किताबी ज्ञान के साथ कानूनी साक्षरता भी जरूरी : न्यायिक मजिस्ट्रेट शिवानी सिंह
विश्व साक्षरता दिवस पर सरस्वती शिशु मंदिर में विधिक जागरूकता शिविर, विद्यार्थियों को अधिकारों और कर्तव्यों की दी जानकारी
अकलतरा – शिक्षा का उद्देश्य केवल पुस्तकीय ज्ञान अर्जित करना नहीं, बल्कि व्यक्ति को अपने अधिकारों, कर्तव्यों और कानून के प्रति जागरूक बनाना भी है। वर्तमान समय में बच्चों एवं युवाओं के लिए कानूनी रूप से साक्षर होना उतना ही आवश्यक है, जितना किताबी ज्ञान हासिल करना। जब व्यक्ति अपने अधिकारों को जानता है, तभी वह अपने कर्तव्यों का जिम्मेदारीपूर्वक निर्वहन कर सकता है और किसी भी प्रकार के शोषण अथवा धोखाधड़ी से स्वयं को सुरक्षित रख सकता है। यह बात माननीय न्यायिक मजिस्ट्रेट एवं अध्यक्ष तालुका विधिक सेवा समिति अकलतरा श्रीमती शिवानी सिंह ने विश्व साक्षरता दिवस के अवसर पर आयोजित विधिक जागरूकता शिविर में कही।
राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण बिलासपुर एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जांजगीर के निर्देशानुसार तालुका विधिक सेवा समिति अकलतरा द्वारा सरस्वती शिशु मंदिर उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, अकलतरा में विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में विद्यालय के छात्र-छात्राओं, शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं विद्यालय प्रबंधन से जुड़े लोगों ने सहभागिता की।
कानून की जानकारी बच्चों को बनाएगी जागरूक और सुरक्षित –
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि श्रीमती शिवानी सिंह ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि आज का समय तेजी से बदल रहा है। तकनीक और सोशल मीडिया के बढ़ते उपयोग के साथ बच्चों के सामने नई चुनौतियां भी सामने आ रही हैं। ऐसे में केवल विषयों की किताबों तक सीमित ज्ञान पर्याप्त नहीं है। बच्चों को अपने कानूनी अधिकारों एवं सामाजिक दायित्वों की जानकारी होना भी जरूरी है।
उन्होंने शिक्षा के अधिकार के संबंध में जानकारी देते हुए कहा कि प्रत्येक बच्चे को नि:शुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा प्राप्त करने का अधिकार है। उन्होंने विद्यार्थियों को समझाया कि अपने अधिकारों की जानकारी होने के साथ-साथ यह भी आवश्यक है कि वे अपने कर्तव्यों को समझें और उनका पालन करें।
साइबर ठगी से बचने विद्यार्थियों को किया जागरूक –
वर्तमान समय में बढ़ते साइबर अपराधों को देखते हुए न्यायिक मजिस्ट्रेट ने विद्यार्थियों को विशेष रूप से साइबर सुरक्षा एवं साइबर साक्षरता के संबंध में जागरूक किया। उन्होंने कहा कि अनजान व्यक्ति द्वारा भेजे गए किसी भी लिंक पर बिना जांच-पड़ताल के क्लिक नहीं करना चाहिए। किसी भी व्यक्ति के साथ ओटीपी साझा नहीं करना चाहिए और बैंकिंग अथवा निजी जानकारी को सुरक्षित रखना चाहिए।
उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यक्ति के साथ ऑनलाइन ठगी हो जाती है तो घबराने के बजाय तत्काल इसकी शिकायत करनी चाहिए, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि वे स्वयं भी साइबर अपराधों से बचें और अपने परिवार के सदस्यों एवं आसपास के लोगों को भी इसके प्रति जागरूक करें।
बाल विवाह और यातायात नियमों की दी जानकारी –
