एक साल से लेखापाल, छह माह से उप अभियंता का पद रिक्त, जुगाड़ के भरोसे संचालित हो रहा नगर पालिका का कामकाज 
अकलतरा – नगर पालिका परिषद अकलतरा में महत्वपूर्ण तकनीकी एवं वित्तीय पदों के लंबे समय से रिक्त रहने के कारण पालिका का कामकाज प्रभावित होने लगा है, नगर पालिका में विगत एक वर्ष से लेखापाल का पद रिक्त है, वहीं लगभग छह महीने से उप अभियंता का पद भी खाली पड़ा है, महत्वपूर्ण पदों पर नियमित अधिकारियों की नियुक्ति नहीं होने से कार्यालयीन कार्यों के साथ-साथ विकास एवं निर्माण कार्यों की निगरानी व्यवस्था भी प्रभावित होने की स्थिति निर्मित हो गई है।
नगर पालिका जैसी स्थानीय निकाय संस्था में लेखापाल और उप अभियंता के पदों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। लेखापाल के माध्यम से पालिका के वित्तीय कार्य, भुगतान, लेखा-जोखा, बजट संबंधी प्रक्रिया एवं विभिन्न वित्तीय दस्तावेजों का संधारण किया जाता है, इसी तरह उप अभियंता निर्माण एवं विकास कार्यों की तकनीकी निगरानी, स्थल निरीक्षण, माप पुस्तिका, गुणवत्ता परीक्षण तथा कार्यों की प्रगति से जुड़े महत्वपूर्ण दायित्व संभालता है।
रिक्त पदों के कारण बढ़ी कार्यों की परेशानी –
लगातार लंबे समय से दोनों महत्वपूर्ण पद रिक्त रहने के कारण नगर पालिका का कामकाज अब व्यवस्था के बजाय ‘जुगाड़’ के सहारे संचालित होने की चर्चा है। अधिकारियों एवं कर्मचारियों को अतिरिक्त जिम्मेदारियां देकर काम चलाने की स्थिति बनने से नियमित कार्यों का दबाव बढ़ रहा है, इसका सीधा असर कार्यालयीन कार्यों की गति और आम नागरिकों से जुड़े कामों पर पड़ने की आशंका बनी हुई है।
वहीं उप अभियंता का पद रिक्त होने से नगर में चल रहे विभिन्न निर्माण एवं विकास कार्यों की तकनीकी निगरानी को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। निर्माण कार्यों का समय पर निरीक्षण, गुणवत्ता की जांच, कार्य की प्रगति का मूल्यांकन और तकनीकी प्रक्रिया का पालन किसी योग्य तकनीकी अधिकारी की मौजूदगी में ही प्रभावी ढंग से सुनिश्चित किया जा सकता है।
निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और निगरानी पर सवाल
नगर में सड़क, नाली, भवन सहित विभिन्न विकास कार्य समय-समय पर स्वीकृत होकर संचालित होते हैं। ऐसे में तकनीकी अधिकारी के अभाव में निर्माण कार्यों का नियमित निरीक्षण प्रभावित होना स्वाभाविक है। यदि कार्यों का समय पर निरीक्षण एवं तकनीकी परीक्षण नहीं होता है तो निर्माण की गुणवत्ता, माप एवं भुगतान संबंधी प्रक्रिया को लेकर भी भविष्य में सवाल खड़े हो सकते हैं, पार्षदो का कहना है कि नगर पालिका में महत्वपूर्ण पदों को लंबे समय तक रिक्त रखना नगर के प्रशासनिक हित में नहीं है। शासन द्वारा स्थानीय निकायों को विकास कार्यों के लिए जिम्मेदारी दी जाती है, लेकिन आवश्यक पदों पर अधिकारियों की कमी से योजनाओं के क्रियान्वयन की गति प्रभावित हो रही है।
नगरीय प्रशासन विभाग से नियुक्ति की मांग –
नगर पालिका परिषद अकलतरा में लंबे समय से रिक्त पड़े लेखापाल एवं उप अभियंता के पदों पर शीघ्र नियमित नियुक्ति किए जाने की आवश्यकता है। राज्य शासन एवं नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग को इस मामले को गंभीरता से लेते हुए आवश्यक कार्रवाई करनी चाहिए, ताकि पालिका का वित्तीय एवं तकनीकी कामकाज व्यवस्थित रूप से संचालित हो सके।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि नगर पालिका का संचालन अस्थायी व्यवस्था या जुगाड़ के भरोसे नहीं, बल्कि पर्याप्त संख्या में जिम्मेदार एवं सक्षम अधिकारियों-कर्मचारियों की मौजूदगी में होना चाहिए। एक वर्ष से लेखापाल और छह महीने से उप अभियंता का पद रिक्त रहना प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़ा करता है। अब देखना होगा कि राज्य शासन और नगरीय प्रशासन विभाग इन रिक्त पदों पर नियुक्ति कब तक करता है और अकलतरा नगर पालिका को नियमित वित्तीय एवं तकनीकी व्यवस्था कब तक उपलब्ध हो पाती है।













