सावन के अंतिम सोमवार पर 24 अगस्त को पारसनाथ धाम में शिव भक्तों द्वारा जल अर्पित करने के साथ पूजा अर्चना की जाएगी, 45 किलोमीटर की पदयात्रा कर हजारों की संख्या में कांवरिये पहुंचे पारसनाथ धाम 
अकलतरा – सावन के पावन अंतिम सोमवार के अवसर पर 24 अगस्त को क्षेत्र में आस्था और भक्ति का अद्भुत नज़ारा देखने को मिलेगा, बड़ी संख्या में कांवरियों ने शिवरीनारायण स्थित महानदी से पवित्र जल भरकर लगभग 45 किलोमीटर की पैदल कांवड़ यात्रा प्रारंभ की और भगवान भोलेनाथ के जयकारों के साथ क्षेत्र के प्रसिद्ध पारसनाथ धाम में पहुँचे, पूरे मार्ग में हर-हर महादेव, बोल बम और जय भोलेनाथ के जयघोष से वातावरण शिवमय बना रहा,
कांवरियों के जत्थे के पारसनाथ धाम पहुंचने पर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला, कांवड़ यात्रा के मार्ग में जगह-जगह शिवभक्तों एवं सामाजिक संगठनों द्वारा कांवरियों का स्वागत किया गया तथा उनके लिए प्रसाद, फल, पेयजल सहित अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था की गई, श्रद्धालुओं ने सेवा भाव के साथ कांवरियों को प्रसाद वितरित कर उनकी यात्रा को सुगम बनाने में सहभागिता निभाई। 
24 अगस्त की सुबह होगा जलाभिषेक –
सावन के अंतिम सोमवार 24 अगस्त को क्षेत्र के प्रसिद्ध पारसनाथ धाम परसाही नाला में सुबह 4 बजे से भगवान शिव के शिवलिंग की विशेष पूजा-अर्चना प्रारंभ होगी, इसके पश्चात कांवरियों द्वारा शिवरीनारायण की महानदी से लाए गए पवित्र जल से भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक किया जाएगा,
मंदिर परिसर में दिनभर धार्मिक अनुष्ठानों एवं भक्ति कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा, श्रद्धालुओं के लिए भंडारे की व्यवस्था भी की गई है, जिसमें बड़ी संख्या में शिवभक्त प्रसाद ग्रहण करेंगे। वहीं मंदिर परिसर में कीर्तन-भजन का आयोजन होगा, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय रहेगा।
आस्था, सेवा और भक्ति का संगम
सावन के अंतिम सोमवार को आयोजित यह कांवड़ यात्रा केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक ही नहीं, बल्कि सेवा, समर्पण और सामाजिक एकजुटता का भी संदेश देती नजर आई।, 45 किलोमीटर की कठिन पदयात्रा पूरी कर कांवरियों का पारसनाथ धाम पहुंचना उनकी अटूट श्रद्धा और भगवान शिव के प्रति समर्पण को दर्शाता है। मार्ग में स्थानीय लोगों द्वारा की गई सेवा और स्वागत ने इस धार्मिक यात्रा को और भी विशेष बना दिया।
पारसनाथ धाम में अंतिम सोमवार को होने वाले जलाभिषेक, पूजा-अर्चना, भजन-कीर्तन और भंडारे को लेकर श्रद्धालुओं में खासा उत्साह है, शिवभक्तों के लिए यह दिन भगवान भोलेनाथ की आराधना, आध्यात्मिक शांति और धार्मिक आस्था का विशेष अवसर बनने जा रहा है।













