एनएसएस के एक दिवसीय विशेष शिविर में श्रमदान और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों की धूम, विद्यार्थियों ने दिया स्वच्छता एवं समाज सेवा का संदेश
जिला पंचायत अध्यक्ष सत्यलता मिरी ने विद्यार्थियों को किया प्रेरित, बोलीं—समाज सेवा, अनुशासन और शिक्षा जीवन को बनाते हैं सार्थक
कटनई के सिद्धदेव पहरिया पाठ मां भगवती दुर्गा मंदिर परिसर में आयोजित हुआ शिविर, ‘मैं नहीं, आप’ के सेवा भाव से विद्यार्थियों ने लिया सामाजिक जिम्मेदारी निभाने का संकल्प
अकलतरा -शारदीय नवरात्रि के पावन अवसर पर आस्था, सेवा, संस्कार और सामाजिक जागरूकता का अनुपम संगम ग्राम कटनई के प्रसिद्ध सिद्धदेव पहरिया पाठ स्थित मां भगवती दुर्गा मंदिर परिसर में देखने को मिला। स्व. जी.डी. दीवान उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कटनई एवं मां गायत्री संस्कृत उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कटनई के संयुक्त तत्वावधान में राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) का एक दिवसीय विशेष शिविर आयोजित किया गया। शिविर में विद्यार्थियों ने श्रमदान कर स्वच्छता का संदेश दिया, वहीं रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया। पूरे आयोजन में धार्मिक आस्था के साथ-साथ समाज सेवा, सामूहिक सहभागिता, अनुशासन और पर्यावरण संरक्षण की भावना प्रमुखता से दिखाई दी।
कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती सत्यलता मिरी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं। उन्होंने मां भगवती दुर्गा की पूजा-अर्चना कर क्षेत्रवासियों के सुख, शांति, समृद्धि और खुशहाली की कामना की। उनके आगमन से कार्यक्रम में उत्साह का वातावरण बना रहा। जनप्रतिनिधियों, शिक्षकों, विद्यार्थियों, आयोजन समिति के सदस्यों और ग्रामीणों की सहभागिता ने शिविर को सामाजिक चेतना एवं जनभागीदारी का महत्वपूर्ण अवसर बना दिया।
श्रमदान के माध्यम से दिया स्वच्छता ही सेवा का संदेश
शिविर का प्रमुख उद्देश्य विद्यार्थियों में समाज सेवा की भावना विकसित करना तथा उन्हें अपने आसपास के वातावरण को स्वच्छ एवं सुंदर बनाए रखने के लिए प्रेरित करना रहा। इस दौरान राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवकों ने मंदिर परिसर और पहाड़ी क्षेत्र में श्रमदान कर स्वच्छता अभियान चलाया। विद्यार्थियों ने सामूहिक रूप से श्रम करते हुए यह संदेश दिया कि धार्मिक स्थलों की पवित्रता बनाए रखना केवल प्रबंधन समिति की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक श्रद्धालु और नागरिक का भी कर्तव्य है।
श्रमदान जैसी गतिविधियां विद्यार्थियों को किताबी ज्ञान से आगे बढ़कर व्यावहारिक जीवन के मूल्यों से जोड़ती हैं। जब विद्यार्थी स्वयं आगे आकर सार्वजनिक स्थलों की सफाई करते हैं, तो उनमें श्रम के प्रति सम्मान, सामूहिक सहयोग और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना मजबूत होती है। शिविर के माध्यम से विद्यार्थियों ने यह प्रेरक संदेश दिया कि स्वच्छता केवल एक दिन का अभियान नहीं, बल्कि नियमित जीवनशैली का हिस्सा होनी चाहिए।
नवरात्रि के दौरान मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की आवाजाही और धार्मिक गतिविधियों के बीच स्वच्छता का यह प्रयास विशेष महत्व रखता है। स्वयंसेवकों की सक्रिय भागीदारी ने ‘स्वच्छता ही सेवा’ के संकल्प को व्यवहार में उतारने का सराहनीय उदाहरण प्रस्तुत किया।
जिला पंचायत अध्यक्ष सत्यलता मिरी ने बढ़ाया विद्यार्थियों का उत्साह –
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती सत्यलता मिरी ने मां भगवती दुर्गा की पूजा-अर्चना के पश्चात अपने उद्बोधन में राष्ट्रीय सेवा योजना के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ-साथ समाज सेवा, अनुशासन और मानवीय मूल्यों को अपने जीवन में अपनाने के लिए प्रेरित किया।
