रक्षाबंधन पर सेवा और शिक्षा का संदेश, स्व. डॉ. दीपमाला सिंह की स्मृति में बच्चों को बांटे गए रेनकोट एवं मिठाई
अकलतरा – भाई-बहन के पवित्र प्रेम, स्नेह, विश्वास और सुरक्षा के प्रतीक रक्षाबंधन पर्व को सेवा एवं सामाजिक सरोकार से जोड़ते हुए शासकीय गोपिया पारा प्राथमिक शाला अकलतरा में भावपूर्ण कार्यक्रम आयोजित किया गया। स्वर्गीय डॉ. दीपमाला सिंह की स्मृति में आयोजित इस कार्यक्रम में उनके भाई अभिजीत सिंह बैस ने विद्यालय के नन्हे-मुन्ने छात्र-छात्राओं के साथ रक्षाबंधन पर्व मनाया। इस दौरान विद्यालय की प्राथमिक कक्षाओं में अध्ययनरत छात्राओं ने अभिजीत सिंह बैस को राखी बांधकर भाई-बहन के स्नेह और आत्मीय रिश्ते का संदेश दिया।
राखी बंधवाने के बाद अभिजीत सिंह बैस ने छात्राओं के इस स्नेह को आत्मीयता से स्वीकार करते हुए बच्चों की खुशियों को दोगुना कर दिया। रक्षाबंधन के अवसर पर बच्चों के लिए विशेष भेंट के रूप में सभी छात्र-छात्राओं को रेनकोट एवं मिठाई का वितरण किया गया। वर्तमान में बारिश के मौसम को देखते हुए रेनकोट का वितरण बच्चों की सुविधा और स्वास्थ्य की दृष्टि से बेहद उपयोगी पहल रही। रेनकोट पाकर बच्चों के चेहरों पर खुशी साफ दिखाई दी।
बहन की स्मृति को सेवा कार्य से किया याद –
स्वर्गीय डॉ. दीपमाला सिंह की स्मृति में आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य केवल रक्षाबंधन पर्व मनाना ही नहीं, बल्कि जरूरतमंद बच्चों के बीच खुशियां बांटना और समाज में सेवा एवं संवेदनशीलता की भावना को मजबूत करना भी रहा। अभिजीत सिंह बैस द्वारा अपनी बहन की स्मृति को बच्चों की सेवा से जोड़कर मनाया गया रक्षाबंधन कार्यक्रम उपस्थित लोगों के लिए भावुक एवं प्रेरणादायी अवसर बन गया।
इस अवसर पर बच्चों को मिठाई वितरित कर रक्षाबंधन की खुशियां साझा की गईं। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने कहा कि पर्व-त्योहारों की वास्तविक सार्थकता तभी है, जब उनकी खुशियां समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचे। बच्चों के बीच उपयोगी सामग्री का वितरण इसी भावना का परिचायक है।
मेधावी छात्राओं को प्रोत्साहित करने की घोषणा –
कार्यक्रम के दौरान अभिजीत सिंह बैस ने विद्यार्थियों को शिक्षा के प्रति प्रेरित करने के लिए महत्वपूर्ण घोषणा भी की। उन्होंने कहा कि जो भी बच्ची अपनी कक्षा में टॉप करेगी, उसे उचित इनाम देकर सम्मानित एवं प्रोत्साहित किया जाएगा। इस घोषणा से छात्राओं में विशेष उत्साह का संचार हुआ।
उन्होंने विद्यार्थियों को मेहनत, अनुशासन और लगन के साथ पढ़ाई करने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि जीवन में सफलता प्राप्त करने के लिए शिक्षा सबसे महत्वपूर्ण आधार है। बच्चों को पढ़ाई में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए प्रोत्साहित करने से उनमें स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना विकसित होगी और वे अपने लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए और अधिक मेहनत करेंगे।
सेवा, स्नेह और संस्कार का बना सुंदर संगम –
रक्षाबंधन के इस कार्यक्रम में भाई-बहन के पवित्र रिश्ते के साथ-साथ शिक्षा, सेवा, सहयोग और सामाजिक जिम्मेदारी का सुंदर संगम देखने को मिला। छात्राओं द्वारा राखी बांधना, बच्चों को रेनकोट एवं मिठाई वितरित करना तथा मेधावी छात्राओं को पुरस्कृत करने की घोषणा ने कार्यक्रम को विशेष और यादगार बना दिया।
कार्यक्रम में मदन सिंह बैस, जयंत सिंह क्षत्रिय, जयदीप सिंह बैस, लोकेश सिंह चंदेल, राजवीर जायसवाल, सूरज बरेठ सहित विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाएं एवं समस्त स्कूल स्टाफ उपस्थित रहे। सभी ने स्वर्गीय डॉ. दीपमाला सिंह को स्मरण करते हुए उनके प्रति श्रद्धा व्यक्त की और बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
रक्षाबंधन के पावन अवसर पर आयोजित यह कार्यक्रम इस संदेश के साथ संपन्न हुआ कि पर्व केवल उत्सव मनाने का अवसर नहीं, बल्कि जरूरतमंदों की मदद करने, बच्चों को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करने और समाज में प्रेम एवं सेवा की भावना को मजबूत करने का माध्यम भी हैं। स्व. डॉ. दीपमाला सिंह की स्मृति में किया गया यह सेवा कार्य लंबे समय तक बच्चों और विद्यालय परिवार के लिए प्रेरणा का स्रोत बना रहेगा।












