभ विद्योदय महाविद्यालय
‘अ लाफ्टर बकेट’ कवि सम्मेलन में देश के ख्याति प्राप्त कवियों ने बांधा समां, छात्र-छात्राओं ने जमकर उठाया कविताओं का आनंद
अकलतरा – श्री ऋषभ विद्योदय महाविद्यालय बनाहिल में आयोजित ‘अ लाफ्टर बकेट’ कवि सम्मेलन में हास्य, व्यंग्य, श्रृंगार, प्रेम, शिक्षा एवं छत्तीसगढ़ की संस्कृति से जुड़ी कविताओं की ऐसी रंगारंग प्रस्तुति हुई कि महाविद्यालय परिसर देर तक तालियों और ठहाकों से गूंजता रहा। देश के विभिन्न शहरों से पहुंचे ख्याति प्राप्त कवियों एवं कवयित्री ने अपनी सशक्त रचनाओं से छात्र-छात्राओं का मनोरंजन करने के साथ उन्हें सामाजिक सरोकारों, शिक्षा, संस्कृति एवं जीवन के विभिन्न पहलुओं से भी रूबरू कराया।
कार्यक्रम की शुरुआत सूरत से आईं देश की ख्याति प्राप्त कवयित्री सोनल जैन द्वारा मां सरस्वती की वंदना के साथ की गई। इसके बाद उन्होंने श्रृंगार रस, प्रेम एवं हास्य-व्यंग्य से ओतप्रोत कविताओं की प्रभावशाली प्रस्तुति दी। उनकी रचनाओं में प्रेम की कोमल अनुभूति के साथ भावनाओं की गहराई दिखाई दी। उनकी प्रस्तुति पर छात्र-छात्राओं ने जमकर तालियां बजाईं और कवयित्री का उत्साहवर्धन किया।
सोनल जैन ने अपनी भावपूर्ण रचनाओं के माध्यम से रिश्तों, प्रेम और जीवन की अनुभूतियों को शब्दों में पिरोया। उनकी कविताओं की प्रस्तुति ने जहां श्रोताओं को भावुक किया, वहीं हास्य-व्यंग्य की रचनाओं ने पूरे परिसर में हंसी और उल्लास का वातावरण निर्मित कर दिया।
हास्य-व्यंग्य के तीरों से गुदगुदाया –
कवि सम्मेलन का संचालन कर रहे हास्य कवि बंशीधर मिश्रा ने अपनी चुटीली एवं व्यंग्यात्मक रचनाओं से श्रोताओं को खूब गुदगुदाया। उन्होंने रोजगार गारंटी योजना, महिला सशक्तिकरण योजना एवं स्मार्ट कार्ड योजना जैसे सामाजिक विषयों को हास्य-व्यंग्य के माध्यम से प्रस्तुत किया। उनकी व्यंग्य रचनाओं में सामाजिक एवं व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर तीखी टिप्पणी भी देखने को मिली।
भ्रष्टाचार को लेकर प्रस्तुत उनकी कविता पर सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। गंभीर सामाजिक विषयों को हास्य के माध्यम से प्रस्तुत करने की उनकी शैली ने छात्र-छात्राओं को विशेष रूप से प्रभावित किया।
हीरामणि वैष्णव की प्रेम और हास्य से भरपूर प्रस्तुति
कोरबा से आए हास्य कवि हीरामणि वैष्णव ने अपनी विशिष्ट हास्य शैली से कवि सम्मेलन में रंग जमा दिया। उन्होंने प्रेम, युवा मन और आधुनिक जीवनशैली से जुड़े प्रसंगों पर हास्यपूर्ण कविताएं प्रस्तुत कीं। उनकी चुटीली पंक्तियों पर छात्र-छात्राएं ठहाके लगाते रहे और लगातार तालियों से उनका उत्साह बढ़ाते रहे।
उनकी प्रेम एवं सौंदर्य पर आधारित हास्य रचना ने विशेष रूप से युवाओं का ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने अपनी प्रस्तुति के माध्यम से प्रेम और आधुनिक फैशन को हास्य के अंदाज में जोड़ते हुए श्रोताओं को खूब हंसाया।
शिक्षा और कौशल का संदेश दे गई मयंक शर्मा की कविता –
दुर्ग से पहुंचे कवि मयंक शर्मा ने शिक्षा एवं जीवन में कौशल के महत्व को अपनी कविता के माध्यम से प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। उन्होंने विद्यार्थियों को संदेश देते हुए कहा कि जीवन में जितना अधिक पढ़ेंगे, उतना ही ज्ञान और अनुभव बढ़ेगा। उन्होंने शिक्षा के साथ कौशल को आवश्यक बताते हुए युवाओं को केवल डिग्री तक सीमित नहीं रहने बल्कि अपने भीतर व्यावहारिक दक्षता विकसित करने की प्रेरणा दी।
