श्री ऋषभ विद्योदय महाविद्यालय बनाहिल की दो स्वयंसेविकाओं ने बढ़ाया क्षेत्र का गौरव, विश्वविद्यालय के मंच पर श्रेष्ठ स्वयंसेवक सम्मान से सम्मानित
राष्ट्रीय सेवा योजना में उत्कृष्ट एवं निस्वार्थ सेवा के लिए कु. आयुषी साहू और कु. श्रुति निर्मलकर को मिला प्रतिष्ठित सम्मान, स्वच्छता, रक्तदान, पर्यावरण संरक्षण एवं सामाजिक सेवा के क्षेत्र में निभाई अनुकरणीय भूमिका
अकलतरा – प्रतिभा जब सेवा, समर्पण और सामाजिक उत्तरदायित्व के साथ जुड़ती है, तो उसकी उपलब्धियां केवल व्यक्तिगत सफलता तक सीमित नहीं रहतीं, बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए गौरव और प्रेरणा का विषय बन जाती हैं। ऐसा ही गौरवशाली अवसर शहीद नंदकुमार पटेल विश्वविद्यालय, रायगढ़ में आयोजित कुल उत्सव के दौरान देखने को मिला, जहां राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के अंतर्गत उत्कृष्ट, निस्वार्थ एवं निरंतर सामाजिक सेवा के लिए श्री ऋषभ विद्योदय महाविद्यालय, बनाहिल की दो प्रतिभाशाली स्वयंसेविकाओं कु. आयुषी साहू एवं कु. श्रुति निर्मलकर को विश्वविद्यालय द्वारा श्रेष्ठ स्वयंसेवक सम्मान से सम्मानित किया गया। दोनों छात्राओं की इस उल्लेखनीय उपलब्धि से महाविद्यालय सहित बनाहिल, अकलतरा एवं पूरे जांजगीर-चांपा जिले में हर्ष और गौरव का वातावरण है।
विश्वविद्यालय के कुल उत्सव के भव्य मंच पर जब राष्ट्रीय सेवा योजना के अंतर्गत समाज सेवा, जनजागरूकता एवं राष्ट्र निर्माण में उल्लेखनीय योगदान देने वाले स्वयंसेवकों को सम्मानित किया जा रहा था, उसी दौरान श्री ऋषभ विद्योदय महाविद्यालय की इन दोनों स्वयंसेविकाओं के नाम की घोषणा हुई। सम्मान की इस गौरवशाली घड़ी में उपस्थित जनसमूह ने तालियों की गड़गड़ाहट के साथ दोनों छात्राओं की उपलब्धि का स्वागत किया। यह सम्मान उनके निरंतर परिश्रम, अनुशासन, सामाजिक सरोकारों के प्रति समर्पण और सेवा भावना का प्रतिफल है।
तपती धूप और कड़ाके की ठंड की परवाह किए बिना समाज सेवा में निभाई अग्रणी भूमिका – 
कु. आयुषी साहू एवं कु. श्रुति निर्मलकर ने राष्ट्रीय सेवा योजना के माध्यम से केवल महाविद्यालयीन गतिविधियों में ही सहभागिता नहीं निभाई, बल्कि समाज के बीच पहुंचकर जनहित से जुड़े विभिन्न कार्यों में सक्रिय योगदान दिया। स्वच्छता अभियान के माध्यम से गांव की गलियों और सार्वजनिक स्थलों पर स्वच्छता के प्रति जागरूकता फैलाना हो, रक्तदान शिविरों में सहभागिता के माध्यम से मानव सेवा का संदेश देना हो अथवा पर्यावरण संरक्षण के लिए पौधारोपण कर प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाना हो, दोनों स्वयंसेविकाओं ने प्रत्येक गतिविधि में उत्साह और समर्पण का परिचय दिया।
उन्होंने सामाजिक जागरूकता से जुड़े अभियानों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते हुए आम नागरिकों को स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, स्वास्थ्य जागरूकता और सामाजिक सहभागिता के महत्व से अवगत कराया। जरूरतमंदों की सहायता करना तथा समाज के विभिन्न वर्गों के बीच सेवा और सहयोग की भावना को मजबूत करना भी उनकी गतिविधियों का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा।
