जनहित की मांगों को लेकर कलेक्टर कार्यालय पहुंचे जनप्रतिनिधि, जल्द समाधान नहीं हुआ तो जनआंदोलन और चक्काजाम की चेतावनी
लटिया, पकरिया, कल्याणपुर, रसेड़ा सहित आसपास के गांवों की समस्याओं को लेकर सौंपा ज्ञापन; एक साल से आवेदन के बावजूद कार्रवाई नहीं होने पर जनप्रतिनिधियों में नाराजगी
अकलतरा – विकासखंड के ग्राम लटिया, पकरिया, कल्याणपुर, रसेड़ा सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों की वर्षों से लंबित विभिन्न जनहित की समस्याओं को लेकर जनप्रतिनिधियों ने अब प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोलने का संकेत दिया है। जनपद पंचायत अकलतरा के सभापति ईश्वर साहू के नेतृत्व में संबंधित ग्राम पंचायतों के सरपंचों ने कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर क्षेत्र की समस्याओं से संबंधित विस्तृत ज्ञापन सौंपा और शीघ्र निराकरण की मांग की।
जनप्रतिनिधियों ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों की मूलभूत समस्याओं को लेकर लंबे समय से लगातार प्रशासन का ध्यान आकर्षित कराया जा रहा है, लेकिन आवेदन और शिकायतों के बावजूद ठोस कार्रवाई नहीं होने से ग्रामीणों में असंतोष बढ़ता जा रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि निर्धारित समय में मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं की गई तो ग्रामीणों को साथ लेकर जनआंदोलन एवं चक्काजाम किया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
पांच गांवों के बीच संचालित हाई स्कूल को हायर सेकेंडरी में उन्नयन करने की मांग –
ज्ञापन में क्षेत्र की शिक्षा व्यवस्था से जुड़ी महत्वपूर्ण समस्या को प्रमुखता से उठाया गया। जनप्रतिनिधियों ने बताया कि पांच गांवों के मध्य शासकीय हाई स्कूल संचालित है, जहां बड़ी संख्या में ग्रामीण अंचल के छात्र-छात्राएं अध्ययन करते हैं। हाई स्कूल के बाद हायर सेकेंडरी स्तर की पढ़ाई की सुविधा उपलब्ध नहीं होने के कारण विद्यार्थियों को आगे की शिक्षा के लिए दूर-दराज के स्कूलों में जाना पड़ता है।
ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थियों को आवागमन में होने वाली परेशानी, आर्थिक बोझ और समय की बर्बादी को देखते हुए जनप्रतिनिधियों ने उक्त शासकीय हाई स्कूल को तत्काल हायर सेकेंडरी स्कूल में उन्नयन करने की मांग की है। उनका कहना है कि विद्यालय का उन्नयन होने से आसपास के कई गांवों के विद्यार्थियों को अपने गांव के नजदीक ही उच्चतर माध्यमिक शिक्षा की सुविधा मिल सकेगी।
पकरिया चौक-रसेड़ा मार्ग की जर्जर हालत से ग्रामीण परेशान –
ज्ञापन में पकरिया चौक से रसेड़ा मुख्य मार्ग की जर्जर स्थिति का मुद्दा भी उठाया गया। लंबे समय से खराब सड़क के कारण ग्रामीणों, विद्यार्थियों, किसानों एवं आम राहगीरों को आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
सड़क पर जगह-जगह गड्ढे एवं खराब सतह के कारण दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क की खराब स्थिति का सबसे अधिक असर विद्यार्थियों और किसानों पर पड़ रहा है। जनप्रतिनिधियों ने संबंधित विभाग से सड़क की तत्काल मरम्मत एवं आवश्यक सुधार कार्य कराने की मांग की है।
12 टन क्षमता की सड़कों पर दौड़ रहे 35-40 टन के भारी वाहन –
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत निर्मित सड़कों पर भारी वाहनों के आवागमन का मामला भी ज्ञापन में गंभीरता से उठाया गया। जनप्रतिनिधियों ने बताया कि ग्रामीण सड़कों का निर्माण निर्धारित क्षमता के हल्के वाहनों के आवागमन को ध्यान में रखकर किया गया है, लेकिन इन सड़कों पर वर्तमान में 35 से 40 टन तक के भारी वाहन लगातार दौड़ रहे हैं।
