अकलतरा में दस दिवसीय आत्मरक्षा, कराटे एवं दंड चालन प्रशिक्षण शिविर का शुभारंभ
महिलाओं और बच्चों को आत्मनिर्भर एवं आत्मविश्वासी बनाने की अभिनव पहल, 19 अक्टूबर तक चलेगा प्रशिक्षण शिविर
नगर पालिका अध्यक्ष दीप्ति सारथी ने की आयोजन की सराहना, महिलाओं, युवतियों एवं बच्चों ने उत्साहपूर्वक लिया हिस्सा
अकलतरा – वर्तमान समय में महिलाओं एवं बच्चों की सुरक्षा, आत्मविश्वास और शारीरिक दक्षता को बढ़ावा देना समाज की महत्वपूर्ण आवश्यकता बन गया है। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए मातृऋण सेवा संस्थान यूथ इंडिया क्लब, अकलतरा द्वारा दस दिवसीय आत्मरक्षा, कराटे एवं दंड चालन प्रशिक्षण शिविर का शुभारंभ हुआ, यह प्रशिक्षण शिविर 10 अक्टूबर से 19 अक्टूबर तक नगर के भगत सिंह पब्लिक स्कूल द्वारा संचालित ब्रेनी बियर प्री-स्कूल एंड एक्टिविटी क्लब में आयोजित किया जा रहा है। शिविर के माध्यम से नगर की महिलाओं, युवतियों, बालक-बालिकाओं एवं बच्चों को आत्मरक्षा के व्यावहारिक तरीके सिखाने के साथ उनमें आत्मविश्वास, अनुशासन, साहस और विपरीत परिस्थितियों का सामना करने की क्षमता विकसित करने का प्रयास किया जा रहा है।
इस प्रशिक्षण शिविर का शुभारंभ सामाजिक जागरूकता एवं महिला सशक्तीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। शिविर का उद्देश्य केवल कराते अथवा शारीरिक प्रशिक्षण तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रतिभागियों को इस योग्य बनाना भी है कि वे आवश्यकता पड़ने पर अपनी सुरक्षा के प्रति सजग रहें और कठिन परिस्थितियों में धैर्य एवं सूझबूझ के साथ निर्णय ले सकें।
दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ कार्यक्रम का शुभारंभ – 
प्रशिक्षण शिविर के उद्घाटन समारोह में नगर पालिका परिषद अकलतरा अध्यक्ष श्रीमती दीप्ति सारथी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं, कार्यक्रम की अध्यक्षता वेलविशर फाउंडेशन, अकलतरा की कोषाध्यक्ष श्रीमती रंजना सिंह ने की।
विशिष्ट अतिथियों के रूप में भगत सिंह पब्लिक स्कूल द्वारा संचालित प्री-स्कूल एंड एक्टिविटी क्लब, अकलतरा के डायरेक्टर श्रीपाल सिंह बैस, वार्ड क्रमांक 11 की पार्षद श्रीमती शेख सितारा टण्डन, वार्ड क्रमांक 12 के पार्षद पुरुषोत्तम नामदेव, युवा समाजसेवी अविनाश साहू, वेलविशर फाउंडेशन के सचिव चिराग शर्मा, युवा समाजसेवी दीपक साहू, संस्था के संरक्षक अनुराग प्रेम सोनी तथा वरिष्ठ चार्टर्ड अकाउंटेंट राहुल दोशी उपस्थित रहे। इस अवसर पर विद्यालय की शिक्षिका सुश्री शीतल सिंह की भी उपस्थिति रही।
कार्यक्रम का शुभारंभ भारत माता एवं मां सरस्वती के तैलचित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। दीप प्रज्ज्वलन के साथ ही शिविर के प्रशिक्षण सत्रों की औपचारिक शुरुआत हुई। उपस्थित अतिथियों ने इस पहल को समाज के लिए उपयोगी बताते हुए आयोजक संस्था के प्रयासों की सराहना की।
कार्यक्रम का संचालन संस्था के सचिव दुलेचंद साहू ने किया। संस्था के अध्यक्ष मन्नू थवाईत ने स्वागत उद्बोधन देते हुए अतिथियों का अभिनंदन किया तथा शिविर के उद्देश्यों एवं प्रशिक्षण की उपयोगिता पर प्रकाश डाला।
अनुभवी प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन में सीखेंगे आत्मरक्षा के गुर – 
दस दिवसीय प्रशिक्षण शिविर में प्रतिभागियों को आत्मरक्षा, कराते एवं दंड चालन का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रशिक्षण की जिम्मेदारी अनुभवी प्रशिक्षकों को सौंपी गई है, जो प्रतिभागियों को उनकी क्षमता एवं प्रशिक्षण के स्तर के अनुरूप आवश्यक तकनीकों से परिचित करा रहे हैं।
