मिलाद-उन-नबी पर कोटमी सोनार में निकला भव्य जुलूस, सौहार्दपूर्ण वातावरण में हुआ आयोजन
अकलतरा – पैगंबर हजरत मोहम्मद साहब के जन्मदिवस के पावन अवसर पर ग्राम कोटमी सोनार में मुस्लिम जमात द्वारा मिलाद-उन-नबी का पर्व श्रद्धा, उत्साह, उमंग एवं आपसी भाईचारे के साथ मनाया गया। इस अवसर पर मुस्लिम समाज की ओर से गांव में एक भव्य जुलूस निकाला गया, जिसमें समाज के लोगों ने बड़ी संख्या में सहभागिता निभाई। जुलूस के दौरान पूरे गांव में धार्मिक आस्था के साथ-साथ सामाजिक सद्भाव और भाईचारे का संदेश देखने को मिला।
मिलाद-उन-नबी के अवसर पर आयोजित जुलूस का शुभारंभ ग्राम की मस्जिद से हुआ। इसके पश्चात जुलूस गांव के विभिन्न मार्गों एवं बस्तियों से होते हुए बाजारपारा पहुंचा। निर्धारित मार्ग पर भ्रमण करने के बाद जुलूस पुनः मस्जिद परिसर पहुंचा, जहां कार्यक्रम का शांतिपूर्ण एवं व्यवस्थित ढंग से समापन हुआ।
जुलूस में शामिल लोगों में विशेष उत्साह देखने को मिला। बाजे-गाजे के साथ निकले जुलूस ने गांव के वातावरण को धार्मिक रंग में सराबोर कर दिया। जुलूस के दौरान जगह-जगह आतिशबाजी कर मिलाद-उन-नबी की खुशियां मनाई गईं। गांव के विभिन्न मार्गों से गुजरते समय ग्रामीणों ने श्रद्धा एवं सम्मान के साथ जुलूस का अभिवादन किया।
कार्यक्रम की सबसे बड़ी विशेषता आपसी प्रेम, भाईचारे और सामाजिक सौहार्द का वातावरण रहा। विभिन्न समाजों के लोगों ने भी आयोजन के प्रति सद्भाव प्रदर्शित किया। पूरे जुलूस के दौरान अनुशासन और शांति बनाए रखी गई तथा किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति उत्पन्न नहीं हुई। शांतिपूर्ण वातावरण में सम्पन्न हुए इस आयोजन ने गांव की आपसी एकता को और मजबूत करने का संदेश दिया।
मिलाद-उन-नबी का पर्व पैगंबर हजरत मोहम्मद साहब के बताए प्रेम, शांति, इंसानियत, भाईचारे और सद्भाव के संदेशों को जन-जन तक पहुंचाने का अवसर भी है। इसी भावना के साथ मुस्लिम जमात के लोगों ने उत्साहपूर्वक पर्व मनाते हुए समाज में अमन, शांति और भाईचारे की कामना की।
इस अवसर पर इमाम साहब अय्यूब रजा, अजीम मोहम्मद, रहमान बेग, अय्यूब खान, रोशन खान, कलाम खान, इस्राफील खान, आबिद खान, इमाम बेग, समीयुद्दीन कुरैशी, सलीम खान, वसीम मोहम्मद, नवाब खान, रहीम बेग, छोटू खान, रज्जब खान, आरिफ मोहम्मद, यार मोहम्मद सहित मुस्लिम समाज के लोग बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
ग्राम कोटमी सोनार में मिलाद-उन-नबी के अवसर पर निकला यह भव्य जुलूस धार्मिक आस्था के साथ-साथ सामाजिक एकता और भाईचारे का भी प्रतीक बना। पूरे आयोजन के दौरान लोगों का उत्साह देखते ही बन रहा था और शांतिपूर्ण वातावरण में सम्पन्न हुए कार्यक्रम ने गांव में प्रेम, सद्भाव एवं सौहार्द का एक सुंदर संदेश दिया।













