उत्तम ब्रह्मचर्य धर्म एवं वासुपूज्य भगवान के मोक्ष कल्याणक के साथ दस लक्षण महापर्व का समापन हुआ
बरसते पानी के बीच निकली भव्य शोभायात्रा, जयघोष से गूंज उठा अकलतरा नगर, 26 सितंबर को होगा पारणा संस्कार
अकलतरा – दस लक्षण महापर्व के अंतिम दिवस मंदिर ब्रह्मचर्य धर्म एवं श्री 1008 वासुपूज्य भगवान के मोक्ष कल्याणक पर्व का आयोजन अकलतरा स्थित जैन मंदिर में अत्यंत श्रद्धा, भक्ति और धार्मिक उल्लास के वातावरण में किया गया। निर्यापक श्रवण मुनि श्री 108 प्रसाद सागर महाराज एवं मुनि श्री 108 शीतल सागर महाराज के मंगल सानिध्य में आयोजित धार्मिक कार्यक्रम में बड़ी संख्या में जैन समाज के श्रद्धालुओं ने सहभागिता की। पूरे आयोजन के दौरान मंदिर परिसर भक्तिभाव से सराबोर रहा।
कार्यक्रम के प्रारंभ में श्रीजी का अभिषेक, पूजन एवं मंदिर धार्मिक अनुष्ठान संपन्न हुए। श्रवण संस्कृति संस्थान, सांगानेर जयपुर से आईं स्नातक अणिमा जैन एवं विदुषी अक्षरा जैन द्वारा संगीत की मधुर धुनों के साथ श्रद्धालुओं को विधिवत पूजा-अर्चना कराई गई। धार्मिक भजनों एवं पूजन की संगीतमय प्रस्तुति से मंदिर परिसर का वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से भर उठा। वहीं समाज के लोगों द्वारा तत्वार्थ सूत्र का वाचन भी किया गया।
विभिन्न जिन प्रतिमाओं पर श्रद्धालुओं ने किया शांति धारा का सौभाग्य प्राप्त –
उत्तम ब्रह्मचर्य धर्म के पावन अवसर पर मंदिर की ऊपर बेदी एवं नीचे बेदी में विराजमान विभिन्न जिन प्रतिमाओं पर श्रद्धालु परिवारों को शांति धारा करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ।
ऊपर बेदी में श्री 1008 मुनिसुव्रत भगवान की प्रतिमा पर शांति धारा का सौभाग्य शरद जैन, प्रखर जैन एवं सरिता प्रिंटिंग प्रेस परिवार को प्राप्त हुआ। वहीं श्री 1008 पार्श्वनाथ भगवान की प्रतिमा पर प्रकाश चंद जैन, प्रमोद जैन बड़ाकुल परिवार, श्री 1008 चंद्रप्रभु भगवान की प्रतिमा पर कमल जैन एवं निशांत जैन परिवार, जांजगीर मोड़, श्री 1008 वासुपूज्य भगवान की प्रतिमा पर सुबोध जैन, प्रशंसा जैन एवं विद्याश्री स्टेशनरी परिवार, श्री 1008 आदिनाथ भगवान की प्रतिमा पर मंगल चंद जैन एवं पवन जैन कोछल परिवार तथा श्री 1008 शांतिनाथ भगवान की प्रतिमा पर रमेश जैन, मोनू जैन एवं सोनू जैन परिवार, पामगढ़ को शांति धारा का सौभाग्य प्राप्त हुआ।
इसी क्रम में नीचे बेदी में श्री 1008 सुमतिनाथ भगवान की प्रतिमा पर राजकुमार जैन, हिमांशु जैन सिंघई परिवार, श्री 1008 पार्श्वनाथ भगवान की प्रतिमा पर नरेंद्र जैन, जैन समाज के सह सचिव राजा जैन एवं जैन ट्रेडर्स परिवार, श्री 1008 शांतिनाथ भगवान की प्रतिमा पर राकेश जैन, जैन समाज के अध्यक्ष राजेश जैन एवं इंजीनियर हर्ष जैन चौधरी परिवार, श्री 1008 मुनिसुव्रतनाथ भगवान की प्रतिमा पर मदन जैन, मनी जैन, हनी जैन एवं पंडित परिवार, श्री 1008 आदिनाथ भगवान की प्रतिमा पर राजेंद्र जैन, स्वप्निल जैन, रितेश जैन एवं आरके ट्रेडर्स परिवार, श्री 1008 पार्श्वनाथ भगवान की प्रतिमा पर संजय जैन एवं अभिषेक जैन केपी परिवार तथा श्री 1008 शांतिनाथ भगवान की प्रतिमा पर वीरेंद्र जैन एवं सत्येंद्र जैन चौधरी परिवार को शांति धारा करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ।
