कोटमी सोनार में मनाया गया ‘एक राखी साइबर जागृति की’ अभियान, साइबर सुरक्षा के साथ जागरूकता का दिया संदेश
अकलतरा – रक्षाबंधन के पावन अवसर पर भाई-बहन के पवित्र रिश्ते को सामाजिक सुरक्षा और डिजिटल जागरूकता से जोड़ते हुए ग्राम कोटमी सोनार के हाई स्कूल परिसर में ‘एक राखी साइबर जागृति की’ अभियान के तहत विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों, महिलाओं, ग्रामीणों एवं पंचायत प्रतिनिधियों को बढ़ते साइबर अपराधों के प्रति सजग करना और सुरक्षित डिजिटल व्यवहार अपनाने के लिए प्रेरित करना रहा।
कार्यक्रम के दौरान ‘एक राखी—सुरक्षा की, एक प्रण—साइबर जागरूकता का’ संदेश के साथ उपस्थित लोगों ने साइबर अपराधों से स्वयं बचने तथा अपने परिवार और आसपास के लोगों को भी साइबर ठगी के प्रति जागरूक करने का संकल्प लिया। रक्षाबंधन के अवसर पर आयोजित इस अभिनव कार्यक्रम के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि जिस तरह भाई-बहन एक-दूसरे की सुरक्षा का संकल्प लेते हैं, उसी तरह प्रत्येक नागरिक को अपने परिवार और समाज को साइबर अपराधों से सुरक्षित रखने के लिए जागरूकता की जिम्मेदारी निभानी चाहिए।
साइबर ठगी के विभिन्न तरीकों से कराया अवगत
कार्यक्रम में उपस्थित ग्रामीणों एवं विद्यार्थियों को ऑनलाइन ठगी, फर्जी कॉल, फर्जी केवाईसी, संदिग्ध लिंक, ओटीपी फ्रॉड, ऑनलाइन बैंकिंग धोखाधड़ी, सोशल मीडिया के माध्यम से होने वाली ठगी तथा फर्जी संदेशों से बचने के उपायों की जानकारी दी गई। लोगों को समझाया गया कि साइबर अपराधी अलग-अलग तरीकों से लोगों को अपने जाल में फंसाकर बैंक खाते एवं व्यक्तिगत जानकारी हासिल करने का प्रयास करते हैं, इसलिए किसी भी अनजान व्यक्ति पर भरोसा करने से पहले पूरी सावधानी बरतना आवश्यक है।
प्रभारी विनोद जाटवार ने दी महत्वपूर्ण जानकारी –
पुलिस सहायता केंद्र कोटमी सोनार के प्रभारी विनोद जाटवार ने साइबर जागरूकता अभियान के संबंध में विस्तृत जानकारी देते हुए लोगों को साइबर अपराध के विभिन्न तरीकों और उनसे बचाव के उपाय बताए। उन्होंने कहा कि मोबाइल फोन और इंटरनेट का उपयोग करते समय थोड़ी सी लापरवाही भी आर्थिक नुकसान का कारण बन सकती है। इसलिए किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ ओटीपी, एटीएम पिन, बैंक खाता संबंधी जानकारी, पासवर्ड अथवा अन्य गोपनीय जानकारी साझा नहीं करनी चाहिए।
उन्होंने लोगों से संदिग्ध लिंक पर क्लिक नहीं करने, अनजान एप डाउनलोड नहीं करने तथा सोशल मीडिया पर व्यक्तिगत जानकारी साझा करने से बचने की अपील की। उन्होंने कहा कि साइबर अपराध से बचाव के लिए सबसे महत्वपूर्ण हथियार सतर्कता और जागरूकता है। यदि कोई व्यक्ति साइबर ठगी का शिकार होता है तो उसे घबराने के बजाय तत्काल संबंधित पुलिस अथवा साइबर हेल्पलाइन से संपर्क करना चाहिए।
ग्रामीणों एवं विद्यार्थियों ने लिया जागरूकता का संकल्प
कार्यक्रम में ग्रामीणों, विद्यार्थियों एवं उपस्थित जनप्रतिनिधियों ने साइबर अपराधों से बचाव के प्रति सजग रहने का संकल्प लिया। साथ ही यह भी संकल्प लिया गया कि वे अपने परिवार के बुजुर्गों, महिलाओं, बच्चों और आसपास के लोगों को ऑनलाइन ठगी के नए-नए तरीकों की जानकारी देकर उन्हें साइबर अपराधियों से सुरक्षित रखने का प्रयास करेंगे।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों में भी साइबर सुरक्षा को लेकर विशेष उत्साह देखने को मिला। उन्हें बताया गया कि सोशल मीडिया एवं इंटरनेट का उपयोग करते समय अपनी गोपनीयता और सुरक्षा का विशेष ध्यान रखें तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तत्काल अपने अभिभावकों, शिक्षकों अथवा पुलिस को दें।
बड़ी संख्या में ग्रामीण एवं गणमान्य नागरिक रहे उपस्थित –
कार्यक्रम में ग्राम पंचायत कोटमी सोनार की सरपंच श्रीमती रेखा सोनी, उपसरपंच बालूराम मनहर, भूखाऊ राम साहू, पंच शेखर पटेल, रहमान बेग, गंगाप्रसाद मल्होत्रा, पुलिस सहायता केंद्र कोटमी सोनार के प्रभारी विनोद जाटवार, प्रभारी प्राचार्य संजय दिलतुडूक, संकुल समन्वयक अश्विनी पटेल सहित आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका, छात्र-छात्राएं तथा बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का संचालन प्रदीप सोनी ने किया। आयोजन के दौरान ग्रामीणों एवं विद्यार्थियों में साइबर सुरक्षा को लेकर जागरूकता एवं उत्साह दिखाई दिया।
रक्षाबंधन पर सुरक्षा की नई डोर का संदेश –
रक्षाबंधन के पावन पर्व पर आयोजित ‘एक राखी साइबर जागृति की’ कार्यक्रम ने भाई-बहन के स्नेह और सुरक्षा के पारंपरिक संदेश को आधुनिक डिजिटल सुरक्षा से जोड़ने का सार्थक प्रयास किया। कार्यक्रम के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्र में यह संदेश पहुंचाया गया कि साइबर अपराध से बचाव केवल पुलिस या प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की सामूहिक जिम्मेदारी है।
कोटमी सोनार में आयोजित यह जागरूकता कार्यक्रम ग्रामीणों एवं विद्यार्थियों को डिजिटल दुनिया में सावधानी, सतर्कता और जिम्मेदारी के साथ आगे बढ़ने का संदेश देते हुए सम्पन्न हुआ। यह पहल निश्चित रूप से साइबर अपराधों के प्रति जागरूकता बढ़ाने और सुरक्षित डिजिटल समाज के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।