उन्होंने विद्यार्थियों को जीवन में लक्ष्य निर्धारित कर निरंतर आगे बढ़ने, शिक्षा के प्रति गंभीर रहने और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को समझने का संदेश दिया। एनएसएस जैसी गतिविधियां विद्यार्थियों को समाज की वास्तविक परिस्थितियों से परिचित कराती हैं और उनमें जरूरतमंदों की सहायता करने, सामूहिक रूप से कार्य करने तथा राष्ट्र निर्माण में योगदान देने की भावना विकसित करती हैं।
उन्होंने मां भगवती दुर्गा से सभी के जीवन में सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना करते हुए विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम में उनकी उपस्थिति ने विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया और समाज सेवा के कार्यों में निरंतर भागीदारी के लिए प्रेरित किया।
‘मैं नहीं, आप’—एनएसएस का ध्येय वाक्य बना प्रेरणा का आधार –
कार्यक्रम में ग्राम पंचायत कटनई के सरपंच रेशम लाल मार्बल एवं सूरज प्रकाश साहू विशेष रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने भी विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए मन लगाकर पढ़ाई करने, अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहने तथा जीवन में अच्छे संस्कार अपनाने की प्रेरणा दी।
उन्होंने राष्ट्रीय सेवा योजना के ध्येय वाक्य ‘मैं नहीं, आप’ की भावना को रेखांकित करते हुए बताया कि सच्ची शिक्षा वही है, जिसमें व्यक्ति अपने हित के साथ-साथ दूसरों की जरूरतों और कल्याण के बारे में भी सोचता है। दूसरों की सहायता करना, समाज के प्रति संवेदनशील रहना और सामूहिक हित को प्राथमिकता देना ही सेवा भावना का वास्तविक स्वरूप है।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना केवल एक कार्यक्रम या औपचारिक गतिविधि नहीं, बल्कि जीवन में सेवा, सहयोग और जिम्मेदारी के संस्कार विकसित करने का माध्यम है। यह विद्यार्थियों को सिखाती है कि शिक्षा और डिग्री प्राप्त करने के साथ-साथ देश एवं समाज के प्रति अपने दायित्वों को निभाना भी उतना ही आवश्यक है।
एनएसएस विद्यार्थियों को जीवन की चुनौतियों को समझने, अनुशासन में रहने, मिल-जुलकर काम करने और समाज के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करने का अवसर प्रदान करती है। ऐसे शिविरों से विद्यार्थियों में नेतृत्व क्षमता, आत्मविश्वास और मानवीय संवेदनाओं का विकास होता है।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों में विद्यार्थियों ने दिखाई प्रतिभा-
एक दिवसीय विशेष शिविर के अंतर्गत रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया गया। इसमें शासकीय पूर्व माध्यमिक विद्यालय कटनई के विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और मनमोहक प्रस्तुतियों से उपस्थित जनसमूह का ध्यान आकर्षित किया।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम में उत्साह और उल्लास का वातावरण निर्मित किया। विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर मिला, वहीं उपस्थित अतिथियों एवं ग्रामीणों ने भी उनका उत्साहवर्धन किया। शिक्षा के साथ सांस्कृतिक गतिविधियों का समावेश विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इससे उनकी रचनात्मकता, मंच पर प्रस्तुति देने का आत्मविश्वास और सामूहिक सहभागिता की भावना मजबूत होती है।
शारदीय नवरात्रि के पावन अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम ने धार्मिक वातावरण को सांस्कृतिक रंगों से समृद्ध किया। सेवा कार्यों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के समन्वय ने शिविर को विद्यार्थियों के लिए प्रेरणादायक एवं यादगार बनाया।
