गणेश उत्सव को लेकर थाना परिसर में शांति समिति की बैठक
पंडालों में सीसीटीवी, फायर सेफ्टी और अलग प्रवेश-निकास की व्यवस्था के निर्देश; रात 10 बजे बाद डीजे पर रहेगा पूर्ण प्रतिबंध 
अकलतरा – गणेश उत्सव को शांतिपूर्ण, सौहार्दपूर्ण एवं सुरक्षित वातावरण में संपन्न कराने को लेकर पुलिस प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं, पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पांडेय के निर्देश पर अकलतरा पुलिस थाना परिसर में गणेश उत्सव को लेकर शांति समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में एसडीओपी डॉ. मेखलेन्द्र प्रताप सिंह एवं थाना प्रभारी निरीक्षक जय कुमार साहू ने गणेश उत्सव समितियों के पदाधिकारियों एवं नगरवासियों को सुरक्षा, यातायात, ध्वनि प्रदूषण तथा प्रतिमा विसर्जन से संबंधित शासन के दिशा-निर्देशों की विस्तार से जानकारी दी।
बैठक को संबोधित करते हुए एसडीओपी डॉ. मेखलेन्द्र प्रताप सिंह ने बताया कि 14 सितंबर से 25 सितंबर तक गणेश उत्सव मनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि उत्सव के दौरान धार्मिक आस्था के साथ-साथ सुरक्षा व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। गणेश पंडालों में पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम करने के साथ सीसीटीवी कैमरे अनिवार्य रूप से लगाने तथा पंडाल में श्रद्धालुओं के आवागमन के लिए प्रवेश और निकास के अलग-अलग रास्ते रखने की व्यवस्था करने पर जोर दिया गया।
पंडालों में फायर सेफ्टी और वालंटियर्स की व्यवस्था अनिवार्य –
एसडीओपी ने आगजनी जैसी किसी भी आकस्मिक घटना से बचाव के लिए प्रत्येक गणेश पंडाल में फायर सेफ्टी के पर्याप्त इंतजाम करने तथा अग्निशमन उपकरण उपलब्ध रखने के निर्देश दिए। उन्होंने समितियों से पंडालों में पर्याप्त संख्या में वालंटियर्स की नियुक्ति करने को भी कहा, ताकि भीड़ के दौरान व्यवस्था बनाए रखने और किसी आपात स्थिति में तत्काल सहायता उपलब्ध कराने में आसानी हो।
उन्होंने विद्युत सुरक्षा पर भी विशेष ध्यान देने की बात कही। गणेश पंडालों में प्रतिमा स्थापित करने से पहले वैध विद्युत कनेक्शन सुनिश्चित करने तथा बिजली के तारों एवं अस्थायी विद्युत व्यवस्था में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं बरतने के निर्देश दिए गए।
डीजे की आवाज तय सीमा में, रात 10 बजे बाद ध्वनि विस्तारक यंत्र प्रतिबंधित –
गणेश उत्सव के दौरान ध्वनि प्रदूषण को लेकर भी पुलिस प्रशासन ने समितियों को स्पष्ट निर्देश दिए। एसडीओपी ने कहा कि डीजे एवं साउंड सिस्टम की आवाज शासन द्वारा निर्धारित सीमा के भीतर ही रखी जाए। धार्मिक आयोजन की मर्यादा बनाए रखते हुए पंडालों में धार्मिक गीतों को ही प्राथमिकता देने की बात कही गई।
थाना प्रभारी जय कुमार साहू ने स्पष्ट किया कि रात्रि 10 बजे के बाद ध्वनि विस्तारक यंत्रों का प्रयोग पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। निर्धारित समय और ध्वनि सीमा का उल्लंघन किए जाने अथवा शिकायत प्राप्त होने पर पुलिस द्वारा नियमानुसार तत्काल कार्रवाई की जाएगी।
सूर्यास्त से पहले करना होगा प्रतिमा विसर्जन –
गणेश प्रतिमा विसर्जन को लेकर भी बैठक में विशेष दिशा-निर्देश जारी किए गए। एसडीओपी ने कहा कि विसर्जन के दौरान शासन द्वारा निर्धारित नियमों का कड़ाई से पालन किया जाए। प्रतिमा विसर्जन के लिए निर्धारित स्थल का ही उपयोग किया जाए तथा सूर्यास्त से पूर्व प्रतिमा विसर्जन की प्रक्रिया पूरी कर ली जाए।
उन्होंने विसर्जन के दौरान यातायात व्यवस्था बाधित नहीं होने देने तथा जुलूस के दौरान अनुशासन बनाए रखने पर जोर दिया। तालाबों एवं अन्य जल स्रोतों में विसर्जन के दौरान विशेष सावधानी बरतने और छोटे बच्चों को विसर्जन स्थल पर नहीं ले जाने की अपील भी की गई।
प्रतिमा स्थापना की पुलिस को दें लिखित सूचना –
थाना प्रभारी जय कुमार साहू ने कहा कि नगर एवं आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में गणेश प्रतिमा स्थापित करने वाली समितियां इसकी लिखित सूचना पुलिस थाना में दें, ताकि पुलिस प्रशासन को आवश्यक सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था बनाने में सुविधा हो सके।
उन्होंने कहा कि गणेश उत्सव आपसी भाईचारे, सामाजिक सद्भाव और शांतिपूर्ण वातावरण में मनाया जाए। किसी भी प्रकार की अफवाह, विवाद अथवा शांति व्यवस्था भंग होने की स्थिति में लोग कानून हाथ में लेने के बजाय तत्काल पुलिस को सूचना दें।
उन्होंने गणेश उत्सव समितियों से अपील की कि पंडालों में सुरक्षा के सभी मानकों का पालन करते हुए आयोजन करें और शासन-प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पूरी गंभीरता से पालन करें।
बैठक में गणेश उत्सव पूजा समितियों के पदाधिकारी, सदस्य एवं नगरवासी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। पुलिस प्रशासन ने सभी समितियों से सहयोग की अपील करते हुए विश्वास जताया कि आपसी सौहार्द, अनुशासन और सामाजिक समरसता के साथ अकलतरा में गणेश उत्सव शांतिपूर्ण एवं उत्साहपूर्ण वातावरण में संपन्न होगा।













