नवरात्रि पर्व को लेकर अकलतरा थाना में शांति समिति की बैठक आयोजित
दुर्गा पंडालों में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने के निर्देश, प्रवेश एवं निकास के लिए अलग-अलग व्यवस्था सुनिश्चित करने पर जोर
अकलतरा – शक्ति की आराधना के महापर्व शारदीय नवरात्रि को शांतिपूर्ण, सौहार्दपूर्ण एवं सुरक्षित वातावरण में संपन्न कराने के उद्देश्य से पुलिस थाना अकलतरा में शांति समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में नवरात्रि पर्व के दौरान नगर में कानून-व्यवस्था बनाए रखने, दुर्गा प्रतिमाओं की स्थापना, पूजा पंडालों में श्रद्धालुओं की सुरक्षा, भीड़ नियंत्रण तथा धार्मिक आयोजनों को व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
बैठक में तहसीलदार अविनाश चौहान एवं थाना प्रभारी जय कुमार साहू ने नवरात्रि पर्व के दौरान विशेष सतर्कता बरतने पर जोर देते हुए दुर्गा उत्सव समितियों से सुरक्षा व्यवस्था को प्राथमिकता देने की अपील की। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि धार्मिक आस्था और जनसहभागिता से जुड़े इस महत्वपूर्ण पर्व के दौरान श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो तथा सभी आयोजन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हों, इसके लिए आयोजन समितियों और प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय आवश्यक है।
दुर्गा पंडालों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष निर्देश – 
बैठक में दुर्गा पंडालों में सुरक्षा के समुचित प्रबंध सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया, तहसीलदार अविनाश चौहान ने कहा कि नवरात्रि के दौरान दुर्गा पंडालों में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं का आगमन होता है। सुबह से लेकर देर रात तक माता के दर्शन, पूजा-अर्चना और विभिन्न धार्मिक कार्यक्रमों में श्रद्धालु शामिल होते हैं। ऐसे में भीड़ का दबाव बढ़ने की स्थिति को ध्यान में रखते हुए प्रत्येक दुर्गा उत्सव समिति को पहले से ही आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करनी चाहिए।
पंडालों में श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए पर्याप्त स्थान, व्यवस्थित आवागमन तथा भीड़ को नियंत्रित करने की व्यवस्था पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए। आयोजकों को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा गया कि पंडालों में आने वाले श्रद्धालुओं को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े और किसी भी आपात स्थिति में सुरक्षित बाहर निकलने का रास्ता उपलब्ध रहे।
प्रवेश एवं निकास के लिए अलग-अलग व्यवस्था अनिवार्य – 
बैठक में दुर्गा पंडालों में प्रवेश एवं निकास के लिए अलग-अलग मार्ग निर्धारित करने के निर्देश को विशेष महत्व दिया गया, थाना प्रभारी जयकुमार साहू ने कहा कि भीड़भाड़ वाले स्थानों पर प्रवेश और निकास का एक ही रास्ता होने से अव्यवस्था की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। विशेषकर आरती, पूजा-अर्चना और अन्य प्रमुख धार्मिक आयोजनों के दौरान श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने पर ऐसी स्थिति परेशानी का कारण बन सकती है।
इसे ध्यान में रखते हुए आयोजन समितियों को पंडालों की संरचना एवं उपलब्ध स्थान के अनुसार प्रवेश और निकास के अलग-अलग मार्ग निर्धारित करने, रास्तों को बाधामुक्त रखने तथा श्रद्धालुओं की आवाजाही को व्यवस्थित बनाए रखने के निर्देश दिए गए।
इसके साथ ही पंडालों में संभावित भीड़ को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा संबंधी अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं पर भी ध्यान देने की बात कही गई, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से बचा जा सके।
प्रशासन और पुलिस की सतर्कता से शांतिपूर्ण आयोजन पर जोर –
तहसीलदार अविनाश सिंह चौहान एवं थाना प्रभारी जय कुमार साहू ने नवरात्रि पर्व के दौरान आपसी सहयोग, सामाजिक सद्भाव और कानून-व्यवस्था बनाए रखने की आवश्यकता पर जोर दिया। अधिकारियों का कहना था कि धार्मिक पर्व हमारी आस्था, परंपरा और सामाजिक एकता के प्रतीक हैं। ऐसे आयोजनों को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने में प्रशासन और पुलिस के साथ-साथ दुर्गा उत्सव समितियों तथा नगरवासियों की भी महत्वपूर्ण भूमिका होती है।
उन्होंने आयोजन समितियों से अपील की कि वे प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का गंभीरता से पालन करें और सुरक्षा व्यवस्था में किसी प्रकार की लापरवाही न बरतें। पर्व के दौरान अनुशासन बनाए रखने, श्रद्धालुओं की सुविधा का ध्यान रखने तथा किसी भी समस्या की स्थिति में पुलिस एवं प्रशासन को तत्काल जानकारी देने पर भी जोर दिया गया।
श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता –
नवरात्रि के दौरान अकलतरा नगर में विभिन्न स्थानों पर मां दुर्गा की प्रतिमाएं स्थापित की जाती हैं। इन पंडालों में प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचकर माता की पूजा-अर्चना करते हैं। धार्मिक कार्यक्रमों, आरती और दर्शन के दौरान भीड़ बढ़ने की संभावना को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था का प्रभावी होना आवश्यक है।
ऐसे में शांति समिति की बैठक को नवरात्रि पर्व की तैयारियों की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। बैठक के माध्यम से दुर्गा उत्सव समितियों को स्पष्ट संदेश दिया गया कि धार्मिक उत्साह के साथ सुरक्षा और व्यवस्था का भी पूरा ध्यान रखा जाए। पंडालों में प्रवेश एवं निकास की समुचित व्यवस्था, भीड़ का प्रबंधन और प्रशासन के निर्देशों का पालन शांतिपूर्ण आयोजन के प्रमुख आधार होंगे।
सामूहिक जिम्मेदारी से सफल होगा नवरात्रि पर्व –
नवरात्रि केवल धार्मिक अनुष्ठान का पर्व नहीं, बल्कि सामाजिक एकता, आपसी सद्भाव और सांस्कृतिक परंपराओं को मजबूत करने का अवसर भी है। इस दौरान नगर में उत्सव का वातावरण बना रहता है और विभिन्न आयु वर्ग के लोग माता के दर्शन के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में प्रत्येक आयोजन समिति और नागरिक का दायित्व है कि वे सुरक्षा नियमों का पालन करते हुए पर्व की गरिमा बनाए रखें।
पुलिस थाना अकलतरा में आयोजित शांति समिति की बैठक के माध्यम से प्रशासन ने स्पष्ट किया कि नवरात्रि पर्व के दौरान शांति, सुरक्षा और सुव्यवस्था बनाए रखने के लिए सभी संबंधित पक्षों का सहयोग आवश्यक है। दुर्गा पंडालों में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम, प्रवेश एवं निकास के लिए अलग-अलग मार्ग तथा श्रद्धालुओं की सुविधा को प्राथमिकता देकर पर्व को शांतिपूर्ण और व्यवस्थित रूप से संपन्न कराने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं।
संदेश स्पष्ट है—आस्था के साथ अनुशासन, उत्सव के साथ सुरक्षा और सामूहिक सहयोग से ही नवरात्रि पर्व की वास्तविक गरिमा बनी रहेगी, बैठक में दुर्गा पूजा उत्सव समिति के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