राष्ट्रीय सेवा योजना का मूल उद्देश्य युवाओं में समाज सेवा, नेतृत्व क्षमता, अनुशासन, सहयोग और राष्ट्र निर्माण की भावना विकसित करना है। इन दोनों स्वयंसेविकाओं ने अपने कार्यों के माध्यम से इस उद्देश्य को सार्थक रूप प्रदान किया है।
विश्वविद्यालय के वरिष्ठ पदाधिकारियों ने दी बधाई, उज्ज्वल भविष्य की कामना की –
दोनों स्वयंसेविकाओं की इस उपलब्धि पर शहीद नंदकुमार पटेल विश्वविद्यालय, रायगढ़ के कुलपति प्रो. विनय कुमार चौहान, कुलसचिव श्री विनोद चौबे, कार्यक्रम समन्वयक डॉ. रविन्द्र कौर चौबे एवं जांजगीर-चांपा जिले की राष्ट्रीय सेवा योजना जिला संगठक डॉ. पुष्पा सिंह ने हर्ष व्यक्त करते हुए उन्हें हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।
विश्वविद्यालय के पदाधिकारियों ने दोनों छात्राओं की सेवा भावना, निरंतर सक्रियता और सामाजिक कार्यों के प्रति प्रतिबद्धता की सराहना करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की मंगलकामना की। साथ ही विश्वास व्यक्त किया कि उनकी यह उपलब्धि अन्य विद्यार्थियों एवं राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवकों के लिए प्रेरणास्रोत बनेगी तथा अधिक से अधिक युवा समाज सेवा के कार्यों से जुड़ने के लिए प्रोत्साहित होंगे।
बेटियों की उपलब्धि से महाविद्यालय और क्षेत्र में खुशी की लहर –
श्री ऋषभ विद्योदय महाविद्यालय, बनाहिल की दो स्वयंसेविकाओं को विश्वविद्यालय स्तर पर प्राप्त यह सम्मान महाविद्यालय के लिए भी एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। यह सफलता इस बात का प्रमाण है कि ग्रामीण अंचल के शिक्षण संस्थानों में अध्ययनरत विद्यार्थी भी अपनी प्रतिभा, मेहनत और सामाजिक प्रतिबद्धता के बल पर विश्वविद्यालय स्तर पर अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित कर सकते हैं।
दोनों छात्राओं ने यह साबित किया है कि शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य केवल शैक्षणिक योग्यता अर्जित करना नहीं, बल्कि समाज के प्रति अपने कर्तव्यों को समझना और जरूरतमंदों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए निरंतर प्रयास करना भी है।
उनकी यह उपलब्धि क्षेत्र की अन्य छात्राओं और युवाओं के लिए भी एक प्रेरणादायी उदाहरण है। निश्चित रूप से कु. आयुषी साहू एवं कु. श्रुति निर्मलकर की यह सफलता आने वाली पीढ़ी को समाज सेवा, राष्ट्र निर्माण और मानवीय मूल्यों के प्रति समर्पित होकर कार्य करने की प्रेरणा देती रहेगी।
दोनों स्वयंसेविकाओं को प्राप्त श्रेष्ठ स्वयंसेवक सम्मान ने न केवल श्री ऋषभ विद्योदय महाविद्यालय बनाहिल का मान बढ़ाया है, बल्कि यह भी साबित किया है कि जब युवा शक्ति सेवा और समर्पण के संकल्प के साथ आगे बढ़ती है, तो उसकी उपलब्धियां पूरे समाज के लिए गौरव का विषय बन जाती हैं।