शिविर के दौरान श्रीमती शिवानी सिंह ने विद्यार्थियों को बाल विवाह, मोटर व्हीकल एक्ट, मौलिक अधिकार एवं मौलिक कर्तव्यों के संबंध में भी विस्तारपूर्वक जानकारी दी। उन्होंने विद्यार्थियों को बताया कि कानून केवल अपराध होने के बाद कार्रवाई का माध्यम नहीं है, बल्कि समाज में अनुशासन, सुरक्षा और न्याय सुनिश्चित करने का महत्वपूर्ण आधार भी है।
उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि सड़क पर वाहन चलाते अथवा वाहन में यात्रा करते समय यातायात नियमों का पालन करना प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। नियमों का पालन स्वयं की सुरक्षा के साथ-साथ दूसरों की सुरक्षा के लिए भी आवश्यक है।
साक्षरता केवल व्यक्तिगत सफलता नहीं, सामूहिक समृद्धि का आधार
कार्यक्रम को पीएलव्ही गजानंद प्रसाद कश्यप ने भी संबोधित किया, उन्होंने विश्व साक्षरता दिवस 2026 की थीम “मानव, ग्रह और समृद्धि के लिए साक्षरता” पर प्रकाश डालते हुए कहा कि साक्षरता केवल व्यक्तिगत सफलता प्राप्त करने का माध्यम नहीं है, बल्कि इसका संबंध समाज, पर्यावरण और सामूहिक समृद्धि से भी है।
उन्होंने कहा कि जब लोग शिक्षित और जागरूक होते हैं तो वे सामाजिक समस्याओं और महत्वपूर्ण मुद्दों को बेहतर ढंग से समझ पाते हैं तथा उनके समाधान में प्रभावी भूमिका निभा सकते हैं। साक्षरता व्यक्ति को अपने अधिकारों और दायित्वों को समझने के साथ-साथ समाज के प्रति जिम्मेदार नागरिक बनने की क्षमता प्रदान करती है।
पीएलव्ही कश्यप ने कार्यक्रम में निःशुल्क कानूनी सहायता, नालसा हेल्पलाइन नंबर सहित विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा आम नागरिकों को उपलब्ध कराई जाने वाली विभिन्न सेवाओं के संबंध में भी जानकारी दी। उन्होंने विद्यार्थियों से अपील की कि वे कानून से संबंधित किसी भी समस्या अथवा आवश्यकता के समय उचित विधिक सहायता प्राप्त करने के लिए संबंधित विधिक सेवा संस्थाओं से संपर्क करें।
गीत प्रस्तुति से हुआ कार्यक्रम का शुभारंभ –
कार्यक्रम का शुभारंभ सरस्वती शिशु मंदिर के प्राचार्य केशव कुमार कौशिक द्वारा प्रस्तुत सुंदर गीत से हुआ। गीत प्रस्तुति के पश्चात विधिक जागरूकता शिविर की गतिविधियां प्रारंभ हुईं। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने भी रुचि के साथ कानून से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां सुनीं।
विद्यार्थियों के लिए बेहद उपयोगी रहा आयोजन
विधिक जागरूकता शिविर में विद्यार्थियों को यह संदेश दिया गया कि कानून की जानकारी केवल न्यायालय अथवा अधिवक्ताओं तक सीमित विषय नहीं है, बल्कि प्रत्येक नागरिक के दैनिक जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा है। विशेषकर बच्चों और युवाओं को अपने अधिकारों एवं कर्तव्यों की जानकारी होने से वे न केवल स्वयं को सुरक्षित रख सकते हैं, बल्कि समाज में जागरूकता फैलाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
कार्यक्रम में सरस्वती शिशु मंदिर के संचालक, पीएलव्ही डालेश्वर प्रसाद पटेल, विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाएं तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। आयोजन का उद्देश्य विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ कानून की बुनियादी जानकारी प्रदान कर उन्हें जागरूक, जिम्मेदार एवं अधिकार-संपन्न नागरिक बनने के लिए प्रेरित करना रहा।












