राजेंद्र कुमार सिंह उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में नुक्कड़ नाटक एवं चित्रकला प्रदर्शनी का आयोजन, सेवा सेतु ऐप के माध्यम से डिजिटल सेवाओं की दी गई जानकारी
सौरभ सिंह ने विद्यार्थियों को समय प्रबंधन, अनुशासन और राष्ट्रनिर्माण में सक्रिय सहभागिता के लिए किया प्रेरित
चित्रकला में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले पांच विद्यार्थियों को 1,100-1,100 रुपये की प्रोत्साहन राशि, प्राथमिक शाला के विद्यार्थियों को पठन सामग्री वितरित
अकलतरा – विद्यार्थियों में राष्ट्रप्रेम, सामाजिक उत्तरदायित्व, स्वच्छता, अनुशासन और जनसेवा की भावना विकसित करने के उद्देश्य से अकलतरा एजुकेशन ट्रस्ट द्वारा संचालित राजेंद्र कुमार सिंह उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, अकलतरा में सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत नुक्कड़ नाटक एवं चित्रकला प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने अपनी रचनात्मक प्रतिभा, सामाजिक जागरूकता और राष्ट्रनिर्माण के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण का प्रभावशाली प्रदर्शन किया। राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवकों द्वारा प्रस्तुत नुक्कड़ नाटक के माध्यम से छत्तीसगढ़ शासन के महत्वपूर्ण डिजिटल प्लेटफॉर्म सेवा सेतु ऐप की जानकारी आम नागरिकों तक पहुंचाई गई। वहीं, चित्रकला प्रदर्शनी में विद्यार्थियों ने विकसित भारत-2047, भारतीय सेना का शौर्य और डिजिटल इंडिया जैसे विषयों पर अपनी कल्पनाशीलता एवं कलात्मक प्रतिभा को रंगों के माध्यम से अभिव्यक्त किया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में छत्तीसगढ़ खनिज विकास निगम के अध्यक्ष एवं अकलतरा एजुकेशन ट्रस्ट के अध्यक्ष सौरभ सिंह उपस्थित रहे। उनके साथ अकलतरा एजुकेशन ट्रस्ट के उपाध्यक्ष अशोक अग्रवाल, सचिव ईश्वर खंडेलिया, कोषाध्यक्ष स्वप्निल जैन, वरिष्ठ सदस्य अरविंद जैन, सुशील गुप्ता, विकासखंड शिक्षा अधिकारी देवकांत द्विवेदी, सी. एस. चंद्रा तथा विद्यालय के प्राचार्य आर. के. विश्वकर्मा सहित अनेक गणमान्य नागरिक एवं शिक्षा जगत से जुड़े लोग मौजूद रहे।
कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल किताबी ज्ञान तक सीमित न रखकर उन्हें समाज के प्रति अपने दायित्वों के प्रति जागरूक करना, शासन की जनकल्याणकारी डिजिटल सुविधाओं की जानकारी देना और राष्ट्र के विकास में उनकी भूमिका को समझाना रहा।
सेवा के संकल्प से राष्ट्रनिर्माण में भागीदारी का आह्वान – 
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि सौरभ सिंह ने कहा कि देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्षों को सेवा संकल्प अभियान के रूप में मनाते हुए जन-जन से राष्ट्रसेवा में योगदान देने की अपील की जा रही है। इस अभियान का मूल उद्देश्य सेवा, समर्पण और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना को व्यापक बनाना तथा नागरिकों को राष्ट्र के विकास में अपनी सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित करना है।
उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि विद्यार्थी जीवन किसी भी व्यक्ति के व्यक्तित्व निर्माण का सबसे महत्वपूर्ण समय होता है। इसी अवस्था में विकसित आदतें, संस्कार और विचार भविष्य के जीवन की दिशा निर्धारित करते हैं। इसलिए विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ-साथ समय प्रबंधन, अनुशासन, स्वच्छता, परिश्रम और सामाजिक सेवा जैसे गुणों को अपने जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रनिर्माण केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि समाज के प्रत्येक नागरिक की इसमें महत्वपूर्ण भूमिका होती है। विद्यार्थी भी अपनी दैनिक गतिविधियों के माध्यम से देश और समाज के विकास में योगदान दे सकते हैं। अपने विद्यालय को स्वच्छ रखना, सार्वजनिक स्थानों की साफ-सफाई के प्रति जागरूक रहना, जरूरतमंदों की सहायता करना, नियमों का पालन करना और अपने कर्तव्यों के प्रति जिम्मेदार बनना भी राष्ट्रसेवा के महत्वपूर्ण रूप हैं।
