जीवन निर्वाह भत्ता समिति की मासिक बैठक में भूविस्थापितों के हितों से जुड़े कई मुद्दों पर चर्चा
जीवन निर्वाह भत्ता समिति की मासिक बैठक संपन्न, भूविस्थापितों के पेंशन सहित विभिन्न लंबित मांगों पर हुई विस्तृत चर्चा
अकलतरा – जेएसडब्ल्यू महानदी पावर प्लांट नरियरा से जुड़े आठ भूविस्थापित ग्रामों के जीवन निर्वाह भत्ता समिति (पेंशन) के सदस्यों की मासिक बैठक संपन्न हुई। बैठक में भूविस्थापित किसानों एवं पेंशनधारियों से जुड़े कई महत्वपूर्ण एवं लंबे समय से लंबित विषयों पर विस्तारपूर्वक चर्चा की गई। बैठक में विशेष रूप से पेंशन भुगतान में आ रही विसंगति, भूविस्थापित परिवारों के बीमा, आजीवन जीवन निर्वाह भत्ता, दीपावली बोनस, स्वास्थ्य सुविधाओं की पुनर्बहाली तथा बच्चों की शिक्षा संबंधी मांगों को प्रमुखता से उठाया गया।
बैठक में सदस्यों ने बताया कि विगत माह का जीवन निर्वाह भत्ता कुछ पेंशनधारियों के एसबीआई बैंक खातों में पहुंच गया है, जबकि अन्य बैंकों में खाते रखने वाले कई पेंशनधारियों के खातों में अब तक राशि जमा नहीं हुई है। इसको लेकर सदस्यों ने चिंता व्यक्त करते हुए भुगतान व्यवस्था में पारदर्शिता एवं सभी पेंशनधारियों को समय पर समान रूप से जीवन निर्वाह भत्ता उपलब्ध कराने की मांग रखी। समिति ने इस मामले को कंपनी प्रबंधन के समक्ष प्रमुखता से रखने का निर्णय लिया।
बैठक में भूविस्थापित किसानों की लंबे समय से लंबित परिवार बीमा की बहुप्रतीक्षित मांग पर भी गंभीरता से चर्चा हुई। सदस्यों ने कहा कि प्लांट के लिए अपनी जमीन एवं संसाधन देने वाले भूविस्थापित परिवारों के सामाजिक एवं आर्थिक हितों की सुरक्षा के लिए परिवार बीमा जैसी सुविधा अत्यंत महत्वपूर्ण है। समिति द्वारा इस मांग को कंपनी प्रबंधन के समक्ष प्रभावी ढंग से रखने का निर्णय लिया गया।
इसी क्रम में जीवन निर्वाह भत्ता आजीवन दिए जाने की मांग को लेकर भी सदस्यों ने अपनी बात रखी। समिति के सदस्यों का कहना था कि भूविस्थापितों को रोजगार के विकल्प के रूप में दिया जाने वाला जीवन निर्वाह भत्ता उनके परिवारों के लिए महत्वपूर्ण आर्थिक सहारा है। इसलिए इस सुविधा को निरंतर एवं आजीवन जारी रखने की दिशा में ठोस पहल की जानी चाहिए।
बैठक में भूविस्थापित पेंशनधारियों को भी कंपनी के कर्मचारियों की तरह दीपावली के अवसर पर बोनस दिए जाने की मांग उठाई गई। सदस्यों ने कहा कि जब कंपनी में कार्यरत कर्मचारियों को त्योहार के अवसर पर विशेष लाभ प्रदान किए जाते हैं, तो भूविस्थापित परिवारों के हितों को ध्यान में रखते हुए जीवन निर्वाह भत्ता प्राप्त करने वाले पेंशनधारियों के लिए भी दीपावली बोनस की व्यवस्था की जानी चाहिए। इस संबंध में समिति के सदस्यों ने कंपनी के अधिकारियों से दूरभाष पर चर्चा की, जिस पर अधिकारियों ने जल्द ही बैठक कर इस विषय पर चर्चा करने की सहमति जताई।
भूविस्थापित गांवों में स्वास्थ्य सुविधा पुनः शुरू करने की मांग –