भारी वाहनों के लगातार आवागमन से सड़कें तेजी से क्षतिग्रस्त हो रही हैं। इससे जहां करोड़ों रुपये की लागत से निर्मित ग्रामीण सड़कों की उपयोगिता प्रभावित हो रही है, वहीं सड़क दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ रहा है।
जनप्रतिनिधियों ने प्रशासन एवं संबंधित विभाग से ऐसे भारी वाहनों की आवाजाही पर तत्काल रोक लगाने, वाहनों की जांच करने तथा नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है।
अवैध शराब बिक्री और सार्वजनिक स्थानों पर शराबखोरी पर रोक की मांग –
क्षेत्र में बढ़ती अवैध शराब बिक्री एवं सार्वजनिक स्थानों पर खुलेआम शराब सेवन की शिकायत को लेकर भी जनप्रतिनिधियों ने चिंता जताई। उन्होंने कहा कि गांवों एवं सार्वजनिक स्थानों पर शराब सेवन की घटनाओं से सामाजिक वातावरण प्रभावित हो रहा है। इसका प्रतिकूल प्रभाव महिलाओं, बच्चों और युवाओं पर पड़ रहा है।
ज्ञापन के माध्यम से पुलिस एवं आबकारी विभाग से क्षेत्र में नियमित जांच एवं अभियान चलाकर अवैध शराब बिक्री पर प्रभावी अंकुश लगाने तथा सार्वजनिक स्थानों पर शराब का सेवन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की गई।
जनप्रतिनिधियों का कहना है कि केवल कागजी कार्रवाई या औपचारिक जांच से समस्या का समाधान नहीं होगा, बल्कि लगातार निगरानी एवं प्रभावी कार्रवाई की आवश्यकता है।
“एक साल से आवेदन दे रहे, सिर्फ आश्वासन मिला” — ईश्वर साहू
जनपद पंचायत अकलतरा के सभापति ईश्वर साहू ने प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि क्षेत्र की इन समस्याओं को लेकर पिछले करीब एक वर्ष से लगातार संबंधित अधिकारियों को आवेदन दिए जा रहे हैं। कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, एसडीएम, थाना प्रभारी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारियों को कई बार समस्याओं से अवगत कराया गया है। इतना ही नहीं, जनदर्शन के माध्यम से भी ग्रामीणों की समस्याएं प्रशासन के समक्ष रखी गईं, लेकिन इसके बावजूद आज तक किसी भी प्रमुख मांग पर अपेक्षित ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी है।
उन्होंने कहा कि ग्रामीण लंबे समय से समस्याओं का समाधान होने की उम्मीद लगाए बैठे हैं, लेकिन बार-बार आवेदन देने के बाद भी यदि केवल आश्वासन ही मिलता रहे तो लोगों का प्रशासन के प्रति भरोसा कमजोर होना स्वाभाविक है। क्षेत्र की समस्याएं अब ऐसी स्थिति में पहुंच चुकी हैं, जहां तत्काल निर्णय लेकर कार्रवाई करना आवश्यक है।
मांगें पूरी नहीं हुईं तो सड़क पर उतरेंगे ग्रामीण
ईश्वर साहू ने कहा कि जनप्रतिनिधियों ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर एक बार फिर प्रशासन से समस्याओं के शीघ्र निराकरण की मांग की है। ग्रामीणों की समस्याओं को लेकर जनप्रतिनिधि लगातार प्रयासरत हैं और प्रशासन को पर्याप्त समय भी दिया गया है।
उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि अब भी मांगों को गंभीरता से नहीं लिया गया और समस्याओं के समाधान की दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए गए तो क्षेत्र के ग्रामीणों को लामबंद कर जनआंदोलन किया जाएगा तथा आवश्यकता पड़ने पर चक्काजाम भी किया जाएगा।
जनप्रतिनिधियों का कहना है कि उनका उद्देश्य किसी प्रकार का विवाद खड़ा करना नहीं, बल्कि वर्षों से लंबित जनहित के मुद्दों का समाधान कराना है। प्रशासन यदि समय रहते ग्रामीणों की समस्याओं पर गंभीरता से कार्रवाई करता है तो आंदोलन की स्थिति उत्पन्न नहीं होगी।
क्षेत्र की शिक्षा, सड़क, यातायात, कानून-व्यवस्था एवं सामाजिक वातावरण से जुड़े इन मुद्दों को लेकर अब ग्रामीणों की नजर प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई है।













