सेना मुख्यालय में गूंजा ‘छत्तीसगढ़ महतारी की जय’ का विजय घोष, 23.51 लाख रक्षा सूत्रों के साथ ‘ऑपरेशन सिपाही रक्षासूत्र–2026’ ने रचा राष्ट्रभक्ति का ऐतिहासिक अध्याय
नई दिल्ली – देश की सीमाओं पर दिन-रात डटे वीर सैनिकों के प्रति छत्तीसगढ़वासियों के प्रेम, सम्मान और कृतज्ञता को समर्पित राष्ट्रव्यापी जनअभियान “ऑपरेशन सिपाही रक्षासूत्र–2026” ने देश की राजधानी नई दिल्ली में राष्ट्रभक्ति का अनुपम संदेश दिया। छत्तीसगढ़ की पावन मिट्टी, बहनों द्वारा तैयार किए गए रक्षा सूत्र तथा स्कूली बच्चों और नागरिकों द्वारा सैनिकों के नाम लिखे गए भावपूर्ण पत्र एवं संदेश लेकर निकला यह कारवां 20 अगस्त को नई दिल्ली स्थित सेना मुख्यालय, कर्तव्य भवन पहुंचा, जहां अभियान का भव्य स्वागत किया गया।
यह अभियान पिछले चार वर्षों से निरंतर संचालित किया जा रहा है। इसके माध्यम से छत्तीसगढ़ की बहनों, बच्चों और नागरिकों द्वारा तैयार रक्षा सूत्र देश की सीमाओं पर तैनात वीर जवानों तक पहुंचाए जाते हैं। पिछले तीन वर्षों में 27 लाख 92 हजार रक्षा सूत्र भारतीय सैनिकों को समर्पित किए जा चुके हैं, जबकि वर्ष 2026 में ही 23 लाख 51 हजार रक्षा सूत्र देश के वीर सैनिकों एवं सुरक्षा बलों के लिए समर्पित किए गए हैं।
सेना मुख्यालय में सम्मानपूर्वक ग्रहण किए गए रक्षा सूत्र –
20 अगस्त 2026 को ऑपरेशन सिपाही रक्षासूत्र का कारवां नई दिल्ली स्थित सेना मुख्यालय, कर्तव्य भवन पहुंचा। इस अवसर पर चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल नटराजन राजा सुब्रमणि तथा भारत सरकार के रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ द्वारा अभियान के रक्षा सूत्र सम्मानपूर्वक ग्रहण किए गए। इस दौरान छत्तीसगढ़ की धरती से सैनिकों के लिए भेजे गए रक्षा सूत्रों ने देशभक्ति और सैनिक सम्मान की भावना को और अधिक मजबूत किया।
इसके अगले दिन 21 अगस्त को गोरखा रेजिमेंट में सिपाही रक्षा-सूत्र की रिसीविंग सेरेमनी आयोजित की गई। सेना मुख्यालय की ओर से रेजिमेंट के कमान अधिकारी कर्नल विनीथ वी. नायर ने अपनी रेजिमेंट के जवानों के साथ पूरे सम्मान और गौरव के साथ 23 लाख 51 हजार रक्षा सूत्र ग्रहण किए।
इस अवसर पर गोरखा रेजिमेंट के जवानों द्वारा “छत्तीसगढ़ महतारी की जय” का विजय घोष किया गया। यह क्षण अभियान से जुड़े प्रत्येक व्यक्ति के लिए भावुक एवं गौरवपूर्ण रहा। इसके बाद इन रक्षा सूत्रों को निर्धारित वितरण व्यवस्था के अनुसार भारतीय थल सेना, भारतीय नौसेना, भारतीय वायु सेना तथा विभिन्न केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के मुख्यालयों एवं इकाइयों तक पहुंचाया जाएगा।
सैनिकों और नागरिकों के बीच भावनात्मक सेतु बना अभियान –
“ऑपरेशन सिपाही रक्षासूत्र” महज रक्षा सूत्र भेजने का अभियान नहीं है, बल्कि यह देश की सीमाओं पर तैनात सैनिकों और देशवासियों के बीच भावनात्मक एकता का सशक्त माध्यम बन चुका है। छत्तीसगढ़ की बहनों द्वारा अपने हाथों से तैयार की गई राखियां, प्रदेश की मिट्टी और बच्चों व नागरिकों के भावपूर्ण संदेश जब सैनिकों तक पहुंचते हैं, तो वे अपने पीछे पूरे प्रदेश की आत्मीयता, सम्मान और राष्ट्रभक्ति की भावना लेकर जाते हैं।