शिविर में आत्मरक्षा एवं कराटे प्रशिक्षक मास्टर विशाल पाटले, ब्लैक बेल्ट चतुर्थ डान, प्रशिक्षक मास्टर चंदराम बरेठ, ब्लैक बेल्ट प्रथम डान तथा प्रशिक्षक एवं स्वयंसेवक पार्थदेव चौधरी द्वारा प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है।
शिविर के प्रारंभिक सत्र में प्रशिक्षकों ने प्रतिभागियों को आत्मरक्षा, कराते एवं दंड चालन की बुनियादी जानकारी दी। इसके साथ ही प्रशिक्षण की प्रारंभिक प्रक्रिया, शारीरिक संतुलन, सतर्कता, अनुशासन और आत्मरक्षा के लिए आवश्यक मूलभूत कौशलों से अवगत कराया गया।
प्रशिक्षण का उद्देश्य प्रतिभागियों को चरणबद्ध तरीके से आत्मरक्षा की तकनीकों से परिचित कराना है, ताकि वे नियमित अभ्यास के माध्यम से अपने कौशल को विकसित कर सकें, कराटे जैसे मार्शल आर्ट के अभ्यास से शारीरिक सक्रियता, एकाग्रता और आत्मानुशासन को बढ़ावा मिलता है, जबकि आत्मरक्षा का प्रशिक्षण किसी अप्रत्याशित परिस्थिति में स्वयं को सुरक्षित रखने के प्रति जागरूकता विकसित करने में सहायक होता है।
महिलाओं और युवतियों के आत्मविश्वास को मिलेगी नई मजबूती
आज के दौर में महिलाओं और युवतियों के लिए शिक्षा एवं सामाजिक भागीदारी के साथ अपनी सुरक्षा के प्रति जागरूक रहना भी आवश्यक है। आत्मरक्षा का प्रशिक्षण उन्हें शारीरिक रूप से सक्षम बनाने के साथ मानसिक रूप से मजबूत बनने की दिशा में भी प्रेरित करता है।
मातृऋण सेवा संस्थान यूथ इंडिया क्लब द्वारा आयोजित इस शिविर में महिलाओं एवं युवतियों की सहभागिता विशेष महत्व रखती है। प्रशिक्षण के माध्यम से उन्हें अपनी सुरक्षा के प्रति सजग रहने, जोखिमपूर्ण परिस्थितियों को पहचानने तथा आवश्यकता पड़ने पर आत्मरक्षा के बुनियादी उपायों का उपयोग करने के लिए तैयार करने का प्रयास किया जा रहा है।
इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम महिलाओं एवं युवतियों में आत्मविश्वास बढ़ाने, झिझक दूर करने और अपने भीतर छिपी क्षमताओं को पहचानने का अवसर प्रदान करते हैं। साथ ही, यह संदेश भी देते हैं कि सुरक्षा के प्रति जागरूकता और आत्मनिर्भरता प्रत्येक व्यक्ति के जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा होना चाहिए।
बच्चों में अनुशासन, साहस और एकाग्रता विकसित करने पर जोर
शिविर में बालक-बालिकाओं एवं बच्चों की भागीदारी भी उत्साहजनक रही। बचपन से ही कराते एवं आत्मरक्षा का प्रशिक्षण मिलने से बच्चों में शारीरिक सक्रियता, नियमित अभ्यास, अनुशासन, धैर्य और एकाग्रता जैसी सकारात्मक आदतों को प्रोत्साहन मिल सकता है।
प्रशिक्षण के दौरान बच्चों को शारीरिक गतिविधियों के साथ आत्मविश्वास एवं संयम का महत्व समझाने पर जोर दिया जा रहा है। आत्मरक्षा का प्रशिक्षण उन्हें यह सीखने में भी सहायता करता है कि किसी कठिन अथवा असुरक्षित परिस्थिति में घबराने के बजाय सतर्कता बरतना, सुरक्षित स्थान की ओर जाना और आवश्यकता पड़ने पर विश्वसनीय वयस्कों से सहायता लेना कितना महत्वपूर्ण है।
इस दृष्टि से शिविर बच्चों के शारीरिक विकास के साथ उनके व्यक्तित्व निर्माण की दिशा में भी उपयोगी पहल साबित हो सकता है।
मुख्य अतिथि दीप्ति सारथी ने की आयोजन की सराहना – 
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि एवं नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती दीप्ति सारथी ने आत्मरक्षा, कराते एवं दंड चालन प्रशिक्षण शिविर की सराहना करते हुए इसके महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में महिलाओं, युवतियों एवं बच्चों को आत्मरक्षा के प्रति जागरूक बनाना आवश्यक है। इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम लोगों को अपनी सुरक्षा के प्रति सजग बनाने के साथ उनमें आत्मविश्वास और साहस विकसित करने में सहायक होते हैं।