पहरिया पाठ को धार्मिक एवं सांस्कृतिक केंद्र के रूप में विकसित करने की पहल-
कार्यक्रम के दौरान संचालक समिति के सदस्य चंद्रिका कुमार ने पहरिया पाठ स्थल के महत्व और इसके विकास से जुड़ी योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि ग्राम कटनई और यह स्थल राष्ट्रीय सेवा योजना के प्रमुख केंद्र एवं गोद ग्राम के रूप में गौरवपूर्ण पहचान रखते हैं। यहां धार्मिक आस्था, सामाजिक सहभागिता और सांस्कृतिक गतिविधियों को प्रोत्साहित करते हुए स्थल को विकसित करने का प्रयास किया जा रहा है।
उन्होंने जानकारी दी कि भविष्य में इस स्थल पर भगवान विष्णु के 24 अवतारों तथा भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों की स्थापना की योजना है। इस पहल का उद्देश्य स्थल को धार्मिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों के महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में विकसित करना है, जिससे श्रद्धालुओं और ग्रामीणों की सहभागिता बढ़ सके।
पहरिया पाठ मां भगवती दुर्गा मंदिर क्षेत्र की धार्मिक आस्था से जुड़ा महत्वपूर्ण स्थल है। यहां आयोजित एनएसएस शिविर ने इस स्थान को समाज सेवा, स्वच्छता और सांस्कृतिक चेतना से जोड़ने का अवसर प्रदान किया। धार्मिक स्थलों पर स्वच्छता, सेवा और जनभागीदारी की गतिविधियां स्थानीय समुदाय को सकारात्मक कार्यों के लिए एकजुट करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।
अतिथियों एवं शिक्षकों का श्रीफल भेंटकर सम्मान
कार्यक्रम के दौरान मुख्य अतिथि सहित उपस्थित अतिथियों और शिक्षकों का श्रीफल भेंटकर सम्मान किया गया। इस अवसर पर आयोजन से जुड़े सदस्यों ने अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त किया। विद्यार्थियों के उत्साह, शिक्षकों के मार्गदर्शन और ग्रामीणों की सहभागिता ने कार्यक्रम को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
शिविर में रामेश्वर साहू, जी.पी. पाटले, अनिल इंगले, पदमा पटेल, पुष्पा उइके, उमाशंकर मरकाम, पार्वती साहू, स्वर्णा तिवारी, ग्रामीण महिला मोर्चा की महामंत्री पूर्णिमा कश्यप सहित पहरिया पाठ समिति के सदस्य चंद्रिका कुमार कश्यप, नरेश राम, दीपक कुमार, प्रेमलाल कश्यप, हनुमान राजकुमार पटेल, श्रीकुमार, शुक्रवार, राजू कश्यप एवं अनंद राम सहित बड़ी संख्या में ग्रामवासी उपस्थित रहे।
सेवा, संस्कार और सामाजिक जिम्मेदारी का संदेश देकर सम्पन्न हुआ शिविर
कटनई के सिद्धदेव पहरिया पाठ में आयोजित राष्ट्रीय सेवा योजना का यह एक दिवसीय विशेष शिविर विद्यार्थियों को समाज सेवा के वास्तविक अर्थ से परिचित कराने वाला आयोजन रहा। श्रमदान के माध्यम से स्वच्छता का संदेश, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से प्रतिभा का प्रदर्शन तथा अतिथियों के मार्गदर्शन से शिक्षा एवं अनुशासन की प्रेरणा—इन सभी गतिविधियों ने कार्यक्रम को सार्थक बनाया।
शिविर ने यह संदेश दिया कि विद्यार्थियों का दायित्व केवल पढ़ाई तक सीमित नहीं है, बल्कि उन्हें अपने गांव, नगर, पर्यावरण और समाज के विकास में भी सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए। जब युवा पीढ़ी सेवा, सहयोग और जिम्मेदारी की भावना के साथ आगे आती है, तभी सामाजिक परिवर्तन की मजबूत नींव तैयार होती है।
‘मैं नहीं, आप’ की भावना को आत्मसात करते हुए विद्यार्थियों ने यह प्रेरणा दी कि दूसरों के हित के लिए कार्य करना, सार्वजनिक स्थलों को स्वच्छ रखना और समाज के प्रति अपने कर्तव्यों का निर्वहन करना ही सच्ची शिक्षा और जागरूक नागरिकता की पहचान है। इसी सेवा भावना के संदेश के साथ कटनई में आयोजित एनएसएस का एक दिवसीय विशेष शिविर यादगार एवं प्रेरणादायक रहा।

