हवन, सहस्त्रधारा एवं अखंड ज्योत के विसर्जन के साथ हुआ 40 दिवसीय झूलेलाल चालीहो महोत्सव का समापन हुआ,
शोभायात्रा में उमड़ा सिंधी समाज का सैलाब, डांडिया नृत्य ने बांधा समां, लंगर में बड़ी संख्या में लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया
अकलतरा – पूज्य सिंधी पंचायत, श्री झूलेलाल सेवा समिति एवं श्री झूलेलाल महिला सेवा समिति के संयुक्त तत्वावधान में नगर के सिंधी धर्मशाला में विगत 23 जुलाई से श्रद्धा, भक्ति एवं धार्मिक उल्लास के साथ आयोजित 40 दिवसीय झूलेलाल चालीहो महोत्सव का हवन, सहस्त्रधारा पूजन एवं अखंड ज्योत के विसर्जन के साथ भव्य एवं भावपूर्ण समापन हुआ, महोत्सव के अंतिम दिन धार्मिक अनुष्ठानों के साथ-साथ कन्या भोज, लंगर, प्रसाद वितरण एवं भव्य शोभायात्रा का आयोजन किया गया, जिसमें सिंधी समाज के लोगों के साथ नगरवासियों ने भी उत्साहपूर्वक सहभागिता निभाई।
मंत्रोच्चार के बीच हुआ हवन एवं सहस्त्रधारा –
महोत्सव के समापन अवसर पर सिंधी धर्मशाला में विधि-विधान एवं मंत्रोच्चार के साथ हवन एवं सहस्त्रधारा का आयोजन किया गया। धार्मिक वातावरण में समाज के श्रद्धालुओं ने बड़ी संख्या में उपस्थित होकर हवन में आहुति प्रदान की और भगवान झूलेलाल से समाज, नगर एवं क्षेत्र की सुख-समृद्धि, शांति एवं खुशहाली की कामना की। हवन स्थल पर पूरे समय भक्ति एवं आध्यात्मिक वातावरण बना रहा।
40 दिनों तक निरंतर चली आराधना के अंतिम दिन श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। समाज के लोगों ने श्रद्धा एवं भक्ति के साथ चालीहो महोत्सव में अपनी सहभागिता निभाई तथा भगवान झूलेलाल के प्रति अपनी आस्था प्रकट की।
कन्या भोज और लंगर में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़ –
समापन अवसर पर सिंधी धर्मशाला में कन्या भोज का आयोजन किया गया। कन्याओं को श्रद्धापूर्वक भोजन कराया गया तथा धार्मिक परंपराओं के अनुरूप उनका पूजन कर आशीर्वाद लिया गया।
दोपहर 1 बजे से सिंधी धर्मशाला परिसर में विशाल लंगर आयोजित किया गया। लंगर में सिंधी समाज के लोगों के साथ नगर एवं आसपास के क्षेत्र से पहुंचे नागरिकों ने भी बड़ी संख्या में शामिल होकर प्रसाद ग्रहण किया। लंगर के दौरान सेवा एवं समर्पण की भावना दिखाई दी और समाज के लोगों ने श्रद्धालुओं एवं नगरवासियों को भोजन प्रसादी परोसकर सेवा कार्य किया।
शास्त्री चौक में राहगीरों को बांटा प्रसाद –
महोत्सव के समापन अवसर पर शाम 4 बजे नगर के प्रमुख शास्त्री चौक में सिंधी समाज के युवकों द्वारा प्रसाद वितरण किया गया। मार्ग से गुजरने वाले राहगीरों एवं नगरवासियों को श्रद्धापूर्वक प्रसाद वितरित किया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया।
युवाओं की इस सेवा भावना ने महोत्सव के धार्मिक आयोजन को सामाजिक सरोकार से भी जोड़ा। प्रसाद वितरण के दौरान लोगों में उत्साह एवं श्रद्धा का माहौल देखने को मिला।
अखंड ज्योत के साथ निकली भव्य शोभायात्रा –