उन्होंने शिविर से संबंधित विभिन्न विषयों पर अपने विचार व्यक्त किए तथा आयोजकों एवं प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन किया। उन्होंने प्रशिक्षण के दौरान अनुशासन, नियमित अभ्यास और प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन का पालन करने के महत्व पर भी मार्गदर्शन प्रदान किया।
मुख्य अतिथि ने इस तरह की पहल को सामाजिक दृष्टि से उपयोगी बताते हुए प्रशिक्षण शिविर के सफल संचालन के लिए शुभकामनाएं दीं।
अतिथियों ने बताया समाज के लिए उपयोगी पहल –
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहीं वेलविशर फाउंडेशन, अकलतरा की कोषाध्यक्ष श्रीमती रंजना सिंह सहित मंचस्थ अतिथियों ने भी अपने उद्बोधन में आत्मरक्षा प्रशिक्षण की आवश्यकता पर विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा केवल परिवार अथवा किसी एक संस्था की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसके लिए समाज के सभी वर्गों को जागरूकता के साथ आगे आना चाहिए।
वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि बच्चों एवं युवाओं को शिक्षा के साथ शारीरिक दक्षता, आत्मविश्वास और अनुशासन से जोड़ना समय की आवश्यकता है। आत्मरक्षा प्रशिक्षण शिविर इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
अतिथियों ने आयोजक संस्था के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रमों से समाज में सकारात्मक संदेश जाता है तथा अधिक से अधिक लोगों को आत्मरक्षा के प्रति जागरूक होने की प्रेरणा मिलती है।
सामाजिक सहभागिता से मजबूत होगा सुरक्षा का संदेश
शिविर के उद्घाटन अवसर पर संस्था के उपाध्यक्ष राजा पाण्डेय, कोषाध्यक्ष दुर्गेश राठौर तथा सह-सचिव सोमदेव पाण्डेय सहित संस्था के पदाधिकारी, सदस्य, प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राएं और नगरवासी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में उपस्थित लोगों की सहभागिता से यह स्पष्ट हुआ कि नगर में महिलाओं एवं बच्चों की सुरक्षा, शारीरिक दक्षता और व्यक्तित्व विकास से जुड़े आयोजनों के प्रति सकारात्मक रुचि है। इस तरह के कार्यक्रमों को नियमित रूप से प्रोत्साहित किया जाए तो अधिक से अधिक लोगों को आत्मरक्षा प्रशिक्षण से जोड़ने का अवसर मिल सकता है।
मातृऋण सेवा संस्थान यूथ इंडिया क्लब की यह पहल सामाजिक जागरूकता के साथ नागरिकों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रयास है। प्रशिक्षण शिविर के माध्यम से प्रतिभागियों को अपनी क्षमताओं को पहचानने, अनुशासन के साथ अभ्यास करने और आत्मरक्षा के प्रति सजग रहने का अवसर मिल रहा है।
19 अक्टूबर तक चलेगा प्रशिक्षण शिविर –
उल्लेखनीय है कि यह दस दिवसीय आत्मरक्षा, कराते एवं दंड चालन प्रशिक्षण शिविर 10 अक्टूबर से प्रारंभ होकर 19 अक्टूबर तक संचालित होगा, इस दौरान प्रतिभागियों को प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन में प्रशिक्षण प्राप्त करने का अवसर मिलेगा।
शिविर का व्यापक उद्देश्य महिलाओं, युवतियों एवं बच्चों में आत्मविश्वास, साहस, अनुशासन और आत्मरक्षा की क्षमता विकसित करना है। साथ ही, उन्हें शारीरिक रूप से सक्रिय रहने तथा अपनी सुरक्षा के प्रति जिम्मेदार एवं जागरूक बनने के लिए प्रेरित करना भी इस पहल का महत्वपूर्ण पक्ष है।
कुल मिलाकर, अकलतरा में आयोजित यह प्रशिक्षण शिविर केवल दस दिनों का कार्यक्रम नहीं, बल्कि आत्मविश्वास, आत्मनिर्भरता और सुरक्षित समाज की दिशा में एक सार्थक प्रयास है। यदि ऐसे आयोजनों को निरंतर प्रोत्साहन मिलता है, तो नगर के अधिकाधिक बच्चे, युवा और महिलाएं आत्मरक्षा के महत्व को समझते हुए स्वयं को अधिक सक्षम बनाने की दिशा में आगे बढ़ सकेंगे।