उनकी रचनाओं में युवाओं के सपनों, शिक्षा और वर्तमान प्रतिस्पर्धात्मक दौर की वास्तविकताओं को हास्य के साथ प्रस्तुत किया गया। उनकी प्रस्तुति पर भी छात्र-छात्राओं ने खूब तालियां बजाईं।
छत्तीसगढ़ महतारी और लोक संस्कृति पर झूम उठे श्रोता –
मुंबई से आए ख्याति प्राप्त कवि एकाग्र शर्मा ने अपनी प्रभावशाली प्रस्तुति से कवि सम्मेलन को नई ऊंचाई प्रदान की। उन्होंने “सुबह सुनहरी, शाम सुनहरी, सबसे प्यारी, सबसे न्यारी छत्तीसगढ़ महतारी” जैसी भावपूर्ण पंक्तियों के माध्यम से छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक सुंदरता, लोक संस्कृति, परंपरा एवं विरासत का मनोहारी चित्र प्रस्तुत किया।
उन्होंने छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति और यहां की समृद्ध परंपराओं पर एक से बढ़कर एक कविताएं प्रस्तुत कीं। उनकी रचनाओं में छत्तीसगढ़ की माटी की खुशबू, लोक जीवन की सरलता और सांस्कृतिक विरासत की झलक दिखाई दी। उनकी प्रस्तुति के दौरान श्रोताओं में विशेष उत्साह देखने को मिला और पूरा सभागार तालियों से गूंज उठा।
विद्यार्थियों के लिए मनोरंजन के साथ सीख का भी अवसर
‘अ लाफ्टर बकेट’ कवि सम्मेलन केवल मनोरंजन का माध्यम ही नहीं रहा, बल्कि विद्यार्थियों के लिए साहित्य, कविता, हास्य, व्यंग्य और सामाजिक सरोकारों को समझने का महत्वपूर्ण अवसर भी बना। देश के अलग-अलग क्षेत्रों से आए कवियों की विविध शैलियों ने छात्र-छात्राओं को हिंदी साहित्य की विभिन्न विधाओं और कविता की प्रभावशाली प्रस्तुति से परिचित कराया।
कभी हास्य और ठहाकों से परिसर गूंजा तो कभी प्रेम और श्रृंगार की कविताओं ने वातावरण को भावुक बनाया। वहीं शिक्षा, भ्रष्टाचार, महिला सशक्तिकरण और छत्तीसगढ़ की संस्कृति पर प्रस्तुत रचनाओं ने विद्यार्थियों को सामाजिक एवं सांस्कृतिक विषयों पर सोचने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम के समापन अवसर पर महाविद्यालय प्रबंधन समिति की ओर से आमंत्रित सभी कवियों का स्मृति चिन्ह, शाल एवं श्रीफल भेंट कर सम्मान किया गया। अतिथियों एवं कवियों ने महाविद्यालय प्रबंधन द्वारा आयोजित इस साहित्यिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास के साथ उनमें साहित्य एवं संस्कृति के प्रति रुचि उत्पन्न करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
जनप्रतिनिधि एवं महाविद्यालय परिवार रहा उपस्थित –
कवि सम्मेलन में विधायक राघवेंद्र कुमार सिंह, संस्था के संचालक डॉ. जे.के. जैन, सचिव अंकित जैन, महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. शिखा सिंह, वीरेंद्र जैन, प्रतिपाल सिंह, अम्बरीष सिंह बैस, सौरभ जैन, शैलेंद्र श्रीवास, राजकुमार साहू, यशपाल चौबे सहित महाविद्यालय के प्राध्यापक, कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने कवियों की प्रस्तुतियों का भरपूर आनंद लिया और प्रत्येक प्रस्तुति पर तालियों एवं ठहाकों से कवियों का उत्साहवर्धन किया। ख्याति प्राप्त कवियों की शानदार प्रस्तुतियों के साथ आयोजित यह कवि सम्मेलन छात्र-छात्राओं के लिए लंबे समय तक यादगार बना रहा।















