छात्र स्पष्ट लक्ष्य के साथ आगे बढ़ें, मेहनत और जागरूकता से सफलता हासिल करें—शिवानी सिंह 
अकलतरा – युवाओं को उनके अधिकारों एवं कर्तव्यों के प्रति जागरूक करने तथा सामाजिक बुराइयों और अपराधों से बचाव के लिए जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से नगर के शासकीय डॉ. इंद्रजीत सिंह महाविद्यालय, अकलतरा में जागृति योजना—“सशक्त युवा, सशक्त भारत” अभियान के अंतर्गत विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं को कानून की महत्वपूर्ण जानकारियां देने के साथ उन्हें अपने भविष्य के प्रति स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित कर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया गया।
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि न्यायिक मजिस्ट्रेट एवं अध्यक्ष, तालुका विधिक सेवा समिति अकलतरा श्रीमती शिवानी सिंह ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि जागृति योजना का प्रमुख उद्देश्य युवाओं को सामाजिक बुराइयों, साइबर अपराध, बाल विवाह जैसी कुरीतियों एवं कानून से जुड़े विषयों के प्रति जागरूक कर उन्हें सशक्त बनाना है। उन्होंने कहा कि युवा देश की सबसे बड़ी शक्ति हैं और जब युवा जागरूक एवं सशक्त होंगे, तभी देश भी मजबूत और विकसित बनेगा।
श्रीमती शिवानी सिंह ने विद्यार्थियों को जीवन में स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित करने का संदेश देते हुए कहा कि लक्ष्य के बिना सफलता की दिशा तय करना कठिन होता है। विद्यार्थियों को अपनी रुचि और क्षमता के अनुरूप लक्ष्य निर्धारित कर उसे प्राप्त करने के लिए निरंतर मेहनत, अनुशासन और सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में युवाओं के सामने अवसरों के साथ अनेक चुनौतियां भी हैं, इसलिए उन्हें अपने अधिकारों के साथ-साथ कानून और सामाजिक जिम्मेदारियों की जानकारी होना आवश्यक है।
साइबर अपराध से बचाव को लेकर किया जागरूक
कार्यक्रम में साइबर अपराध को लेकर भी विद्यार्थियों को विशेष रूप से जागरूक किया गया। बदलते डिजिटल दौर में मोबाइल, इंटरनेट और सोशल मीडिया के बढ़ते उपयोग के साथ साइबर अपराध के मामले भी सामने आ रहे हैं। ऐसे में विद्यार्थियों से सतर्क रहने, अपनी व्यक्तिगत एवं गोपनीय जानकारी किसी अनजान व्यक्ति के साथ साझा नहीं करने तथा संदिग्ध ऑनलाइन गतिविधियों से सावधान रहने की अपील की गई।
पॉक्सो एक्ट और मोटर व्हीकल एक्ट की दी जानकारी –
शिविर के दौरान विद्यार्थियों को पॉक्सो एक्ट, मोटर व्हीकल एक्ट तथा निःशुल्क विधिक सहायता से संबंधित महत्वपूर्ण प्रावधानों की जानकारी दी गई। मुख्य अतिथि ने विद्यार्थियों द्वारा पूछे गए विभिन्न सवालों का जवाब देते हुए कानून की उपयोगिता और आम नागरिकों के अधिकारों को सरल भाषा में समझाया।
उन्होंने बताया कि कानून की जानकारी केवल विधि के विद्यार्थियों के लिए ही जरूरी नहीं है, बल्कि प्रत्येक नागरिक को अपने अधिकारों और कानूनी दायित्वों की सामान्य जानकारी होनी चाहिए। विशेषकर युवाओं को किसी भी प्रकार के शोषण, अपराध या अन्याय की स्थिति में कानून का सहारा लेने के लिए जागरूक और सजग रहना चाहिए।
विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक लिया हिस्सा –
विधिक जागरूकता शिविर में महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। विद्यार्थियों ने विभिन्न कानूनी विषयों को लेकर अपनी जिज्ञासाएं रखीं, जिनका अतिथि वक्ता द्वारा सरल एवं व्यावहारिक तरीके से समाधान किया गया। शिविर के माध्यम से विद्यार्थियों को न केवल कानूनी जानकारी मिली, बल्कि समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को समझने और एक जागरूक नागरिक के रूप में आगे बढ़ने की प्रेरणा भी मिली।
कार्यक्रम में डॉ. उपेंद्र वर्मा, डॉ. सुनील साहू, डॉ. विनोद साहू, डॉ. रेणुका शर्मा, गरिमा सिंह, अनीता सोनवानी, पीएलवी गजानंद प्रसाद कश्यप, पीएलवी डालेश्वर प्रसाद पटेल सहित महाविद्यालय के छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं में कानून के प्रति समझ विकसित करने के साथ उन्हें सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ आवाज उठाने, अपने अधिकारों के प्रति सजग रहने और जिम्मेदार नागरिक के रूप में राष्ट्र निर्माण में योगदान देने के लिए प्रेरित करना रहा। “सशक्त युवा, सशक्त भारत” का संदेश देते हुए शिविर ने विद्यार्थियों को अपने भविष्य के लिए स्पष्ट लक्ष्य तय कर ज्ञान, मेहनत और जागरूकता के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।