सौरभ सिंह ने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि जीवन में सफलता प्राप्त करने के लिए लक्ष्य निर्धारित करना, समय का सदुपयोग करना और निरंतर मेहनत करना आवश्यक है। अनुशासित जीवनशैली अपनाने वाले विद्यार्थी ही आगे चलकर जिम्मेदार नागरिक बनते हैं और समाज को सकारात्मक दिशा देने में सक्षम होते हैं।
उन्होंने विद्यार्थियों से राष्ट्रप्रेम की भावना को अपने आचरण में उतारने, समाज के प्रति संवेदनशील बनने और विकसित भारत के निर्माण में अपनी भूमिका निभाने का आह्वान किया।
नुक्कड़ नाटक के माध्यम से सेवा सेतु ऐप की उपयोगिता से कराया परिचित – 
कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवकों द्वारा प्रस्तुत नुक्कड़ नाटक रहा। स्वयंसेवकों ने रोचक एवं प्रभावशाली प्रस्तुति के माध्यम से छत्तीसगढ़ शासन के डिजिटल प्लेटफॉर्म सेवा सेतु ऐप की जानकारी दी तथा आम नागरिकों को इसकी उपयोगिता एवं संभावित लाभों से अवगत कराया।
नुक्कड़ नाटक के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि वर्तमान डिजिटल युग में नागरिकों को शासकीय सेवाओं की जानकारी प्राप्त करने और उपलब्ध डिजिटल सुविधाओं का उपयोग करने के प्रति जागरूक होना चाहिए। तकनीक के माध्यम से नागरिकों तक सेवाओं की जानकारी पहुंचाना और डिजिटल माध्यमों के प्रति समझ विकसित करना सुशासन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
स्वयंसेवकों ने अपनी प्रस्तुति के माध्यम से यह भी रेखांकित किया कि डिजिटल सुविधाओं का लाभ तभी व्यापक स्तर पर पहुंच सकता है, जब आम नागरिकों को उनके उपयोग की जानकारी हो। इस दृष्टि से विद्यार्थियों और युवाओं की भूमिका महत्वपूर्ण है, क्योंकि वे अपने परिवारों और आसपास के लोगों को भी डिजिटल सेवाओं के प्रति जागरूक कर सकते हैं।
नुक्कड़ नाटक ने विद्यार्थियों को सामाजिक विषयों पर रचनात्मक अभिव्यक्ति का अवसर प्रदान किया। साथ ही यह संदेश भी दिया कि शिक्षा का उद्देश्य केवल व्यक्तिगत उन्नति नहीं, बल्कि समाज के प्रति जिम्मेदारी का बोध विकसित करना भी है।
चित्रकला प्रदर्शनी में विकसित भारत-2047 और सेना के शौर्य का सजीव चित्रण –
कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित चित्रकला प्रदर्शनी विद्यार्थियों की प्रतिभा और रचनात्मक सोच का प्रभावशाली उदाहरण बनी। विद्यार्थियों ने विकसित भारत-2047, भारतीय सेना का शौर्य और डिजिटल इंडिया जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर आकर्षक चित्र तैयार किए।
इन चित्रों के माध्यम से विद्यार्थियों ने भविष्य के भारत की कल्पना, देश की सुरक्षा में भारतीय सेना के योगदान तथा आधुनिक तकनीक के बढ़ते महत्व को अभिव्यक्त किया। चित्रों में राष्ट्र के विकास, देशभक्ति और डिजिटल प्रगति से जुड़े विचारों को रचनात्मक रूप में प्रस्तुत किया गया।
अतिथियों ने प्रदर्शनी का अवलोकन करते हुए विद्यार्थियों की कलात्मक प्रतिभा और विषयों के प्रति उनकी समझ की सराहना की, अकलतरा एजुकेशन ट्रस्ट के उपाध्यक्ष अशोक अग्रवाल ने कहा कि इस प्रकार की गतिविधियां विद्यार्थियों के भीतर छिपी प्रतिभा को सामने लाने के साथ-साथ उनमें सामाजिक एवं राष्ट्रीय विषयों के प्रति रुचि विकसित करती हैं, अकलतरा एजुकेशन ट्रस्ट के सचिव ईश्वर खंडेलिया ने कहा कि
चित्रकला जैसी रचनात्मक गतिविधियां विद्यार्थियों को अपने विचार स्वतंत्र रूप से व्यक्त करने का अवसर देती हैं। जब विद्यार्थी देश के भविष्य, सेना के पराक्रम और तकनीकी विकास जैसे विषयों पर चित्र बनाते हैं, तो उनके भीतर इन विषयों के प्रति समझ और जुड़ाव भी विकसित होता है।
उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले पांच विद्यार्थियों को 1100-1100 रुपये की प्रोत्साहन राशि – 
चित्रकला प्रदर्शनी में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले पांच विद्यार्थियों को मुख्य अतिथि सौरभ सिंह द्वारा प्रत्येक को 1100 – 1100 रुपये की नगद प्रोत्साहन राशि प्रदान कर सम्मानित किया गया। इस पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों की रचनात्मक प्रतिभा को प्रोत्साहित करना और उन्हें भविष्य में भी बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित करना रहा।
विद्यार्थियों को प्रोत्साहन राशि प्रदान कर यह संदेश दिया गया कि शिक्षा के साथ-साथ कला, रचनात्मकता और सामाजिक विषयों पर जागरूकता भी व्यक्तित्व विकास के महत्वपूर्ण अंग हैं।
ऐसे आयोजनों में विद्यार्थियों को सम्मान और प्रोत्साहन मिलने से उनका आत्मविश्वास बढ़ता है। इससे अन्य विद्यार्थियों को भी अपनी प्रतिभा पहचानने, नए विषयों पर काम करने और विभिन्न शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों में भाग लेने की प्रेरणा मिलती है।
कार्यक्रम में विद्यार्थियों की प्रतिभा को प्रोत्साहित करने की इस पहल को शिक्षा के साथ रचनात्मक विकास को महत्व देने वाला कदम माना गया।
प्राथमिक शाला के विद्यार्थियों को पठन सामग्री वितरित – 
सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत शिक्षा को प्रोत्साहन देने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण पहल करते हुए धीरेंद्र कुमार सिंह प्राथमिक शाला के सभी विद्यार्थियों को पठन सामग्री वितरित की गई।
इस पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों को अध्ययन के लिए आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराने के साथ उनकी शिक्षा के प्रति रुचि और उत्साह को बढ़ावा देना रहा। प्राथमिक शिक्षा बच्चों के शैक्षणिक जीवन की आधारशिला होती है। इस स्तर पर आवश्यक शैक्षणिक संसाधन और प्रोत्साहन मिलने से बच्चों में पढ़ाई के प्रति सकारात्मक वातावरण निर्मित करने में सहायता मिलती है।
कार्यक्रम के दौरान प्राथमिक शाला में नियमित उपस्थिति को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण घोषणा भी की गई। मुख्य अतिथि सौरभ सिंह ने घोषणा की कि प्राथमिक शाला की प्रत्येक कक्षा में शत-प्रतिशत उपस्थिति दर्ज कराने वाले विद्यार्थियों को प्रतिमाह पुरस्कृत किया जाएगा।
इस घोषणा का उद्देश्य विद्यार्थियों को नियमित रूप से विद्यालय आने के लिए प्रेरित करना तथा शिक्षा के प्रति जिम्मेदारी और अनुशासन की भावना विकसित करना है। नियमित उपस्थिति से बच्चों की पढ़ाई में निरंतरता बनी रहती है और वे कक्षा में संचालित शैक्षणिक गतिविधियों का बेहतर लाभ उठा सकते हैं।
यह पहल विद्यार्थियों के साथ-साथ अभिभावकों को भी बच्चों की नियमित विद्यालय उपस्थिति के प्रति जागरूक करने में सहायक हो सकती है।
मां सरस्वती एवं स्वामी विवेकानंद के चित्र पर पुष्प अर्पित कर हुआ शुभारंभ –
कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा मां सरस्वती एवं स्वामी विवेकानंद के चित्र पर पुष्प अर्पित कर दीप प्रज्वलित करने के साथ हुआ। इसके पश्चात वंदेमातरम गीत के माध्यम से कार्यक्रम की औपचारिक शुरुआत की गई।
शुभारंभ का यह अवसर शिक्षा, संस्कार, राष्ट्रप्रेम और सेवा भावना के प्रति समर्पण का संदेश देने वाला रहा। मां सरस्वती को विद्या एवं ज्ञान की देवी तथा स्वामी विवेकानंद को युवाओं के प्रेरणास्रोत के रूप में स्मरण करते हुए विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास और समाज के प्रति उनके दायित्वों पर बल दिया गया।
कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों ने विद्यालय की शैक्षणिक एवं सहशैक्षणिक गतिविधियों की सराहना करते हुए इस प्रकार के आयोजनों को विद्यार्थियों के व्यक्तित्व निर्माण के लिए उपयोगी बताया।
