जर्जर सड़कों को लेकर ग्रामीणों का फूटा आक्रोश, 15 दिन में सुधार कार्य शुरू नहीं हुआ तो अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी
NH-49 फोरलेन से अर्जुनी, करूमहू, रसेड़ा तथा रोगदा, मुरलीडीह, अमोरा पहुंच मार्ग बदहाल; गड्ढों के बीच आवागमन को मजबूर ग्रामीण, स्कूली बसों और एंबुलेंस के संचालन में भी परेशानी
अकलतरा – प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत निर्मित अकलतरा विकासखंड के कई महत्वपूर्ण पहुंच मार्गों की बदहाल एवं जर्जर स्थिति को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश अब खुलकर सामने आने लगा है, लंबे समय से सड़क सुधार की मांग के बावजूद अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने से नाराज संबंधित ग्रामवासियों एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं ने जिला कलेक्टर के नाम अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) अकलतरा एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत अकलतरा को ज्ञापन सौंपकर तत्काल सड़क सुधार कार्य शुरू कराने की मांग की है।
ज्ञापन में स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि 15 दिवस के भीतर यदि जर्जर सड़कों पर सुधार एवं राहत कार्य प्रारंभ नहीं किया गया तो ग्रामीणों द्वारा अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की जाएगी। ग्रामीणों ने कहा कि सड़क की वर्तमान स्थिति केवल आवागमन की समस्या नहीं रह गई है, बल्कि यह विद्यार्थियों, मरीजों, किसानों और आम नागरिकों की सुरक्षा से जुड़ा गंभीर विषय बन चुकी है।
बड़े-बड़े गड्ढों में तब्दील हुए पहुंच मार्ग –
ग्रामीणों ने बताया कि NH-49 फोरलेन से ग्राम पंचायत अर्जुनी, करूमहू एवं रसेड़ा को जोड़ने वाला पहुंच मार्ग लंबे समय से खराब स्थिति में है। सड़क पर जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं तथा कई स्थानों पर सड़क की सतह पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी है।
इसी प्रकार NH-49 फोरलेन फ्लाईओवर ब्रिज के नीचे से ग्राम पंचायत रोगदा, मुरलीडीह एवं अमोरा तक जाने वाला पहुंच मार्ग भी अत्यंत जर्जर हो चुका है। दोनों मार्ग आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के लिए महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग हैं, लेकिन वर्तमान में इनकी हालत ऐसी है कि ग्रामीणों को बेहद सावधानी से आवागमन करना पड़ रहा है।
बारिश के दौरान सड़क के गड्ढों में पानी भर जाने से स्थिति और भी गंभीर हो जाती है। कई बार गड्ढों की गहराई का अंदाजा नहीं लग पाने से दोपहिया वाहन चालकों के दुर्घटनाग्रस्त होने की आशंका बनी रहती है।
स्कूली बच्चों और एंबुलेंस के आवागमन में गंभीर परेशानी
ग्रामीणों ने बताया कि इन सड़कों का उपयोग प्रतिदिन बड़ी संख्या में ग्रामीणों के साथ-साथ स्कूली बच्चों, कर्मचारियों, किसानों एवं मरीजों द्वारा किया जाता है। सड़क की खराब स्थिति के कारण स्कूली बसों के संचालन में परेशानी हो रही है। वहीं आपात स्थिति में एंबुलेंस के आवागमन को लेकर भी चिंता बनी रहती है।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि किसी मरीज को तत्काल अस्पताल ले जाने की आवश्यकता पड़े और सड़क की यही स्थिति रही तो समय पर उपचार मिलना मुश्किल हो सकता है। सड़क की जर्जर स्थिति के कारण वाहन चालकों को धीमी गति से चलना पड़ता है, जिससे सामान्य आवागमन में भी अतिरिक्त समय लग रहा है।
दुर्घटना की आशंका, कभी भी हो सकती है गंभीर जनहानि
ज्ञापन में ग्रामीणों ने सड़क की बदहाली को गंभीर जनसुरक्षा का मुद्दा बताते हुए कहा कि जर्जर मार्ग पर आए दिन दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। विशेषकर रात के समय गड्ढों के कारण स्थिति और अधिक खतरनाक हो जाती है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से आग्रह किया है कि किसी बड़ी दुर्घटना अथवा जनहानि की घटना का इंतजार करने के बजाय तत्काल सड़क का निरीक्षण कर आवश्यक सुधार कार्य कराया जाए। उनका कहना है कि समय रहते सड़क की मरम्मत नहीं की गई तो आने वाले दिनों में समस्या और गंभीर हो सकती है।
