नशे से दूर रहकर ही गढ़ा जा सकता है स्वस्थ और संस्कारवान समाज
ब्रह्माकुमारीज के 10 करोड़ नशामुक्त भारत महाअभियान के तहत विद्यालयों में जागरूकता कार्यक्रम — विद्यार्थियों ने लिया नशामुक्त जीवन का संकल्प 
अकलतरा – युवाओं और विद्यार्थियों को नशे की बढ़ती प्रवृत्ति से दूर रखने तथा समाज में नशामुक्ति का सकारात्मक संदेश पहुंचाने के उद्देश्य से ब्रह्माकुमारीज द्वारा संचालित 10 करोड़ नशामुक्त भारत महाअभियान के अंतर्गत अकलतरा नगर एवं आसपास के विभिन्न विद्यालयों में व्यापक नशामुक्ति जागरूकता अभियान चलाया गया। अभियान के दौरान विद्यार्थियों को नशे के गंभीर दुष्परिणामों से अवगत कराते हुए उन्हें स्वस्थ, सकारात्मक, अनुशासित एवं संस्कारवान जीवन अपनाने के लिए प्रेरित किया गया।
अभियान के क्रम में शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक शाला अकलतरा, शासकीय माध्यमिक शाला पोड़ीभाटा, शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला अंधियारी पाठ तथा मिडिल स्कूल कल्याणपुर में विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। ब्रह्माकुमारी बहनों ने विद्यार्थियों के साथ संवाद करते हुए नशे की प्रवृत्ति से होने वाले शारीरिक, मानसिक, पारिवारिक, आर्थिक एवं सामाजिक नुकसान पर विस्तार से प्रकाश डाला।
नशे की छोटी शुरुआत बन सकती है जीवन की बड़ी समस्या –
कार्यक्रम में विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए ब्रह्माकुमारी बहनों ने कहा कि नशा किसी भी व्यक्ति के जीवन को धीरे-धीरे अपनी गिरफ्त में ले सकता है। कई बार नशे की शुरुआत केवल जिज्ञासा, मित्रों के दबाव या छोटी-सी आदत के रूप में होती है, लेकिन समय के साथ यही आदत गंभीर समस्या का रूप ले सकती है। इसका प्रभाव केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य तक सीमित नहीं रहता, बल्कि परिवार की खुशहाली, शिक्षा, आर्थिक स्थिति और सामाजिक प्रतिष्ठा पर भी पड़ता है।
उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि नशे से दूर रहने का सबसे अच्छा समय शुरुआत से ही है। यदि युवा पीढ़ी दृढ़ संकल्प के साथ नशे को अपने जीवन से दूर रखे तो न केवल उसका स्वयं का भविष्य सुरक्षित होगा, बल्कि परिवार और समाज भी इसके दुष्प्रभावों से बच सकेगा।
पढ़ाई, खेल और रचनात्मकता में लगाएं अपनी ऊर्जा
जागरूकता कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को बताया गया कि जीवन में सफलता प्राप्त करने के लिए स्वस्थ शरीर, सकारात्मक सोच, अनुशासन और अच्छे संस्कार अत्यंत आवश्यक हैं। विद्यार्थियों की ऊर्जा और प्रतिभा को नशे जैसी बुरी आदतों में नष्ट करने के बजाय पढ़ाई, खेल, योग, रचनात्मक गतिविधियों, कला, संस्कृति तथा समाजसेवा में लगाने की प्रेरणा दी गई।
ब्रह्माकुमारी बहनों ने कहा कि विद्यार्थी देश और समाज का भविष्य हैं। उनके विचार, आदतें और संस्कार ही आने वाले समाज की दिशा तय करेंगे। इसलिए प्रत्येक विद्यार्थी को स्वयं नशे से दूर रहने के साथ-साथ अपने मित्रों, परिवारजनों और आसपास के लोगों को भी नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करने की जिम्मेदारी निभानी चाहिए।
विद्यार्थियों ने लिया नशामुक्त जीवन का संकल्प
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों में विशेष उत्साह देखने को मिला। उन्हें नशे से होने वाले नुकसान की जानकारी देने के साथ नशामुक्त एवं स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया गया। विद्यार्थियों ने स्वयं नशे से दूर रहने तथा अपने आसपास के लोगों को भी नशे से बचाने के लिए जागरूक करने का संकल्प लिया।
इस अवसर पर विद्यार्थियों को यह संदेश भी दिया गया कि वास्तविक सफलता केवल शैक्षणिक उपलब्धियों तक सीमित नहीं है, बल्कि अच्छे स्वास्थ्य, श्रेष्ठ चरित्र, सकारात्मक सोच और समाज के प्रति जिम्मेदार नागरिक बनने में भी है।
बच्चों में जागरूकता लाना नशामुक्त समाज की मजबूत नींव — बीके भुवनेश्वरी
ब्रह्माकुमारीज अकलतरा सेवाकेंद्र की प्रभारी बीके भुवनेश्वरी बहन ने कहा कि बच्चों और युवाओं में नशे के प्रति जागरूकता पैदा करना नशामुक्त समाज के निर्माण की दिशा में बेहद महत्वपूर्ण कदम है। यदि विद्यार्थी आज से ही नशे से दूर रहने का संकल्प लेते हैं और अपने मित्रों तथा परिवार को भी इसके लिए प्रेरित करते हैं, तो निश्चित रूप से आने वाली पीढ़ी को एक स्वस्थ, संस्कारवान और नशामुक्त समाज दिया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि नशा व्यक्ति की क्षमता और प्रतिभा को कमजोर करने के साथ उसके भविष्य की संभावनाओं को भी प्रभावित करता है। इसलिए समाज के प्रत्येक वर्ग को मिलकर नशामुक्ति के लिए प्रयास करने की आवश्यकता है। विद्यालय इस दिशा में सबसे प्रभावी माध्यम बन सकते हैं, क्योंकि यहां से बच्चों और युवाओं में सही संस्कार एवं जीवन-मूल्यों का निर्माण किया जा सकता है।
जन-जन तक पहुंचाया जा रहा नशामुक्ति का संदेश
बीके भुवनेश्वरी बहन ने बताया कि ब्रह्माकुमारीज द्वारा संचालित 10 करोड़ नशामुक्त भारत महाअभियान का उद्देश्य व्यापक स्तर पर लोगों को नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करना और उन्हें नशामुक्त जीवन के लिए प्रेरित करना है। इसी उद्देश्य से विद्यालयों के साथ-साथ ग्रामों एवं विभिन्न सामाजिक स्थानों पर भी जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
अकलतरा क्षेत्र के विद्यालयों में आयोजित इन कार्यक्रमों ने विद्यार्थियों के बीच नशामुक्ति को लेकर सकारात्मक वातावरण तैयार करने का काम किया। कार्यक्रम के माध्यम से जहां बच्चों को नशे के खतरों की जानकारी मिली, वहीं उन्हें अपने जीवन में सकारात्मक सोच, अच्छे संस्कार और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संदेश भी मिला।
नशामुक्त युवा ही मजबूत समाज और सशक्त राष्ट्र की नींव हैं। ऐसे में विद्यालयों में चलाया गया यह जागरूकता अभियान केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ी को नशे की गिरफ्त से बचाने और उन्हें बेहतर भविष्य की ओर ले जाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है।













