परिक्षेत्र स्तरीय महिला कबड्डी प्रतियोगिता में गूंजा नारी शक्ति का दमखम,
पामगढ़ ने जीता खिताब, अकलतरा उपविजेता; राजवी कंवर बनीं बेस्ट रेडर, अंजली केवट को बेस्ट डिफेंडर का पुरस्कार
अकलतरा – श्री ऋषभ विद्योदय महाविद्यालय बनाहिल के ऑडिटोरियम में आयोजित परिक्षेत्र स्तरीय महिला कबड्डी प्रतियोगिता में खेल प्रतिभा, साहस, संघर्ष और नारी शक्ति का शानदार प्रदर्शन देखने को मिला, जांजगीर सेक्टर के अंतर्गत जिला जांजगीर-चांपा एवं सक्ती के 10 शासकीय एवं अशासकीय महाविद्यालयों की महिला खिलाड़ियों ने प्रतियोगिता में उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए अपने खेल कौशल का शानदार प्रदर्शन किय, रोमांचक मुकाबलों के बीच चैतन्य कला एवं विज्ञान महाविद्यालय पामगढ़ ने शानदार प्रदर्शन करते हुए प्रतियोगिता का खिताब अपने नाम किया, जबकि शासकीय डॉ. इंद्रजीत सिंह महाविद्यालय अकलतरा उपविजेता रहा।
प्रतियोगिता के दौरान पूरे परिसर में खेल भावना और उत्साह का वातावरण बना रहा। मैदान में उतरने वाली प्रत्येक खिलाड़ी के चेहरे पर जीत का जुनून, आत्मविश्वास और अपने महाविद्यालय का नाम रोशन करने का संकल्प स्पष्ट दिखाई दिया। कबड्डी के मुकाबलों में खिलाड़ियों ने अपनी फुर्ती, शारीरिक क्षमता, रणनीति और अदम्य साहस का परिचय देते हुए दर्शकों को रोमांचित कर दिया।
दीप प्रज्वलन एवं राष्ट्रगान के साथ हुआ शुभारंभ –
प्रतियोगिता का शुभारंभ ज्ञान की देवी मां सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलन एवं राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ के साथ हुआ। राष्ट्रगान के दौरान पूरा परिसर देशभक्ति की भावना से ओतप्रोत नजर आया। प्रतियोगिता के शुभारंभ ने खिलाड़ियों में नई ऊर्जा और उत्साह का संचार किया।
इस अवसर पर पर्यवेक्षक के रूप में उपस्थित डॉ. विश्वास विश्वकर्मा ने महिला खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि कबड्डी केवल शारीरिक क्षमता का खेल नहीं है, बल्कि यह आत्मविश्वास, अनुशासन, एकता, रणनीति और संघर्ष की भावना का प्रतीक है। उन्होंने खिलाड़ियों को पूरे आत्मविश्वास के साथ खेलते हुए खेल भावना को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के लिए प्रेरित किया। उनके प्रेरणादायी संबोधन से खिलाड़ियों में नया जोश और उत्साह देखने को मिला।
सेमीफाइनल मुकाबलों में दिखा रोमांच – 
प्रतियोगिता के सेमीफाइनल मुकाबलों में खिलाड़ियों ने जबरदस्त प्रदर्शन किया। पहला सेमीफाइनल मुकाबला श्री ऋषभ विद्योदय महाविद्यालय बनाहिल एवं चैतन्य कला एवं विज्ञान महाविद्यालय पामगढ़ के बीच खेला गया। दोनों टीमों के बीच कड़ा संघर्ष देखने को मिला। खिलाड़ियों ने शानदार रेड और बेहतरीन डिफेंस के माध्यम से मुकाबले को रोमांचक बना दिया। अंततः चैतन्य कला एवं विज्ञान महाविद्यालय पामगढ़ ने जीत दर्ज करते हुए फाइनल में प्रवेश किया।
दूसरा सेमीफाइनल मुकाबला शासकीय लक्ष्मणेश्वर महाविद्यालय खरौद एवं शासकीय डॉ. इंद्रजीत सिंह महाविद्यालय अकलतरा के बीच हुआ। इस मुकाबले में भी खिलाड़ियों ने पूरे जोश और आत्मविश्वास के साथ खेल का प्रदर्शन किया। कड़े मुकाबले में शासकीय डॉ. इंद्रजीत सिंह महाविद्यालय अकलतरा ने जीत हासिल कर फाइनल में अपनी जगह सुनिश्चित की।
फाइनल में पामगढ़ ने मारी बाजी –
प्रतियोगिता का फाइनल मुकाबला चैतन्य कला एवं विज्ञान महाविद्यालय पामगढ़ और शासकीय डॉ. इंद्रजीत सिंह महाविद्यालय अकलतरा के मध्य खेला गया। फाइनल में दोनों टीमों की खिलाड़ियों ने शानदार खेल कौशल का प्रदर्शन किया। एक-एक अंक के लिए खिलाड़ियों के बीच जोरदार संघर्ष हुआ और मुकाबला देखने के लिए उपस्थित दर्शकों में पूरे समय उत्साह बना रहा।