अभियान के माध्यम से यह संदेश भी दिया जा रहा है कि देश की सुरक्षा में अपना सर्वस्व समर्पित करने वाले सैनिक अकेले नहीं हैं, बल्कि पूरा देश उनके साथ खड़ा है।
वरिष्ठ जनप्रतिनिधियों का मार्गदर्शन और संरक्षण
इस राष्ट्रव्यापी अभियान को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, संगठन महामंत्री पवन साय, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू, उपमुख्यमंत्री अरुण साव एवं विजय शर्मा, किरण देव सिंह, डॉ. विनोद तिवारी तथा महेंद्र जैन सहित अनेक वरिष्ठ जनप्रतिनिधियों एवं राष्ट्रभक्तों का मार्गदर्शन और संरक्षण प्राप्त हुआ।
वर्ष 2026 में अभियान की अध्यक्षता छत्तीसगढ़ के गृह मंत्री विजय शर्मा द्वारा की गई।
पूर्व सैनिकों ने संभाली अभियान की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी
अभियान के संयोजक महेंद्र प्रताप सिंह राणा, जो पूर्व सैनिक महासभा एवं पूर्व सैनिक संगठन “सिपाही” के अध्यक्ष हैं, के नेतृत्व में इस अभियान को व्यापक स्वरूप प्रदान किया गया। पूर्व सैनिक संगठन “सिपाही” एवं पूर्व सैनिक महासभा से जुड़े पदाधिकारियों तथा पूर्व सैनिकों ने अभियान को सफल बनाने में सक्रिय भूमिका निभाई।
ऑपरेशन सिपाही रक्षासूत्र–2026 की पूरी यात्रा में संयोजक महेंद्र प्रताप सिंह राणा के साथ पूर्व सैनिक किशन सिंह राजपूत, कमल किशोर साहू एवं पप्पू कुमार सोनी, वाहन चालक राम शर्मा एवं ओम प्रकाश लगातार सहभागी रहे।
छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों में अभियान के दौरान बड़ी संख्या में पूर्व सैनिक भी इससे जुड़े। पूर्व सैनिक संगठन “सिपाही” एवं पूर्व सैनिक महासभा के जिला संगठनों और उनके सदस्यों ने गांव-गांव एवं शहर-शहर अभियान को जनसहभागिता से जोड़ते हुए इसे व्यापक जनसमर्थन प्रदान किया।
महिला एवं बाल विकास विभाग ने दिया महत्वपूर्ण योगदान –
अभियान की सफलता में छत्तीसगढ़ शासन के महिला एवं बाल विकास विभाग की महत्वपूर्ण भूमिका रही, महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े के मार्गदर्शन में विभाग की ओर से लगभग 11 लाख रक्षा सूत्र प्राप्त हुए।
इसी प्रकार शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव के मार्गदर्शन में शिक्षा विभाग तथा भारत स्काउट्स एंड गाइड्स के माध्यम से लगभग 5 से 6 लाख रक्षा सूत्र तैयार कर अभियान को समर्पित किए गए।
इसके अलावा महिला मोर्चा, महिला समूहों, स्व-सहायता समूहों तथा छत्तीसगढ़ के हजारों राष्ट्रभक्त नागरिकों ने रक्षा सूत्र तैयार करने के साथ-साथ सैनिकों के नाम भावपूर्ण पत्र एवं संदेश भेजकर अभियान को जन-जन का अभियान बना दिया।
देश के विभिन्न सुरक्षा बलों तक पहुंचेंगे रक्षा सूत्र
वर्ष 2026 में प्राप्त 23 लाख 51 हजार रक्षा सूत्रों के निर्धारित वितरण की व्यापक योजना बनाई गई है। प्रस्तावित वितरण के अनुसार—
भारतीय थल सेना — 14 लाख 50 हजार
भारतीय नौसेना — लगभग 85 हजार
भारतीय वायु सेना — लगभग 1 लाख 40 हजार
बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स (BSF) — लगभग 2 लाख 70 हजार
केंद्रीय रिजर्व पुलिस फोर्स (CRPF) — लगभग 3 लाख
इंडो-तिब्बतन बॉर्डर पुलिस (ITBP) — लगभग 90 हजार
इन रक्षा सूत्रों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत संबंधित मुख्यालयों एवं इकाइयों तक पहुंचाया जाएगा, जहां देश की सुरक्षा में तैनात जवानों तक इन्हें पहुंचाया जाएगा।
