झूलेलाल चालीहो महोत्सव के 16वें दिन गूंजा सत्संग का संदेश
साईंकृष्ण दास ने बताया चालीहो महोत्सव का धार्मिक एवं आध्यात्मिक महत्व, मंगल आरती में उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब
अकलतरा – सिंधी समाज की आस्था, श्रद्धा एवं सांस्कृतिक परंपराओं का प्रतीक झूलेलाल चालीहो महोत्सव इन दिनों पूरे उत्साह, उमंग और भक्तिभाव के साथ मनाया जा रहा है, महोत्सव के 16वें दिन धार्मिक एवं आध्यात्मिक वातावरण के बीच साईं कृष्ण दास के सत्संग का आयोजन किया गया, सत्संग के दौरान भगवान झूलेलाल की महिमा एवं चालीहो महोत्सव के धार्मिक महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला गया,
सत्संग में साईंकृष्ण दास ने कहा कि झूलेलाल चालीहो महोत्सव सिंधी समाज की आस्था और सनातन परंपराओं से गहराई से जुड़ा हुआ पर्व है, यह महोत्सव केवल धार्मिक अनुष्ठान तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज को एकजुटता, सेवा, सद्भाव, संस्कार और आध्यात्मिक चेतना का संदेश भी देता है। उन्होंने श्रद्धालुओं से भगवान झूलेलाल के आदर्शों को अपने जीवन में आत्मसात करने तथा समाज में प्रेम, भाईचारे और परस्पर सहयोग की भावना को मजबूत करने का आह्वान किया।
सत्संग के दौरान बड़ी संख्या में समाज के श्रद्धालु उपस्थित रहे और भक्ति एवं आध्यात्मिक विचारों में तल्लीन नजर आए। धार्मिक वातावरण में भगवान झूलेलाल के जयकारों से आयोजन स्थल गुंजायमान रहा। श्रद्धालुओं ने पूरे भक्तिभाव के साथ सत्संग का श्रवण किया।
मंगल आरती में शामिल हुए समाजजन –
महोत्सव के 16वें दिन आयोजित मंगल आरती में सिंधी समाज के लोगों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता निभाई। श्रद्धालुओं ने भगवान झूलेलाल की आरती कर परिवार एवं समाज की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना की। आरती के दौरान पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया और श्रद्धालुओं ने सामूहिक रूप से भगवान झूलेलाल का स्मरण किया।
भंडारे में श्रद्धालुओं ने ग्रहण किया प्रसाद
धार्मिक आयोजन के पश्चात समाज की ओर से भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में समाज के लोगों एवं श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। सेवा एवं समर्पण की भावना के साथ समाज के सदस्यों ने भंडारे की व्यवस्था में सहयोग किया। श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण कर आयोजन की सराहना की।
आस्था और एकता का केंद्र बना चालीहो महोत्सव
झूलेलाल चालीहो महोत्सव का आयोजन दिनोंदिन भव्य रूप लेता जा रहा है। महोत्सव के विभिन्न धार्मिक कार्यक्रमों में सिंधी समाज के महिला, पुरुष, युवा एवं बच्चे उत्साह के साथ शामिल हो रहे हैं। धार्मिक आयोजनों के साथ-साथ समाज में आपसी भाईचारे और सामाजिक एकता को बढ़ावा देने का संदेश भी दिया जा रहा है।
महोत्सव के 16वें दिन आयोजित सत्संग, मंगल आरती एवं भंडारे ने आयोजन को और अधिक भक्तिमय एवं गरिमामय बना दिया। श्रद्धालुओं में भगवान झूलेलाल के प्रति गहरी आस्था और उत्साह देखने को मिला। धार्मिक आस्था, सामाजिक एकता और सेवा भावना के संगम के रूप में झूलेलाल चालीहो महोत्सव पूरे उत्साह के साथ आगे बढ़ रहा है, कार्यक्रम में समाज के लोग बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
