वरिष्ठ नागरिक मंच की मासिक बैठक सम्पन्न
मन की अवस्थाओं एवं ज्ञान योग पर हुई सारगर्भित चर्चा, नगर की समस्याओं को लेकर पालिका में ज्ञापन सौंपने का निर्णय लिया गया 
अकलतरा – वरिष्ठ नागरिक मंच अकलतरा की मासिक बैठक कुंवर भुवन भास्कर सिंह माध्यमिक विद्यालय परिसर स्थित मंच के कार्यालय भवन में गरिमामय एवं आत्मीय वातावरण में आयोजित हुई। बैठक में मंच के सदस्यों ने सामाजिक सरोकारों, आध्यात्मिक चिंतन, साहित्यिक अभिरुचियों तथा नगर की मूलभूत समस्याओं पर विस्तारपूर्वक चर्चा की। बैठक में वरिष्ठ नागरिकों ने नगरहित से जुड़े विभिन्न मुद्दों को प्रमुखता से उठाते हुए उनके निराकरण के लिए आवश्यक पहल करने का निर्णय लिया।
बैठक का शुभारंभ मंच के अध्यक्ष रामेन्द्र सिंह चौहान द्वारा सरस्वती वंदना की प्रस्तुति के साथ हुआ। इसके पश्चात संतराम साहू ने हारमोनियम पर हनुमान चालीसा का पाठ प्रस्तुत किया। वहीं महेश बनाफर ने भजन की मनोहारी प्रस्तुति देकर वातावरण को भक्तिमय बना दिया।
हिन्दी दिवस पर हुआ काव्य पाठ –
बैठक में हिन्दी दिवस के अवसर पर हिन्दी भाषा के प्रति सम्मान एवं साहित्यिक अभिरुचि को अभिव्यक्त करते हुए मंच के सदस्यों द्वारा स्वरचित कविताओं का पाठ भी किया गया। रामेन्द्र सिंह चौहान, रमेश सोनी, दशरथ नामदेव एवं छेदीलाल शर्मा ने हिन्दी दिवस के उपलक्ष्य में रचित अपनी कविताओं का पाठ किया। कविताओं के माध्यम से हिन्दी भाषा की महत्ता, उसकी समृद्ध साहित्यिक परंपरा तथा समाज में उसके महत्व को रेखांकित किया गया।
जन्मदिन पर धनाराम साहू का सम्मान –
बैठक के दौरान सितम्बर माह में जन्म लेने वाले मंच के सदस्य धनाराम साहू का शाल एवं श्रीफल भेंट कर सम्मान किया गया। उपस्थित सदस्यों ने उन्हें जन्मदिन की शुभकामनाएं देते हुए उनके स्वस्थ, सुखी एवं दीर्घायु जीवन की कामना की। इस अवसर पर मंच के सदस्यों ने कहा कि वरिष्ठ नागरिकों के बीच इस प्रकार के आत्मीय आयोजन आपसी स्नेह, सम्मान एवं सामाजिक जुड़ाव को और मजबूत करते हैं।
मन की उत्पत्ति और उसकी अवस्थाओं पर हुआ ज्ञानवर्धक विमर्श –
बैठक का प्रमुख आकर्षण अध्यक्ष रामेन्द्र सिंह चौहान द्वारा मन की उत्पत्ति, उसके कारण, माध्यम एवं कार्य तथा जागृत, स्वप्न और सुषुप्ति अवस्थाओं से संबंधित ज्ञान योग पर दिया गया सारगर्भित वक्तव्य रहा। उन्होंने मन की प्रकृति एवं उसकी विभिन्न अवस्थाओं को समझाते हुए बताया कि भारतीय दर्शन में मन को समझने और उसे नियंत्रित करने की प्रक्रिया को आत्मिक उन्नति से जोड़ा गया है।
उन्होंने महर्षि पतंजलि द्वारा प्रतिपादित मन की पांच अवस्थाओं—क्षिप्त, विक्षिप्त, मूढ़, एकाग्र एवं निरोध के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मन की चंचल एवं अस्थिर अवस्था से आगे बढ़ते हुए साधक एकाग्रता की ओर अग्रसर होता है। एकाग्र अवस्था में ध्यान की उपलब्धि को सम्प्रज्ञात योग अर्थात साकार साधना से जोड़ा गया, जबकि मन के पूर्ण निरोध की अवस्था में प्राप्त उपलब्धि को असम्प्रज्ञात योग अर्थात निराकार साधना बताया गया।
उन्होंने कहा कि मन की प्रकृति को समझना आत्मचिंतन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। मन की चंचलता पर नियंत्रण तथा एकाग्रता का विकास व्यक्ति को मानसिक शांति एवं आत्मिक उन्नति की ओर ले जाता है। उपस्थित सदस्यों ने इस ज्ञानवर्धक चर्चा को गंभीरता से सुना और विषय पर अपने विचार भी साझा किए।
नगर की समस्याओं को लेकर पालिका में ज्ञापन देने का निर्णय –
बैठक में आध्यात्मिक एवं साहित्यिक गतिविधियों के साथ-साथ नगर की मूलभूत समस्याओं को लेकर भी गंभीर चर्चा हुई, वरिष्ठ नागरिकों ने विशेष रूप से शाम होते ही नगर के मुख्य मार्गों एवं ओवरब्रिज पर छा जाने वाले अंधेरे की समस्या को उठाया, सदस्यों ने कहा कि पर्याप्त एवं व्यवस्थित प्रकाश व्यवस्था नहीं होने से राहगीरों, वाहन चालकों तथा विशेषकर वरिष्ठ नागरिकों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ता है।
इसके साथ ही नगर की साफ-सफाई व्यवस्था को दुरुस्त करने, सार्वजनिक स्थलों की नियमित सफाई कराने तथा नगर की अन्य नागरिक समस्याओं के निराकरण की आवश्यकता पर भी चर्चा की गई। बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि इन समस्याओं को लेकर वरिष्ठ नागरिक मंच के प्रतिनिधिमंडल द्वारा नगर पालिका कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा जाएगा तथा संबंधित अधिकारियों से समस्याओं के शीघ्र निराकरण की मांग की जाएगी।
वरिष्ठ नागरिक मंच ने स्पष्ट किया कि नगर की मूलभूत सुविधाएं बेहतर होना प्रत्येक नागरिक की आवश्यकता है और इन मुद्दों को संबंधित विभाग के समक्ष प्रभावी ढंग से उठाया जाएगा।
बैठक में रामभरोस कैवर्त, धनाराम साहू, भरत सिंह चंदेल, महेश बनाफर, गजेंद्र नाथ सोनी, धारी सिंह, सरस्वती लाल वस्त्रकार, घनश्याम राजवाड़े, दरस यादव, टी.आर. देवांगन, जय कुमार अग्रवाल, बजरंग लाल जायसवाल सहित वरिष्ठ नागरिक मंच के सदस्य बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
बैठक के दौरान जहां आध्यात्मिक चिंतन, भजन एवं काव्य पाठ के माध्यम से सदस्यों ने अपनी साहित्यिक एवं सांस्कृतिक अभिरुचि का परिचय दिया, वहीं नगर की समस्याओं को लेकर सामूहिक रूप से आवाज उठाने का निर्णय लेकर मंच ने अपने सामाजिक सरोकारों के प्रति प्रतिबद्धता भी व्यक्त की।