‘सिपाही शक्ति’ की महिलाओं ने भी निभाई महत्वपूर्ण भूमिका
ऑपरेशन सिपाही रक्षासूत्र–2026 की कार्यसमिति में श्रीमती विभा अवस्थी, श्रीमती शालिनी सिंह, श्रीमती रंजिता सिंह राणा, श्रीमती रमशीला नाग एवं श्रीमती फुलेस्वरी पैकरा सहित हजारों सदस्य सक्रिय रूप से जुड़े रहे।
पूर्व सैनिक संगठन “सिपाही” की महिला इकाई “सिपाही शक्ति” की सभी सदस्याओं ने भी रक्षा सूत्र तैयार करने, जनसंपर्क बढ़ाने तथा अभियान को जनभागीदारी से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
परिवहन में भी मिला सहयोग
अभियान की सफलता में विभिन्न सामाजिक संस्थाओं एवं सहयोगियों का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा। अग्रवाल पैकर्स एंड मूवर्स लिमिटेड के चेयरमैन रमेश अग्रवाल ने “सिपाही रक्षासूत्र” के परिवहन के लिए वाहन उपलब्ध कराकर अभियान को महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान किया।
संयोजक महेंद्र प्रताप सिंह राणा ने जताया आभार
अभियान के संयोजक महेंद्र प्रताप सिंह राणा ने ऑपरेशन सिपाही रक्षासूत्र–2026 की ऐतिहासिक सफलता पर छत्तीसगढ़ शासन, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, उपमुख्यमंत्री अरुण साव एवं विजय शर्मा, महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े, शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव, सभी वरिष्ठ जनप्रतिनिधियों, महिला एवं बाल विकास विभाग, शिक्षा विभाग, भारत स्काउट्स एंड गाइड्स, महिला मोर्चा, महिला समूहों, पूर्व सैनिक संगठन “सिपाही”, “सिपाही शक्ति”, पूर्व सैनिक महासभा के सदस्य संगठनों तथा छत्तीसगढ़ के सभी राष्ट्रभक्त नागरिकों के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया।
उन्होंने कहा कि अभियान को सफल बनाने में हजारों लोगों की सहभागिता ने यह साबित कर दिया है कि सैनिकों के प्रति सम्मान और राष्ट्रभक्ति की भावना छत्तीसगढ़ की मिट्टी में गहराई से रची-बसी है।
“यह केवल अभियान नहीं, राष्ट्रभक्ति का भावनात्मक सेतु है”
महेंद्र प्रताप सिंह राणा ने कहा कि “ऑपरेशन सिपाही रक्षासूत्र केवल एक अभियान नहीं, बल्कि देश के सैनिकों और नागरिकों के बीच भावनात्मक एकता, राष्ट्रभक्ति और राष्ट्रीय सम्मान का सशक्त सेतु है। छत्तीसगढ़ की मिट्टी और बहनों द्वारा भेजा गया यह रक्षा सूत्र देश की सीमाओं पर तैनात प्रत्येक वीर जवान के प्रति प्रदेशवासियों के प्रेम, सम्मान और विश्वास का प्रतीक है।”
उन्होंने कहा कि रक्षा सूत्र में केवल धागा नहीं, बल्कि मातृभूमि के रक्षकों के प्रति करोड़ों देशवासियों की भावनाएं जुड़ी हैं। जब किसी सैनिक की कलाई पर छत्तीसगढ़ की बहन द्वारा भेजी गई राखी बंधेगी, तब वह प्रदेश की मिट्टी की खुशबू, बहनों का स्नेह और नागरिकों का विश्वास अपने साथ महसूस करेगा।
ऑपरेशन सिपाही रक्षासूत्र–2026 ने एक बार फिर यह संदेश दिया है कि देश की सीमाओं की रक्षा करने वाले वीर जवानों के प्रति पूरा राष्ट्र सदैव कृतज्ञ है और उनके सम्मान में देश का प्रत्येक नागरिक उनके साथ मजबूती से खड़ा है। छत्तीसगढ़ से निकले 23 लाख 51 हजार रक्षा सूत्र इसी अटूट राष्ट्रभावना, सैनिक सम्मान और मातृभूमि के प्रति समर्पण के जीवंत प्रतीक बनकर देश के वीर सपूतों तक पहुंच रहे हैं।