बरसते पानी में निकली भव्य शोभायात्रा –
दस लक्षण महापर्व के अंतिम दिवस अनंत चतुर्दशी के अवसर पर दोपहर लगभग 2 बजे बरसते पानी के बीच जैन मंदिर से निर्यापक श्रवण मुनि श्री 108 प्रसाद सागर महाराज एवं मुनि श्री 108 शीतल सागर महाराज के मंगल सानिध्य में गाजे-बाजे के साथ भव्य शोभायात्रा निकाली गई।
बारिश भी श्रद्धालुओं के उत्साह और आस्था को कम नहीं कर सकी। बड़ी संख्या में समाज के लोग धार्मिक उत्साह के साथ शोभायात्रा में शामिल हुए। शोभायात्रा बजरंग चौक, शास्त्री चौक, पोस्ट ऑफिस मार्ग एवं आजाद चौक होते हुए पुनः जैन मंदिर पहुंची। इस दौरान श्रद्धालुओं द्वारा लगाए जा रहे “भगवान महावीर की जय हो”, “जैन धर्म की जय हो” के जयघोष से अकलतरा नगर का वातावरण धर्ममय हो उठा।
उत्तम ब्रह्मचर्य धर्म आत्मसंयम और पवित्र जीवन का संदेश –
धर्मसभा को संबोधित करते हुए निर्यापक श्रवण मुनि श्री 108 प्रसाद सागर महराज ने उत्तम ब्रह्मचर्य धर्म के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि ब्रह्मचर्य केवल इंद्रियों पर नियंत्रण का नाम नहीं, बल्कि मन, वचन और कर्म की पवित्रता के साथ आत्मसंयम एवं आत्मकल्याण की दिशा में आगे बढ़ने का मार्ग है। उन्होंने श्रद्धालुओं को धर्म के मूल सिद्धांतों को जीवन में उतारने तथा संयम, सदाचार और आत्मशुद्धि के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी।
मुनिश्री के मंगल प्रवचन से धर्मसभा में उपस्थित श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। दस दिनों तक चले महापर्व के दौरान समाज के लोगों ने विभिन्न धार्मिक क्रियाओं, पूजन, अभिषेक, शांति धारा, व्रत एवं उपवास के माध्यम से आत्मशुद्धि और धर्म आराधना का लाभ लिया।
दस दिनों से चल रहे उपवास का 26 सितंबर को होगा पारणा संस्कार –
जैन समाज के अध्यक्ष राजेश जैन एवं सचिव रूपेश जैन ने बताया कि दस लक्षण महापर्व के अवसर पर समाज के नितिन जैन, एडवोकेट अमिताभ जैन, सौरभ चौधरी, श्रीमती आकांक्षा जैन, श्रीमती पूजा जैन, श्रीमती प्रज्ञा जैन, एडवोकेट समीधा जैन एवं ओमी जैन, द्वारा विगत 10 दिनों से लगातार उपवास किया जा रहा है। दस दिनों की कठोर तपस्या एवं धर्म आराधना के उपरांत 26 सितंबर को पारणा संस्कार का आयोजन धूमधाम से किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि दस लक्षण महापर्व के दौरान समाज के लोगों ने उत्तम क्षमा से लेकर उत्तम ब्रह्मचर्य तक दसों धर्मों की आराधना करते हुए आत्मचिंतन, संयम, तप और त्याग का संदेश आत्मसात किया। अंतिम दिवस का आयोजन भी इसी धार्मिक भावना और उत्साह के साथ संपन्न हुआ।
दस लक्षण महापर्व के समापन अवसर पर जैन मंदिर में दिनभर धार्मिक गतिविधियों का सिलसिला चलता रहा। श्रद्धालुओं ने भगवान जिनेंद्र की आराधना कर धर्म, संयम, तप, त्याग और आत्मशुद्धि का संकल्प लिया। पूरे आयोजन ने अकलतरा में धार्मिक एवं आध्यात्मिक वातावरण को और अधिक गहरा कर दिया।
