दस लक्षण महापर्व में 10 उपवास करने वाले आठ साधकों का भव्य पारणा संस्कार
10 दिनों तक 24 घंटे में केवल एक बार जल ग्रहण कर की कठिन साधना, शोभायात्रा के साथ हुआ पारणा संस्कार 
अकलतरा – दस लक्षण महापर्व के पावन अवसर पर अकलतरा में जैन धर्म की साधना, तप और आत्मसंयम का अद्भुत दृश्य देखने को मिला। नगर में विराजमान निर्यापक श्रवण मुनि श्री 108 प्रसाद सागर महाराज एवं मुनि श्री 108 शीतल सागर महाराज के मंगल सानिध्य एवं आशीर्वाद में जैन समाज के आठ साधकों ने लगातार 10 दिनों तक उपवास कर कठिन तपस्या पूर्ण की। इस तपस्या के पूर्ण होने पर जैन समाज द्वारा महावीर स्कूल प्रांगण में श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ पारणा संस्कार का आयोजन किया गया।
दस दिनों तक उपवास करने वाले साधकों में नितिन जैन, अधिवक्ता अमिताभ जैन, सौरभ चौधरी, श्रीमती आकांक्षा जैन, श्रीमती प्रज्ञा जैन, श्रीमती पूजा जैन, एडवोकेट समिधा जैन एवं कुमारी ओमी जैन शामिल रहीं। इन सभी तपस्वियों ने दस दिनों तक जैन धर्म की कठिन तप-साधना का पालन करते हुए अपने आत्मबल, संयम और धर्मनिष्ठा का परिचय दिया।
जैन मंदिर से निकली भव्य पारणा शोभायात्रा –
10 उपवास पूर्ण होने के पश्चात जैन मंदिर से तपस्वियों की पारणा शोभायात्रा निकाली गई। श्रद्धालु भक्तिभाव के साथ शोभायात्रा में शामिल हुए। शोभायात्रा बजरंग चौक एवं शास्त्री चौक होते हुए महावीर स्कूल प्रांगण पहुंची, जहां तपस्वियों के पारणा संस्कार का मुख्य कार्यक्रम आयोजित किया गया।
महावीर स्कूल प्रांगण में समाज के लोगों ने तपस्वियों का सम्मान करते हुए उन्हें पारणा कराया। दस दिनों की कठिन तपस्या पूर्ण करने के बाद जब तपस्वियों ने पारणा किया तो उपस्थित समाजजनों में विशेष उत्साह और श्रद्धा का वातावरण निर्मित हो गया। समाज के लोगों ने तपस्वियों को पानी एवं अन्य निर्धारित खाद्य पदार्थ ग्रहण कराकर पारणा कराया।
16 वर्षों से लगातार कर रहे हैं 10 उपवास – 
10 उपवास पूर्ण करने वाले नितिन जैन ने बताया कि वे पिछले 16 वर्षों से लगातार दस लक्षण महापर्व के अवसर पर 10 उपवास करते आ रहे हैं। इस दौरान वे नियमित रूप से धर्म-ध्यान एवं आत्मसाधना में संलग्न रहते हैं। उन्होंने कहा कि नगर में विराजमान निर्यापक श्रवण मुनि श्री 108 प्रसाद सागर महाराज एवं मुनि श्री 108 शीतल सागर महाराज के मंगल आशीर्वाद से इस वर्ष भी उनकी 10 उपवास की साधना सफलतापूर्वक पूर्ण हुई।
पांच वर्षों से तपस्या कर रहीं आकांक्षा जैन – 
श्रीमती आकांक्षा जैन ने बताया कि वे पिछले 5 वर्षों से लगातार दस उपवास करती आ रही हैं। उन्होंने कहा कि श्री 1008 मुनिसुव्रतनाथ भगवान के आशीर्वाद एवं धर्म के प्रति आस्था से इस वर्ष भी 10 उपवास आनंदपूर्वक पूर्ण हुए।
शिक्षिका रहते हुए प्रज्ञा जैन ने पूरी की कठिन साधना – 
श्रीमती प्रज्ञा जैन विद्यालय में शिक्षिका के रूप में अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हुए प्रतिदिन विद्यार्थियों को अध्यापन कराने के साथ धर्म और साधना के मार्ग पर भी निरंतर आगे बढ़ रही हैं। उन्होंने अपने नियमित दायित्वों के साथ 10 दिनों की कठिन तपस्या पूर्ण कर समाज के समक्ष संयम, अनुशासन और धर्मनिष्ठा की प्रेरणादायी मिसाल प्रस्तुत की।
