स्ट्रीट लाइटें खराब, शाम होते ही अंधेरे में डूब रहे नगर के प्रमुख मार्ग
कई महीनों से समस्या बरकरार, नई लाइट लगाने और रखरखाव को लेकर नगर पालिका की उदासीनता से नागरिकों में नाराजगी
अकलतरा – नगर में मूलभूत सुविधाओं की स्थिति को लेकर एक बार फिर नगर पालिका परिषद की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े होने लगे हैं, नगर के प्रमुख मार्गों और सार्वजनिक स्थानों पर लंबे समय से स्ट्रीट लाइटें खराब पड़ी हैं, जिसके कारण शाम ढलते ही कई इलाकों में अंधेरा छा जाता है। अंधेरे के कारण राहगीरों, वाहन चालकों, महिलाओं, बुजुर्गों एवं विद्यार्थियों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
नगर के बैंक ऑफ बड़ौदा से मिनीमाता चौक तक मुख्य मार्ग, सरस्वती शिशु मंदिर से तहसील कार्यालय पहुंच मार्ग, शास्त्री चौक से रेलवे स्टेशन पहुंच मार्ग, ओवरब्रिज, अंधियारीपाठ, जवाहर नगर, महामाया मंदिर पहुंच मार्ग, पुरानी बस्ती, पोड़ीभाटा, संजयनगर, जयहिंद नगर सहित अन्य कई स्थानों पर स्ट्रीट लाइट कई महीनो से खराब पड़ी है प्रमुख मार्ग होने के बावजूद इन स्थानों पर पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था नहीं होने से रात के समय दुर्घटना की आशंका बनी रहती है।
कई महीनों से खराब लाइटें, नहीं हो रहा रखरखाव
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि अनेक स्थानों पर स्ट्रीट लाइटें पिछले कई महीनों से खराब हैं, कही एलईडी लाइट खराब है तो कहीं विद्युत उपकरणों में खराबी के कारण प्रकाश व्यवस्था बंद है। इसके बावजूद नगर पालिका द्वारा नियमित निरीक्षण, मरम्मत एवं रखरखाव को लेकर अपेक्षित गंभीरता नहीं दिखाई जा रही है,
नगर की सड़कों पर शाम के बाद बढ़ते अंधेरे के बीच पैदल चलने वाले लोगों को काफी परेशानी होती है। वहीं दोपहिया वाहन चालकों को सड़क पर मौजूद गड्ढे, अवरोध एवं अन्य बाधाएं स्पष्ट दिखाई नहीं देने से दुर्घटना का खतरा बना रहता है।
ओवरब्रिज और मुख्य मार्गों पर अंधेरा चिंता का विषय
नगर के ओवरब्रिज सहित मुख्य आवागमन वाले मार्गों पर स्ट्रीट लाइट व्यवस्था का सुचारू होना बेहद आवश्यक है। इन मार्गों से दिन-रात बड़ी संख्या में लोग आवागमन करते हैं। ऐसे स्थानों पर रोशनी की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने से सुरक्षा संबंधी चिंताएं भी बढ़ रही हैं।
विशेषकर शाम के बाद बाजार एवं मुख्य मार्गों पर आवाजाही बढ़ने के दौरान अंधेरा नागरिकों के लिए परेशानी का कारण बन रहा है। नागरिकों ने नगर पालिका से खराब स्ट्रीट लाइटों की तत्काल मरम्मत कराने के साथ जहां आवश्यक हो वहां नई एवं पर्याप्त क्षमता वाली स्ट्रीट लाइटें लगाने की मांग की है।
मूलभूत सुविधाओं को लेकर नागरिकों में नाराजगी
नगरवासियों का कहना है कि सड़क, नाली, साफ-सफाई, प्रकाश व्यवस्था जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना नगर पालिका की प्राथमिक जिम्मेदारी है, इसके बावजूद यदि महीनों तक स्ट्रीट लाइटें खराब पड़ी रहें और उनकी मरम्मत नहीं हो तो यह नगर पालिका की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
नागरिकों ने मांग की है कि नगर पालिका परिषद द्वारा पूरे नगर में स्ट्रीट लाइटों का सर्वे कराया जाए तथा खराब लाइटों की सूची तैयार कर तत्काल मरम्मत एवं आवश्यकतानुसार नई लाइट लगाने की कार्रवाई की जाए। साथ ही नियमित रखरखाव के लिए जिम्मेदार कर्मचारियों एवं संबंधित एजेंसी की जवाबदेही भी तय की जाए।
समय रहते नहीं चेता प्रशासन तो बढ़ सकती है परेशानी
नागरिकों का कहना है कि स्ट्रीट लाइट केवल सुविधा का विषय नहीं, बल्कि सड़क सुरक्षा और सार्वजनिक सुरक्षा से जुड़ा महत्वपूर्ण मुद्दा है। अंधेरे वाले स्थानों पर दुर्घटना होने के बाद व्यवस्था सुधारने के बजाय नगर पालिका को पहले ही सक्रिय होकर समस्या का समाधान करना चाहिए।
अब देखना होगा कि नागरिकों की लगातार सामने आ रही शिकायतों के बाद नगर पालिका परिषद कब तक शहर की खराब स्ट्रीट लाइटों को दुरुस्त कराती है और नगरवासियों को सुरक्षित एवं पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था उपलब्ध कराने के लिए ठोस पहल करती है।