समापन समारोह का मुख्य आकर्षण शाम 6 बजे सिंधी धर्मशाला से निकली भव्य शोभायात्रा रही। भगवान झूलेलाल की अखंड ज्योत को साथ लेकर निकली शोभायात्रा में सिंधी समाज के महिला, पुरुष, युवा एवं युवतियां बड़ी संख्या में शामिल हुए।
शोभायात्रा आजाद चौक, पोस्ट ऑफिस मार्ग, शास्त्री चौक, सब्जी मार्केट रोड एवं भगवान परशुराम मार्ग होते हुए नगर के रामसागर तालाब पहुंची। पूरे मार्ग में धार्मिक उल्लास एवं भक्ति का वातावरण बना रहा। शोभायात्रा के दौरान श्रद्धालुओं ने भगवान झूलेलाल के जयकारे लगाए।
संगीत की धुन पर थिरके युवक-युवतियां, डांडिया ने बांधा समां –
शोभायात्रा के दौरान सिंधी समाज के युवक एवं युवतियों ने संगीत की धुन पर आकर्षक डांडिया नृत्य प्रस्तुत किया। पारंपरिक उत्साह एवं आधुनिक संगीत के संगम ने शोभायात्रा को और भी आकर्षक बना दिया। युवक-युवतियां पूरे उत्साह के साथ डांडिया करते हुए आगे बढ़े, जिसे देखने के लिए मार्ग में नगरवासियों की भीड़ भी जुटी रही।
शोभायात्रा में शामिल श्रद्धालुओं के चेहरे पर 40 दिनों की धार्मिक साधना पूर्ण होने की खुशी साफ दिखाई दे रही थी। महिलाओं एवं युवतियों ने भी उत्साहपूर्वक सहभागिता निभाई, जिससे शोभायात्रा में धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक एकजुटता का सुंदर दृश्य देखने को मिला।
रामसागर तालाब में पूजा-अर्चना के साथ अखंड ज्योत का विसर्जन –
शोभायात्रा के रामसागर तालाब पहुंचने के बाद विधि-विधानपूर्वक पूजा-अर्चना की गई। धार्मिक अनुष्ठान के पश्चात भगवान झूलेलाल की अखंड ज्योत का विसर्जन किया गया। इसी के साथ 40 दिनों से चल रहे झूलेलाल चालीहो महोत्सव का विधिवत एवं भावपूर्ण समापन हुआ।
अखंड ज्योत के विसर्जन के समय श्रद्धालुओं ने श्रद्धापूर्वक भगवान झूलेलाल का स्मरण किया और परिवार एवं समाज की सुख-शांति तथा समृद्धि की कामना की। इस अवसर पर उपस्थित समाजजनों के बीच धार्मिक भावनाओं के साथ 40 दिवसीय आयोजन की पूर्णता का संतोष भी दिखाई दिया।
40 दिनों तक नगर में गूंजता रहा भक्ति और आस्था का संदेश –
झूलेलाल चालीहो महोत्सव के 40 दिनों के दौरान सिंधी समाज के लोगों ने धार्मिक आस्था, अनुशासन एवं सेवा भावना के साथ विभिन्न धार्मिक गतिविधियों में सहभागिता की। महोत्सव ने समाज के लोगों को एकजुट करने के साथ ही नई पीढ़ी को अपनी धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपराओं से जोड़ने का महत्वपूर्ण कार्य किया।
समापन अवसर पर निकली भव्य शोभायात्रा में बड़ी संख्या में समाजजनों की उपस्थिति ने आयोजन की सफलता को प्रदर्शित किया। धार्मिक अनुष्ठान, कन्या भोज, लंगर, प्रसाद वितरण एवं शोभायात्रा ने पूरे समापन समारोह को श्रद्धा, सेवा, संस्कृति एवं सामाजिक एकता का यादगार उत्सव बना दिया।
इस अवसर पर पूज्य सिंधी पंचायत, श्री झूलेलाल सेवा समिति एवं श्री झूलेलाल महिला सेवा समिति के पदाधिकारी, एवं समाज के महिला-पुरुष, युवा एवं बच्चे बड़ी संख्या में उपस्थित रहे ।