शिक्षा के साथ संस्कार और सामाजिक जिम्मेदारी पर जोर
सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत आयोजित इस कार्यक्रम ने शिक्षा के व्यापक उद्देश्य को रेखांकित किया। विद्यालय में आयोजित नुक्कड़ नाटक, चित्रकला प्रदर्शनी, विद्यार्थियों का सम्मान और प्राथमिक शाला के बच्चों को पठन सामग्री वितरण जैसी गतिविधियों के माध्यम से शिक्षा को सामाजिक जागरूकता और जनसेवा से जोड़ने का प्रयास किया गया।
आज के समय में विद्यार्थियों को तकनीकी जानकारी और शैक्षणिक ज्ञान के साथ सामाजिक समस्याओं को समझने तथा उनके समाधान में अपनी भूमिका निभाने के लिए भी तैयार करना आवश्यक है। डिजिटल सेवाओं की जानकारी, स्वच्छता के प्रति जागरूकता, समय प्रबंधन और अनुशासन जैसे विषय विद्यार्थियों को जिम्मेदार नागरिक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
कार्यक्रम में दिए गए संदेशों के माध्यम से विद्यार्थियों को यह समझाने का प्रयास किया गया कि छोटे-छोटे सकारात्मक कार्य भी समाज और राष्ट्र के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं। अपने कर्तव्यों का ईमानदारी से निर्वहन करना, दूसरों की सहायता करना और सार्वजनिक जीवन में जिम्मेदार व्यवहार अपनाना सेवा की भावना को साकार करने के प्रमुख माध्यम हैं।
गणमान्य नागरिकों, जनप्रतिनिधियों एवं शिक्षकों की रही उपस्थिति
कार्यक्रम में अकलतरा नगर के अनेक जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक, शिक्षाविद्, शिक्षक एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे, पार्षद पुरुषोत्तम नामदेव, दिनेश दास, मुरलीधर मिश्रा, एल्डरमैन श्याम चरण चौधरी, भारती देवांगन, मनोज मिश्रा, चंदन शर्मा, आशीष प्रसाद, संतोष दुबे, संतन रात्रे, अनिल दुबे, संजय कश्यप, रेनू अग्रवाल, करण सिंह चंदेल, जे. के. नेशनल स्कूल के एडमिन एवं स्टाफ, उमाशंकर निर्मलकर, संजू सिंह, जितेंद्र सारथी तथा धीरेंद्र कुमार सिंह प्राथमिक शाला के प्रधानपाठक रवि वर्मा सहित विद्यालय के शिक्षक एवं कर्मचारी शामिल रहे।
इसके अतिरिक्त दिशा अकलतरा फाउंडेशन के स्टाफ, राजेंद्र कुमार सिंह उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के समस्त स्टाफ, धीरेंद्र कुमार सिंह प्राथमिक शाला के शिक्षक-शिक्षिकाएं, बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं तथा नगर के गणमान्य नागरिक भी कार्यक्रम में मौजूद रहे।
कार्यक्रम का संचालन राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रम अधिकारी आर. के. पाण्डेय ने किया। आयोजन में उपस्थित अतिथियों एवं शिक्षकों ने विद्यार्थियों की सहभागिता की सराहना करते हुए सामाजिक जागरूकता, रचनात्मकता और सेवा भावना से जुड़े ऐसे आयोजनों को निरंतर प्रोत्साहित करने की आवश्यकता पर बल दिया।
सेवा, संस्कार और राष्ट्रप्रेम का संदेश देकर संपन्न हुआ आयोजन
अकलतरा एजुकेशन ट्रस्ट द्वारा संचालित राजेंद्र कुमार सिंह उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में आयोजित सेवा संकल्प अभियान ने विद्यार्थियों को राष्ट्रसेवा, सामाजिक दायित्व, स्वच्छता, अनुशासन और डिजिटल जागरूकता का महत्वपूर्ण संदेश दिया।
एक ओर राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवकों ने नुक्कड़ नाटक के माध्यम से सेवा सेतु ऐप की जानकारी जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया, तो दूसरी ओर चित्रकला प्रदर्शनी ने विद्यार्थियों की रचनात्मक क्षमता और राष्ट्र के भविष्य के प्रति उनकी कल्पनाशीलता को सामने रखा। वहीं, उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को आर्थिक प्रोत्साहन, प्राथमिक शाला के बच्चों को पठन सामग्री वितरण और नियमित उपस्थिति पर पुरस्कार की घोषणा ने शिक्षा के प्रति प्रोत्साहन की भावना को मजबूत किया।