समिधा जैन सहित अन्य तपस्वियों ने भी पूर्ण की साधना – 
एडवोकेट समिधा जैन ने भी लगातार 10 उपवास पूर्ण करते हुए जैन धर्म की साधना और आत्मसंयम का परिचय दिया। वहीं अधिवक्ता अमिताभ जैन, सौरभ चौधरी, श्रीमती पूजा जैन एवं कुमारी ओमी जैन ने भी धर्म-ध्यान एवं कठोर संयम का पालन करते हुए दस दिनों की तपस्या सफलतापूर्वक पूर्ण की।
24 घंटे में केवल एक बार जल ग्रहण कर दस दिनों की तपस्या –
जैन समाज के अध्यक्ष राजेश जैन एवं सचिव रूपेश जैन ने बताया कि दस लक्षण महापर्व के दौरान 10 उपवास करना अत्यंत कठिन साधना मानी जाती है। जैन धर्म की निर्धारित तप-साधना के अनुसार इन दस दिनों में साधक अनाज एवं फल सहित सामान्य खाद्य पदार्थों का सेवन नहीं करते तथा 24 घंटे में केवल एक बार जल ग्रहण करते हुए उपवास की साधना पूर्ण करते हैं, लगातार दस दिनों तक इस प्रकार संयम, अनुशासन और आत्मनियंत्रण का पालन करना तपस्वियों की दृढ़ इच्छाशक्ति एवं धर्म के प्रति समर्पण को दर्शाता है।
उन्होंने कहा कि समाज के आठ लोगों द्वारा दस दिनों तक निरंतर उपवास पूर्ण करना पूरे जैन समाज के लिए गौरव का विषय है। तपस्वियों के सम्मान एवं उनके तप की अनुमोदना के लिए पारणा संस्कार को विशेष रूप से आयोजित किया गया।
समाजजनों ने की तपस्वियों की अनुमोदना
कार्यक्रम के दौरान जैन समाज के लोगों ने तपस्वियों के प्रति श्रद्धा व्यक्त करते हुए उनकी तपस्या की अनुमोदना की। दस दिनों तक कठिन संयम का पालन करने वाले साधकों के पारणा संस्कार के अवसर पर बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित रहे। पूरे कार्यक्रम में धार्मिक वातावरण बना रहा और उपस्थित श्रद्धालुओं ने तपस्वियों के प्रति अपनी श्रद्धा एवं सम्मान प्रकट किया।
इस अवसर पर जैन समाज के उपाध्यक्ष विमल जैन, कोषाध्यक्ष सुबोध जैन, सहसचिव राजा जैन, शैलेश जैन, अभय जैन, वीरेंद्र जैन, सुभाष जैन, विनोद जैन, सुशील जैन, सुनील जैन, शरद जैन, राकेश जैन, प्रदीप जैन, बबलू जैन, मदत्ती जैन, संजय जैन, विजय किशोर जैन, निशांत जैन, दीपक जैन, रितेश जैन, अयन जैन, सौरभ जैन, डॉ. शशांक जैन, श्रीनिकेत जैन, अनिकेत जैन, साकेत जैन, रवि खिलोसिया सहित जैन समाज के बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
तप, त्याग और आत्मसंयम की प्रेरक मिसाल –
दस लक्षण महापर्व के दौरान आठ साधकों द्वारा लगातार दस दिनों तक उपवास पूर्ण करना अकलतरा जैन समाज में धर्म, तप, त्याग और आत्मसंयम की परंपरा को मजबूत करने वाला अवसर रहा। पारणा संस्कार के माध्यम से समाज ने न केवल तपस्वियों का सम्मान किया, बल्कि उनके कठिन तप की अनुमोदना करते हुए धर्म और संयम के मार्ग पर आगे बढ़ने का संदेश भी दिया।
नगर में विराजमान मुनि श्री 108 प्रसाद सागर महाराज एवं मुनि श्री 108 शीतल सागर महाराज के मंगल सानिध्य में संपन्न इस आयोजन ने दस लक्षण महापर्व की धार्मिक गरिमा को और अधिक प्रभावशाली बना दिया।
