कॉलेज रोड स्थित मुक्तिधाम बदहाल, गंदगी और अंधेरे के बीच अंतिम संस्कार के लिए पहुंच रहे लोगों को हो रही परेशानी , मुक्तिधाम में सुविधाएं बढ़ाने की ओर नगर पालिका परिषद द्वारा कोई भी पहल नहीं की जा रही
अकलतरा – नगर के कॉलेज रोड स्थित मुक्तिधाम इन दिनों बदहाली और अव्यवस्थाओं का शिकार है, जिस स्थान पर नगरवासियों को जीवन की अंतिम यात्रा के दौरान गरिमापूर्ण एवं सम्मानजनक वातावरण मिलना चाहिए, वहीं मूलभूत सुविधाओं के अभाव और साफ-सफाई की कमी के कारण लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, मुक्तिधाम परिसर में पर्याप्त साफ-सफाई नहीं होने के कारण जगह-जगह गंदगी का आलम नजर आता है। वहीं शाम होते ही परिसर में अंधेरा छा जाने से अंतिम संस्कार के लिए पहुंचने वाले लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
मुक्तिधाम किसी भी शहर और समाज के लिए महज एक स्थान नहीं होता, बल्कि यह जीवन की अंतिम सच्चाई से जुड़ा हुआ वह स्थल है, जहां व्यक्ति की अंतिम विदाई पूरे सम्मान और गरिमा के साथ की जाती है। मृत्यु एक शाश्वत सत्य है। संसार में जो भी जन्म लेता है, उसे एक न एक दिन इस संसार से विदा होना ही है। ऐसे में मुक्तिधाम जैसी महत्वपूर्ण सार्वजनिक सुविधा का व्यवस्थित, स्वच्छ और सुरक्षित होना नगर निकाय की प्राथमिक जिम्मेदारियों में शामिल होना चाहिए। इसके बावजूद कॉलेज रोड स्थित मुक्तिधाम की वर्तमान स्थिति जिम्मेदार व्यवस्था की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रही है।
साफ-सफाई के अभाव में गंदगी का आलम –
मुक्तिधाम परिसर में नियमित साफ-सफाई नहीं होने के कारण गंदगी की स्थिति बनी हुई है, अंतिम संस्कार जैसे संवेदनशील समय में परिवार और परिजनों को मानसिक पीड़ा के साथ-साथ यदि मूलभूत व्यवस्थाओं के अभाव का सामना करना पड़े तो उनकी परेशानी और बढ़ जाती है। लोगों का कहना है कि मुक्तिधाम में नियमित सफाई व्यवस्था सुनिश्चित की जानी चाहिए तथा परिसर में कचरे और अन्य गंदगी की समस्या का स्थायी समाधान किया जाना चाहिए।
शाम होते ही छा जाता है अंधेरा –
मुक्तिधाम की सबसे बड़ी समस्याओं में से एक पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था का अभाव भी बताया जा रहा है। शाम होने के बाद परिसर में अंधेरा छा जाने के कारण लोगों को परेशानी होती है। अंतिम संस्कार कई बार शाम के समय भी करना पड़ता है, ऐसे में पर्याप्त रोशनी नहीं होने से परिजनों और वहां मौजूद लोगों को असुविधा के साथ सुरक्षा संबंधी चिंता भी बनी रहती है।
स्थानीय लोगों की मांग है कि मुक्तिधाम परिसर और उसके आसपास पर्याप्त संख्या में स्ट्रीट लाइट एवं हाई-मास्ट अथवा अन्य उपयुक्त प्रकाश व्यवस्था की जाए, ताकि रात के समय भी लोगों को परेशानी न हो।
शेड और अन्य मूलभूत सुविधाओं का भी अभाव
मुक्तिधाम में पर्याप्त मात्रा में शेड एवं अन्य जरूरी सुविधाएं नहीं होने के कारण भी लोगों को परेशानी होती है। बारिश, तेज धूप अथवा खराब मौसम के दौरान अंतिम संस्कार में शामिल होने वाले लोगों को काफी असुविधा का सामना करना पड़ता है। मुक्तिधाम में बैठने की समुचित व्यवस्था, पेयजल, साफ-सफाई, प्रकाश व्यवस्था सहित अन्य आवश्यक सुविधाओं को बेहतर किए जाने की जरूरत है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि मुक्तिधाम जैसी जगह पर सुविधाएं केवल किसी एक वर्ग या व्यक्ति के लिए नहीं होतीं, बल्कि पूरे नगर के नागरिकों की आवश्यकता से जुड़ी होती हैं। इसलिए यहां विकास और सुविधाओं का विस्तार किसी विशेष अवसर का विषय नहीं, बल्कि निरंतर चलने वाली व्यवस्था का हिस्सा होना चाहिए।
नगर पालिका की कार्यप्रणाली पर उठ रहे सवाल –
मुक्तिधाम की बदहाल स्थिति के बावजूद नगर पालिका परिषद द्वारा इस दिशा में प्रभावी पहल नहीं किए जाने को लेकर नागरिकों में नाराजगी देखी जा रही है। लोगों का कहना है कि नगर में विभिन्न विकास कार्यों के साथ-साथ उन स्थानों पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए, जो नागरिक जीवन की मूलभूत आवश्यकताओं से सीधे जुड़े हुए हैं।
मुक्तिधाम की सफाई, प्रकाश व्यवस्था, शेड निर्माण और अन्य मूलभूत सुविधाओं को लेकर नगर पालिका को गंभीरता से पहल करते हुए आवश्यक कार्ययोजना तैयार करनी चाहिए। नागरिकों का कहना है कि समस्या केवल सौंदर्यीकरण की नहीं, बल्कि मानवीय गरिमा और अंतिम विदाई की व्यवस्था से जुड़ी हुई है।
अंतिम विदाई स्थल को मिले सम्मानजनक स्वरूप –
नगरवासियों का कहना है कि जन्म और मृत्यु जीवन के दो अटल सत्य हैं। जिस प्रकार जन्म के अवसर पर बेहतर स्वास्थ्य एवं सुविधाओं की व्यवस्था को महत्व दिया जाता है, उसी प्रकार मृत्यु के बाद अंतिम संस्कार के लिए निर्धारित स्थल को भी स्वच्छ, व्यवस्थित और सम्मानजनक बनाया जाना आवश्यक है।
लोगों ने नगर पालिका परिषद से मांग की है कि कॉलेज रोड स्थित मुक्तिधाम का तत्काल निरीक्षण कराकर साफ-सफाई व्यवस्था दुरुस्त की जाए, पर्याप्त प्रकाश की व्यवस्था की जाए, आवश्यकतानुसार नए शेड का निर्माण कराया जाए तथा पेयजल, बैठने की व्यवस्था और अन्य मूलभूत सुविधाओं का विस्तार किया जाए।
नागरिकों का कहना है कि मुक्तिधाम की वर्तमान दुर्दशा को नजरअंदाज करने के बजाय नगर पालिका को इसे प्राथमिकता देते हुए शीघ्र सुधार कार्य शुरू करना चाहिए, ताकि नगर के किसी भी परिवार को अपने प्रियजन की अंतिम विदाई के समय अव्यवस्थाओं के बीच परेशान न होना पड़े और नगर का यह महत्वपूर्ण स्थल स्वच्छता, संवेदना और सम्मान का प्रतीक बन सके।