इन दो प्रमुख मार्गों पर तत्काल राहत कार्य की मांग
ग्रामीणों द्वारा ज्ञापन के माध्यम से निम्नलिखित दोनों मार्गों पर तत्काल राहत एवं सुधार कार्य कराने की मांग की गई है—
1. NH-49 फोरलेन से ग्राम पंचायत अर्जुनी, करूमहू एवं रसेड़ा पहुंच मार्ग।
2. NH-49 फोरलेन फ्लाईओवर ब्रिज के नीचे से ग्राम पंचायत रोगदा, मुरलीडीह एवं अमोरा पहुंच मार्ग।
ग्रामीणों ने मांग की है कि दोनों मार्गों का संबंधित अधिकारियों द्वारा तत्काल स्थल निरीक्षण कराया जाए। इसके साथ ही बड़े-बड़े गड्ढों का भराव, आवश्यक मरम्मत, सड़क की सतह का सुधार एवं अन्य जरूरी राहत कार्य बिना विलंब शुरू किए जाएं।
प्रशासन को 15 दिन का अल्टीमेटम –
ग्रामीणों एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं ने प्रशासन से जनहित के इस मामले को गंभीरता से लेते हुए 15 दिवस के भीतर सड़क सुधार कार्य प्रारंभ कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि यह मांग किसी व्यक्तिगत लाभ के लिए नहीं, बल्कि कई गांवों के हजारों लोगों की सुविधा एवं सुरक्षा से जुड़ी हुई है।
ज्ञापन में स्पष्ट किया गया है कि यदि निर्धारित अवधि में सड़क सुधार कार्य प्रारंभ नहीं किया गया तो ग्रामीण लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन का रास्ता अपनाएंगे और अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की जाएगी।
ग्रामीणों का कहना है कि वर्षों से सड़क की समस्या झेलने के बाद अब केवल आश्वासन से काम नहीं चलेगा। प्रशासन को मौके पर कार्य प्रारंभ कराकर यह भरोसा दिलाना होगा कि ग्रामीणों की समस्या को गंभीरता से लिया जा रहा है।
डॉ. अंबेडकर विचार युवा संगठन एवं पार्षदों ने दिया समर्थन –
ग्रामीणों की इस मांग को डॉ. अंबेडकर विचार युवा संगठन अकलतरा का भी समर्थन प्राप्त हुआ है, इसके अलावा नगर पालिका परिषद अकलतरा के पार्षद राज कुमार सिंह एवं पार्षद विजय खांडेल द्वारा भी समर्थन पत्र सौंपा गया।
समर्थन मिलने से ग्रामीणों की मांग को और मजबूती मिली है। ग्रामीणों एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं ने कहा कि सड़क जैसी मूलभूत सुविधा को लेकर प्रशासन को तत्काल सकारात्मक कदम उठाना चाहिए।
आंदोलन की चेतावनी से प्रशासन पर बढ़ा दबाव –
ग्रामीणों के ज्ञापन और 15 दिवस की समय-सीमा के बाद अब प्रशासन के सामने इन जर्जर पहुंच मार्गों के सुधार का मुद्दा गंभीर चुनौती के रूप में सामने आया है। यदि समय-सीमा के भीतर सड़क सुधार कार्य प्रारंभ नहीं होता है तो ग्रामीणों द्वारा आंदोलन किए जाने की चेतावनी दी गई है।
ग्रामीणों का कहना है कि सड़क केवल आवागमन का साधन नहीं, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, व्यापार, कृषि और ग्रामीण जीवन की आधारभूत आवश्यकता है। इसलिए सड़कों की मरम्मत में देरी सीधे तौर पर ग्रामीणों के दैनिक जीवन को प्रभावित कर रही है।
बड़ी संख्या में ग्रामीण रहे उपस्थित –
ज्ञापन सौंपने के दौरान सूरज भारती, सुरेंदर लहरे, विजय खांडेल, निक्कू पाटले, शिवशंकर जोगी, दीपक मनहर, अमन टंडन, कुंवर ओग्रे, छोटू सोनवानी, मुकेश भारद्वाज, धीरेन्द्र जांगड़े, शैलेन्द्र रात्रे, योगेश्वरपाल ओग्रे, मुकेश, सुखदेव श्रीवास, संदीप कुमार, पृथ्वीराज बर्मन एवं बालेश्वर कुमार सहित संबंधित ग्रामों के बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।
ग्रामीणों ने एक स्वर में मांग की कि प्रशासन तत्काल दोनों पहुंच मार्गों की स्थिति का निरीक्षण कर युद्धस्तर पर मरम्मत एवं सुधार कार्य शुरू कराए, ताकि विद्यार्थियों, मरीजों, किसानों एवं आम नागरिकों को सुरक्षित और सुगम आवागमन की सुविधा मिल सके। अब देखना होगा कि प्रशासन ग्रामीणों की 15 दिवस की समय-सीमा वाली चेतावनी पर कितनी गंभीरता से कार्रवाई करता है।













