हावड़ा मुंबई मेल एवं आज़ाद हिंद एक्सप्रेस के स्टॉपेज की मांग को लेकर रेल संघर्ष समिति द्वारा केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू से मुलाकात कर ज्ञापन सौपने का निर्णय लिया गया
अकलतरा। अकलतरा रेलवे स्टेशन में हावड़ा-मुंबई मेल एवं आजाद हिंद एक्सप्रेस के स्टॉपेज की लंबे समय से चली आ रही मांग को लेकर रेल संघर्ष समिति ने आंदोलन को निर्णायक दिशा देने का फैसला किया है। नगर के रेस्ट हाउस परिसर में आयोजित समिति की बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि समिति का प्रतिनिधिमंडल केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू से मुलाकात कर उन्हें ज्ञापन सौंपेगा और अकलतरा स्टेशन पर दोनों महत्वपूर्ण ट्रेनों का ठहराव प्रदान करने की मांग को प्रमुखता से रखा जाएगा। साथ ही मांग पूरी होने तक समिति द्वारा क्रमबद्ध आंदोलन किए जाने पर भी सहमति बनी।
बैठक में समिति के संयोजक संतोष अग्रवाल ने पिछली बैठक में लिए गए निर्णय के अनुसार डीआरएम से हुई प्रतिनिधिमंडल की मुलाकात का विस्तृत ब्यौरा प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि अकलतरा स्टेशन पर मुंबई मेल एवं आजाद हिंद एक्सप्रेस के स्टॉपेज की मांग को लेकर डीआरएम से चर्चा की गई थी। डीआरएम द्वारा ट्रेनों के ठहराव के लिए प्रस्ताव तैयार कर रेलवे बोर्ड, दिल्ली भेजे जाने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन काफी समय बीत जाने के बाद भी इस दिशा में अब तक कोई ठोस पहल सामने नहीं आई है। इससे क्षेत्र के लोगों में निराशा है।
बैठक में विधायक राघवेन्द्र कुमार सिंह ने कहा कि अकलतरा रेलवे स्टेशन केवल नगर ही नहीं, बल्कि आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के साथ-साथ बलौदा, पामगढ़, शिवरीनारायण सहित अनेक क्षेत्रों के लोगों के आवागमन का महत्वपूर्ण केंद्र है। बड़ी संख्या में यात्री अकलतरा स्टेशन से विभिन्न शहरों की यात्रा करते हैं। ऐसे में यात्रियों की सुविधा और क्षेत्र की आवश्यकता को देखते हुए हावड़ा-मुंबई मेल एवं आजाद हिंद एक्सप्रेस जैसी महत्वपूर्ण ट्रेनों का अकलतरा में स्टॉपेज दिया जाना बेहद आवश्यक है। उन्होंने सुझाव दिया कि रेल संघर्ष समिति का प्रतिनिधिमंडल केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू से मुलाकात कर उन्हें वस्तुस्थिति से अवगत कराते हुए ज्ञापन सौंपे।
लक्ष्मण मुकीम ने कहा कि रेल संघर्ष समिति द्वारा पिछले कई वर्षों से लगातार रेलवे के अधिकारियों को ज्ञापन सौंपकर अकलतरा में ट्रेनों के स्टॉपेज की मांग की जा रही है, लेकिन अब तक अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि आम यात्रियों की सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए रेलवे को तत्काल इस मांग पर सकारात्मक निर्णय लेना चाहिए।
वहीं सतीश दीवान ने सुझाव दिया कि डीआरएम से एक बार फिर मुलाकात कर पूर्व में दिए गए आश्वासन के बाद रेलवे स्तर पर अब तक की गई कार्रवाई की जानकारी ली जाए। देवेंद्र जैन ने कहा कि लगातार ज्ञापन और मुलाकात के बावजूद यदि समस्या का समाधान नहीं होता है तो आंदोलन ही एकमात्र रास्ता रह जाता है। उन्होंने मांग को लेकर चरणबद्ध एवं प्रभावी आंदोलन की आवश्यकता पर जोर दिया।
बैठक में महेश सिंह बनाफर, अंकित सिंह सिसोदिया, बुड्ढा खान, नवल अग्रवाल, दिलेश्वर साहू, रविन्द्र सिंह बैस, सौरभ चौधरी सहित अन्य सदस्यों ने भी अपने विचार एवं सुझाव रखे। सभी सदस्यों ने यात्रियों की सुविधा और क्षेत्र के व्यापक हित को देखते हुए अकलतरा स्टेशन पर दोनों ट्रेनों के स्टॉपेज की मांग को मजबूती से उठाने पर सहमति जताई।
बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि रेल संघर्ष समिति का प्रतिनिधिमंडल केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू से मुलाकात कर उन्हें ज्ञापन सौंपेगा। इसके बाद रेलवे अधिकारियों से संपर्क कर मांग की प्रगति की जानकारी ली जाएगी। यदि इसके बावजूद मांग पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो समिति द्वारा चरणबद्ध तरीके से आंदोलन को आगे बढ़ाया जाएगा।
समिति का कहना है कि अकलतरा में इन दोनों महत्वपूर्ण ट्रेनों का ठहराव मिलने से न केवल नगर बल्कि आसपास के दर्जनों गांवों के यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी। विद्यार्थियों, व्यापारियों, नौकरीपेशा लोगों, मरीजों तथा अन्य यात्रियों को लंबी दूरी की यात्रा के लिए सुविधाजनक रेल सेवा उपलब्ध हो सकेगी। अब रेल संघर्ष समिति ने इस मांग को अंतिम परिणाम तक पहुंचाने के लिए निर्णायक संघर्ष का संकेत दिया है।
बैठक में रोहित सारथी, अनिल सिंह, हर्ष वर्धन सिंह, अविनाश साहू, शहजादा खान, दिलेश्वर साहू, महेश्वर टंडन, अमन सोनवानी, शुभंकर सिंह, अनिकेत अग्रवाल, डी.आर. लहरें, दीपेश सिंह, अवधेश सिंह, अब्दुल मोइद, सुरेश अग्रवाल, राजेश जैन, चिराग शर्मा, सुबोध जैन सहित नगर के बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे।