रेड के दौरान खिलाड़ियों की फुर्ती और डिफेंस में उनके जबरदस्त तालमेल ने मुकाबले को बेहद रोमांचक बना दिया। हर सफल रेड के साथ दर्शकों की तालियों की गड़गड़ाहट गूंजती रही। अंततः चैतन्य कला एवं विज्ञान महाविद्यालय पामगढ़ ने शानदार प्रदर्शन करते हुए फाइनल मुकाबला अपने नाम किया और परिक्षेत्र स्तरीय महिला कबड्डी प्रतियोगिता का विजेता बनने का गौरव हासिल किया। वहीं शासकीय डॉ. इंद्रजीत सिंह महाविद्यालय अकलतरा ने उपविजेता का स्थान प्राप्त किया।
राजवी कंवर बनीं बेस्ट रेडर, अंजली केवट को बेस्ट डिफेंडर का सम्मान –
प्रतियोगिता में व्यक्तिगत प्रदर्शन के आधार पर उत्कृष्ट खिलाड़ियों को भी सम्मानित किया गया। श्री ऋषभ विद्योदय महाविद्यालय बनाहिल की राजवी कंवर को बेस्ट रेडर तथा शासकीय डॉ. इंद्रजीत सिंह महाविद्यालय अकलतरा की अंजली केवट को बेस्ट डिफेंडर चुना गया।
राजवी कंवर ने पूरे टूर्नामेंट के दौरान अपनी तेजतर्रार रेडिंग, फुर्ती और शानदार रणनीति से प्रभावित किया, वहीं अंजली केवट ने मजबूत डिफेंस, बेहतर तालमेल और निर्णायक मौकों पर शानदार प्रदर्शन करते हुए अपनी प्रतिभा का परिचय दिया। चयन समिति द्वारा दोनों खिलाड़ियों के पूरे प्रतियोगिता में किए गए प्रदर्शन के आधार पर उनका चयन किया गया। महाविद्यालय परिवार ने दोनों खिलाड़ियों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
आयोजन व्यवस्था में एनसीसी एवं एनएसएस की महत्वपूर्ण भूमिका –
प्रतियोगिता को व्यवस्थित एवं सफलतापूर्वक संपन्न कराने में महाविद्यालय के एनसीसी कैडेट्स एवं राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवकों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। उन्होंने व्यवस्थापक के रूप में मैदान एवं आयोजन स्थल पर अनुशासन, खिलाड़ियों की आवाजाही, आवश्यक व्यवस्थाओं तथा अन्य आयोजन संबंधी जिम्मेदारियों का पूरी तत्परता के साथ निर्वहन किया। उनकी सक्रिय भागीदारी ने प्रतियोगिता की व्यवस्थाओं को सुचारु बनाए रखने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
आयोजन समिति एवं खेल अधिकारियों का रहा सहयोग
प्रतियोगिता में रामकृष्ण परमहंस तिवारी एवं गजेन्द्र सिंह चौहान ने मैच रेफरी के रूप में अपनी जिम्मेदारी निभाई। आयोजन को सफल बनाने में संस्था के संचालक डॉ. जय कुमार जैन, संस्था सचिव अंकित जैन, क्रीड़ा प्रभारी राहुल राठौर, आयोजन समिति के सदस्य अनुज जैन, अरविन्द कुमार, भास्कर कश्यप, लक्ष्मी नारायण वर्मा, पुष्पेंद्र कुर्रे, संदीप कुर्रे, मनीषा कश्यप, सरिता पटेल, नरेन्द्र पाटले, बृजनंदन पटेल, आकाश दास, नीरज निर्मलकर एवं द्वासराम कश्यप सहित सभी प्रतिभागी महाविद्यालयों के सम्माननीय क्रीड़ा अधिकारी एवं प्रभारी उपस्थित रहे।
खेल के साथ सशक्तिकरण का संदेश – 
परिक्षेत्र स्तरीय महिला कबड्डी प्रतियोगिता केवल एक खेल आयोजन बनकर नहीं रही, बल्कि इसने महिला खिलाड़ियों की प्रतिभा, आत्मविश्वास और संघर्षशीलता को मंच प्रदान करते हुए नारी सशक्तिकरण का प्रभावशाली संदेश भी दिया। प्रतियोगिता में शामिल खिलाड़ियों ने यह साबित किया कि अवसर और उचित मंच मिलने पर बेटियां किसी भी क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन कर सकती हैं।
बनाहिल में आयोजित इस प्रतियोगिता ने खिलाड़ियों के भीतर प्रतिस्पर्धा की भावना के साथ-साथ आपसी सहयोग, अनुशासन और खेल भावना को भी मजबूत किया। मैदान पर जीत के लिए संघर्ष और मैदान के बाहर एक-दूसरे के प्रति सम्मान का भाव पूरे आयोजन की विशेषता रहा। प्रतियोगिता के सफल आयोजन से महाविद्यालय परिसर में खेल गतिविधियों को लेकर भी उत्साह का वातावरण निर्मित हुआ।
