वेल विशर फाउंडेशन ने सबरिया डेरा में बच्चों के साथ बांटी दीपावली की खुशियां, उपहार पाकर खिल उठे नन्हे-मुन्नों के चेहरे
सेवा, समर्पण और सामाजिक सरोकार की मिसाल पेश कर संस्था ने जरूरतमंद बच्चों के बीच मनाया दीपावली का पर्व, 10 वर्षों से लगातार चला रही है खुशियां बांटने की अनूठी परंपरा
अकलतरा – दीपावली का पर्व केवल दीप जलाने, आतिशबाजी करने और मिठाइयां बांटने तक सीमित नहीं है, बल्कि इस पावन अवसर पर समाज के उन लोगों के जीवन में भी खुशियों का उजाला फैलाना है, जो किसी कारणवश त्योहार की खुशियों से वंचित रह जाते हैं। इसी मानवीय संवेदना, सेवा भावना और सामाजिक उत्तरदायित्व का अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत करते हुए वेल विशर फाउंडेशन ने इस वर्ष भी दीपावली का पर्व जरूरतमंद बच्चों के साथ मनाया। संस्था के सदस्यों ने ग्राम भैंसतरा स्थित सबरिया डेरा पहुंचकर बच्चों के बीच दीपावली की खुशियां साझा कीं तथा उन्हें पटाखे, मिठाइयां, बिस्किट एवं अन्य उपहार सामग्री वितरित कर उनके चेहरों पर मुस्कान बिखेरी।
हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी वेल विशर फाउंडेशन के सदस्यों ने दीपावली के अवसर पर सेवा और समर्पण को अपनी प्राथमिकता बनाते हुए समाज के ऐसे बच्चों के बीच पहुंचने का संकल्प निभाया, जिन्हें त्योहार के अवसर पर विशेष खुशियों और अपनत्व की आवश्यकता होती है। संस्था के सदस्यों के आगमन से सबरिया डेरा में उत्साह और उल्लास का वातावरण निर्मित हो गया। बच्चों ने उपहार एवं मिठाइयां पाकर प्रसन्नता व्यक्त की। उनके चेहरों पर दिखाई देने वाली खुशी और मुस्कान ने इस आयोजन को और भी भावपूर्ण बना दिया।
दीपावली का वास्तविक अर्थ दूसरों के जीवन में खुशियों का उजाला फैलाना – अविनाश सिंह
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वेल विशर फाउंडेशन के अध्यक्ष अविनाश सिंह ने कहा कि दीपावली केवल अपने घरों में दीप जलाने और रोशनी करने का पर्व नहीं है, बल्कि यह दूसरों के जीवन में भी खुशियों का उजाला फैलाने का पावन अवसर है। त्योहार की सार्थकता तभी है, जब समाज का प्रत्येक व्यक्ति इसकी खुशियों में सहभागी बन सके। उन्होंने कहा कि संस्था का उद्देश्य बच्चों के बीच पहुंचकर उनके साथ त्योहार की खुशियां साझा करना और उन्हें यह एहसास कराना है कि समाज उनके साथ खड़ा है। बच्चों की मुस्कान ही संस्था के लिए सबसे बड़ा उपहार और इस आयोजन की वास्तविक सफलता है।
10 वर्षों से सेवा और खुशियां बांटने की परंपरा निभा रही संस्था – चिराग शर्मा
संस्था के सचिव चिराग शर्मा ने अपने विचार व्यक्त करते हुए बताया कि वेल विशर फाउंडेशन पिछले 10 वर्षों से लगातार सेवा और सामाजिक समर्पण के उद्देश्य से दीपावली एवं होली जैसे प्रमुख त्योहार जरूरतमंदों और बच्चों के बीच मनाती आ रही है। संस्था का मूल मंत्र ‘सेवा ही संकल्प, खुशियां बांटना ही उद्देश्य’ है। इसी विचारधारा के साथ संस्था निरंतर सामाजिक गतिविधियों के माध्यम से जरूरतमंदों तक सहायता और खुशियां पहुंचाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि त्योहारों की खुशियां केवल संपन्न परिवारों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि समाज के प्रत्येक वर्ग और प्रत्येक बच्चे को त्योहार मनाने का समान अवसर मिलना चाहिए। संस्था भविष्य में भी इसी सेवा भावना के साथ सामाजिक गतिविधियों को निरंतर जारी रखेगी।
बच्चों को सुरक्षित दीपावली मनाने का दिया संदेश –
इस अवसर पर संस्था के सक्रिय सदस्य दीपक साहू ने बच्चों को दीपावली के दौरान सुरक्षा संबंधी महत्वपूर्ण जानकारियां दीं। उन्होंने पटाखे जलाते समय विशेष सावधानी बरतने, बड़ों की देखरेख में ही आतिशबाजी करने तथा किसी भी प्रकार की लापरवाही से बचने की सलाह दी। उन्होंने बच्चों को सुरक्षित एवं जिम्मेदारी के साथ दीपावली मनाने के लिए प्रेरित किया।
वहीं संस्था के सदस्य श्रीपाल सिंह बैस ने बच्चों को दीपावली पर्व के धार्मिक, आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक महत्व की जानकारी देते हुए बताया कि यह पर्व अंधकार पर प्रकाश, असत्य पर सत्य और बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक है। दीपावली हमें प्रेम, सद्भाव, सहयोग, करुणा और परोपकार की भावना के साथ जीवन जीने की प्रेरणा देती है। उन्होंने बच्चों को पर्व की परंपराओं और उसके सकारात्मक संदेशों से भी अवगत कराया।
सेवा और संवेदना से समाज में सकारात्मक बदलाव का प्रयास –
कार्यक्रम में वेल विशर फाउंडेशन के सदस्यों के साथ ग्राम भैंसतरा के सरपंच पुष्पेंद्र थवाईत एवं गांव के पंचगण विशेष रूप से उपस्थित रहे। सभी ने संस्था की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि समाज में ऐसे सेवा कार्यों की अत्यंत आवश्यकता है, जिनके माध्यम से जरूरतमंद परिवारों और बच्चों को भी त्योहारों की खुशियों से जोड़ा जा सके।
वेल विशर फाउंडेशन की यह पहल समाज के लिए एक प्रेरणादायक संदेश है कि किसी के जीवन में थोड़ी-सी खुशी लाने के लिए बहुत बड़े संसाधनों की नहीं, बल्कि संवेदनशील हृदय और सेवा की सच्ची भावना की आवश्यकता होती है। बच्चों के बीच पहुंचकर उन्हें उपहार देना, उनके साथ समय बिताना और उनके चेहरों पर मुस्कान लाना निश्चित रूप से सामाजिक एकजुटता और मानवीय मूल्यों को मजबूत करने वाला प्रयास है।
संस्था ने अपने इस आयोजन के माध्यम से यह संदेश दिया कि दीपावली की वास्तविक चमक महंगे दीपों और आकर्षक सजावट में नहीं, बल्कि किसी जरूरतमंद के चेहरे पर खिलने वाली मुस्कान में छिपी होती है। जब समाज का प्रत्येक सक्षम व्यक्ति अपनी खुशियों में जरूरतमंदों को सहभागी बनाएगा, तभी दीपावली का प्रकाश सही मायनों में हर घर और हर जीवन तक पहुंचेगा। वेल विशर फाउंडेशन द्वारा पिछले एक दशक से निभाई जा रही यह परंपरा सेवा, सहयोग और सामाजिक समरसता की भावना को निरंतर मजबूत कर रही है।