बैठक में भूविस्थापित आठ आश्रित ग्रामों में पूर्व में उपलब्ध कराई जाने वाली स्वास्थ्य सुविधाओं को पुनः प्रारंभ करने की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई। सदस्यों ने बताया कि पूर्व में प्लांट प्रबंधन द्वारा इन ग्रामों में एंबुलेंस, चिकित्सक एवं स्वास्थ्य कर्मचारियों की सुविधा के साथ स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए जाते थे, जिसमें ग्रामीणों का स्वास्थ्य परीक्षण करने के साथ आवश्यक दवाइयों का वितरण भी किया जाता था। किसी कारणवश यह व्यवस्था वर्तमान में बाधित है।
समिति ने मांग की कि भूविस्थापित एवं आश्रित ग्रामों में पहले की तरह नियमित स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए जाएं तथा एंबुलेंस, चिकित्सक, जांच एवं दवा वितरण सहित आवश्यक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं, ताकि ग्रामीणों को सामान्य उपचार के लिए दूर नहीं जाना पड़े।
भूविस्थापित बच्चों की शिक्षा पर भी उठी मांग –
बैठक में शिक्षा से जुड़ा महत्वपूर्ण मुद्दा भी सामने आया। सदस्यों ने बताया कि कंपनी द्वारा निर्धारित स्कूलों में अध्ययनरत भूविस्थापित परिवारों के बच्चों की फीस का भुगतान किया जा रहा है। समिति ने मांग रखी कि अन्य स्कूलों में अध्ययनरत भूविस्थापित किसानों के बच्चों की फीस की सुविधा भी कंपनी द्वारा प्रदान की जानी चाहिए।
सदस्यों का कहना था कि वर्तमान समय में बच्चों की शिक्षा पर होने वाला खर्च लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में भूविस्थापित परिवारों के बच्चों की शिक्षा को प्राथमिकता देते हुए स्कूल की सीमा के बजाय पात्रता के आधार पर फीस संबंधी सुविधा उपलब्ध कराई जानी चाहिए।
नॉमिनी परिवर्तन सहित कई स्थानीय समस्याओं पर चर्चा –
बैठक के दौरान भूविस्थापित पेंशनधारियों की व्यक्तिगत एवं पारिवारिक समस्याओं पर भी चर्चा की गई। कई सदस्यों ने नॉमिनी परिवर्तन से संबंधित समस्याएं रखीं। इसके अलावा जिन परिवारों में पति-पत्नी के अलग-अलग कार्ड बने हुए हैं, उन्हें नियमानुसार अलग-अलग जीवन निर्वाह भत्ता दिए जाने की मांग भी समिति के समक्ष रखी गई।
समिति ने कहा कि भूविस्थापितों से संबंधित ऐसी कई समस्याएं हैं, जिनका निराकरण कंपनी प्रबंधन के स्तर पर किया जाना आवश्यक है। बैठक में सामने आए सभी मुद्दों एवं मांगों को व्यवस्थित रूप से संकलित कर आगामी दिनों में जेएसडब्ल्यू महानदी पावर प्लांट प्रबंधन के समक्ष रखा जाएगा।
समिति के सदस्यों ने कहा कि भूविस्थापित परिवारों ने प्लांट की स्थापना के लिए अपनी जमीन देकर क्षेत्र के औद्योगिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। ऐसे में उनके हितों, सुविधाओं और लंबित मांगों पर कंपनी प्रबंधन द्वारा संवेदनशीलता के साथ विचार करते हुए समयबद्ध समाधान किया जाना आवश्यक है।
बैठक में पेंशन भुगतान की समस्या से लेकर स्वास्थ्य, शिक्षा, बीमा, आजीवन जीवन निर्वाह भत्ता, दीपावली बोनस, नॉमिनी परिवर्तन एवं पति-पत्नी के अलग-अलग कार्ड संबंधी विषयों तक विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। समिति ने सभी मांगों को आगामी चर्चा में कंपनी प्रबंधन के समक्ष मजबूती से रखने और भूविस्थापित परिवारों के हित में सकारात्मक समाधान की दिशा में पहल जारी रखने का निर्णय लिया।
