नवमी पर नवयुवक दुर्गा उत्सव समिति ने श्रद्धालुओं को बांटा प्रसाद, 43 वर्षों से निभा रही है सेवा और आस्था की परंपरा
शास्त्री चौक में सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक चला प्रसाद वितरण 
अकलतरा – नगर में शारदीय नवरात्रि का पर्व श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ मनाया गया। नवमी के पावन अवसर पर नगर के शास्त्री चौक में नवयुवक दुर्गा उत्सव समिति द्वारा सेवा और समर्पण की अनूठी मिसाल पेश करते हुए मार्ग से आने-जाने वाले श्रद्धालुओं एवं राहगीरों को प्रसाद का वितरण किया गया। समिति की ओर से सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक सब्जी, पूरी और खीर का वितरण किया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। धार्मिक आस्था से जुड़े इस सेवा कार्य ने नवरात्रि के वातावरण को और अधिक भक्तिमय बना दिया।
नवमी के अवसर पर शास्त्री चौक में आयोजित प्रसाद वितरण कार्यक्रम के माध्यम से समिति के सदस्यों ने मां दुर्गा के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त करते हुए सेवा और सद्भाव का संदेश दिया। सुबह से ही प्रसाद वितरण की व्यवस्था प्रारंभ हो गई थी, जो शाम तक लगातार जारी रही। मार्ग से गुजरने वाले श्रद्धालुओं, राहगीरों और अन्य लोगों को सम्मानपूर्वक प्रसाद वितरित किया गया। सब्जी, पूरी और खीर के प्रसाद को लेकर लोगों में उत्साह दिखाई दिया। समिति के सदस्यों ने पूरे मनोयोग से इस सेवा कार्य में भागीदारी निभाई।
43 वर्षों से दुर्गा उत्सव की परंपरा को आगे बढ़ा रही समिति –
नवयुवक दुर्गा उत्सव समिति की विशेष पहचान नगर में धार्मिक आयोजनों के साथ-साथ सेवा और सामाजिक सहभागिता के लिए भी रही है। समिति द्वारा शास्त्री चौक में विगत 43 वर्षों से लगातार दुर्गा उत्सव का आयोजन किया जा रहा है। वर्षों से चली आ रही यह परंपरा नगर की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुकी है। प्रत्येक वर्ष नवरात्रि के दौरान समिति द्वारा मां दुर्गा की आराधना और दुर्गा उत्सव को धूमधाम से मनाया जाता है।
समिति की यह दीर्घकालीन परंपरा केवल धार्मिक आयोजन तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके माध्यम से नगरवासियों को आपसी सहयोग, सामाजिक एकता और सेवा भावना से जुड़ने का अवसर भी मिलता है। नवमी के दिन श्रद्धालुओं के लिए प्रसाद वितरण इसी परंपरा की एक महत्वपूर्ण कड़ी है। समिति द्वारा प्रतिवर्ष इस अवसर पर सब्जी, पूरी और खीर का प्रसाद वितरित किया जाता है, जिसमें सदस्यगण उत्साहपूर्वक अपनी सहभागिता निभाते हैं।
श्रद्धालुओं की सेवा को बताया परंपरा का अभिन्न हिस्सा-
आयोजन समिति के गिरधारी कमानिया एवं विनोद द्विवेदी ने बताया कि नवयुवक दुर्गा उत्सव समिति द्वारा प्रत्येक वर्ष नवमी के पावन अवसर पर मार्ग से आने-जाने वाले श्रद्धालुओं को सब्जी, पूरी और खीर का प्रसाद वितरित किया जाता है। यह सेवा कार्य सुबह से लेकर शाम तक चलता है, जिसमें समिति के सदस्य पूरी निष्ठा के साथ अपनी जिम्मेदारी निभाते हैं।
उन्होंने बताया कि समिति द्वारा विगत 43 वर्षों से शास्त्री चौक में दुर्गा उत्सव का आयोजन किया जा रहा है। प्रत्येक वर्ष उत्साह और श्रद्धा के साथ मां दुर्गा की आराधना की जाती है तथा विभिन्न धार्मिक गतिविधियों के माध्यम से पर्व को धूमधाम से मनाया जाता है। नवमी पर प्रसाद वितरण का उद्देश्य श्रद्धालुओं की सेवा करना और धार्मिक पर्व की खुशियों को सभी के साथ साझा करना है।
धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक एकता का संदेश-
नवरात्रि का पर्व शक्ति की उपासना, श्रद्धा, सेवा और सद्भाव का प्रतीक माना जाता है। ऐसे अवसरों पर सार्वजनिक रूप से प्रसाद वितरण जैसे आयोजन समाज में सहयोग और भाईचारे की भावना को मजबूत करते हैं। नवयुवक दुर्गा उत्सव समिति द्वारा आयोजित प्रसाद वितरण कार्यक्रम में इसी भावना की झलक देखने को मिली। समिति के सदस्यों ने सामूहिक रूप से व्यवस्था संभालते हुए श्रद्धालुओं तक प्रसाद पहुंचाया।
शास्त्री चौक नगर का एक प्रमुख स्थल है, जहां से प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोगों का आवागमन होता है। नवमी के अवसर पर यहां प्रसाद वितरण की व्यवस्था किए जाने से मार्ग से गुजरने वाले लोगों को भी धार्मिक आयोजन में सहभागी बनने का अवसर मिला। सुबह से शाम तक चले इस कार्यक्रम ने सेवा, समर्पण और सामूहिक सहभागिता का संदेश दिया।
समिति के सदस्यों ने निभाई सक्रिय भागीदारी-
प्रसाद वितरण कार्यक्रम में मुकेश हरगुनानी, साकेत द्विवेदी, सुशील गुप्ता, अमित सब्बरवाल, विजय श्रीवास, दिलीप देवांगन, पिंटू गुप्ता, राहुल माधवानी, बंटी केडिया, मनीष हरगुनानी, लल्ला कमानिया, उदय प्रताप सिंह, गौरव द्विवेदी, तनीष जैन, रुद्र सब्बरवाल सहित समिति के समस्त सदस्यगण उपस्थित रहे।
समिति के सदस्यों की सहभागिता से प्रसाद वितरण का कार्यक्रम व्यवस्थित रूप से संपन्न हुआ। 43 वर्षों से चली आ रही दुर्गा उत्सव की परंपरा और नवमी पर श्रद्धालुओं की सेवा का यह आयोजन नगर की धार्मिक संस्कृति, सामाजिक एकजुटता और सामूहिक सेवा भावना को दर्शाता है। नवयुवक दुर्गा उत्सव समिति द्वारा वर्षों से निभाई जा रही यह परंपरा आस्था के साथ-साथ समाज के प्रति समर्पण की भावना को भी निरंतर आगे बढ़ा रही है।
