नगर पंचायत अध्यक्ष के शासकीय शिक्षक पति के हस्तक्षेप की शिकायत
भाजपा मंडल अध्यक्ष व नगर पंचायत उपाध्यक्ष के नेतृत्व में कलेक्टर से शिकायत, फोटो सहित सौंपे साक्ष्य; कार्रवाई की मांग
बलौदा – बलौदा नगर पंचायत की अध्यक्ष कविता डहरिया के पति एवं कोरबा जिले के विकासखंड करतला अंतर्गत ग्राम कथरीमाल स्थित शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला में शिक्षक के पद पर पदस्थ प्रवीण प्रताप डहरिया के नगर पंचायत के कामकाज में कथित अनधिकृत हस्तक्षेप एवं राजनीतिक गतिविधियों में शामिल होने को लेकर शिकायत सामने आई है। इस मामले में भाजपा मंडल अध्यक्ष नीलेश गुप्ता एवं नगर पंचायत उपाध्यक्ष कृष्ण कुमार सोनी के नेतृत्व में पार्षदों एवं जनप्रतिनिधियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने जांजगीर-चांपा कलेक्टर जन्मेजय महोबे के समक्ष लिखित शिकायत प्रस्तुत कर मामले की जांच एवं नियमानुसार कार्रवाई की मांग की है।
शिकायत के साथ कथित गतिविधियों से संबंधित फोटोग्राफ भी साक्ष्य के रूप में संलग्न किए जाने की बात कही गई है। शिकायतकर्ताओं का दावा है कि इनमें प्रवीण डहरिया को नगर पंचायत से संबंधित गतिविधियों एवं जनसमस्या निवारण शिविर में मंच पर बैठे हुए देखा जा सकता है। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
नगर पंचायत के कामकाज में हस्तक्षेप का लगाया आरोप –
भाजपा मंडल अध्यक्ष नीलेश गुप्ता ने आरोप लगाया कि नगर पंचायत अध्यक्ष के पति द्वारा नगर पंचायत के कर्मचारियों एवं अधिकारियों के समक्ष प्रत्यक्ष रूप से हस्तक्षेप किया जाता है। उनका कहना है कि इस संबंध में मौखिक रूप से नगर पंचायत के अधिकारियों को कई बार अवगत कराया गया, लेकिन अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने के बाद अब पूरे मामले को लिखित शिकायत एवं उपलब्ध साक्ष्यों के साथ जिला प्रशासन के समक्ष रखा गया है।
शिकायतकर्ताओं का कहना है कि नगर पंचायत का प्रशासनिक कामकाज निर्वाचित अध्यक्ष एवं अधिकृत अधिकारियों-कर्मचारियों के माध्यम से नियमों के तहत संचालित होता है। ऐसे में किसी ऐसे व्यक्ति का हस्तक्षेप, जिसके पास नगर पंचायत में कोई आधिकारिक प्रशासनिक पद नहीं है, यदि जांच में प्रमाणित होता है तो यह गंभीर विषय हो सकता है।
जनसमस्या निवारण शिविर में मंच पर मौजूदगी को लेकर भी सवाल
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शिकायत में जनसमस्या निवारण शिविर में प्रवीण डहरिया की कथित मौजूदगी एवं मंच पर बैठने का भी उल्लेख किया गया है। शिकायतकर्ताओं द्वारा उपलब्ध कराए गए फोटो को इसी संदर्भ में साक्ष्य के रूप में प्रस्तुत किए जाने की बात कही गई है।
शिकायतकर्ताओं का सवाल है कि यदि संबंधित व्यक्ति नगर पंचायत में किसी आधिकारिक प्रशासनिक पद पर पदस्थ नहीं है, तो नगर पंचायत से जुड़ी बैठकों अथवा सार्वजनिक कार्यक्रमों में उनकी भूमिका एवं उपस्थिति किस हैसियत से रही, इसकी जांच की जानी चाहिए।
शासकीय शिक्षक होने के बावजूद राजनीतिक गतिविधियों का आरोप –
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि प्रवीण डहरिया शासकीय शिक्षक के पद पर पदस्थ होने के बावजूद राजनीतिक गतिविधियों में कथित रूप से शामिल होते हैं। शिकायतकर्ताओं ने इस पहलू की भी जांच की मांग की है।
शिकायतकर्ताओं के अनुसार, यदि कोई शासकीय कर्मचारी अथवा शिक्षक किसी राजनीतिक गतिविधि में शामिल होता है अथवा अपने पद की मर्यादा एवं सेवा नियमों के विपरीत किसी गतिविधि में संलिप्त पाया जाता है, तो संबंधित विभाग द्वारा तथ्यों की जांच कर नियमानुसार निर्णय लिया जाना चाहिए।
पहले मौखिक शिकायत, अब कलेक्टर को लिखित शिकायत –
भाजपा मंडल अध्यक्ष नीलेश गुप्ता ने बताया कि इस संबंध में पहले नगर पंचायत स्तर पर मौखिक रूप से कई बार शिकायत की गई थी। उनका कहना है कि इसके बावजूद स्थिति में अपेक्षित बदलाव नहीं आया, जिसके बाद उन्होंने नगर पंचायत उपाध्यक्ष एवं पार्षदों के साथ कलेक्टर के समक्ष लिखित शिकायत प्रस्तुत करने का निर्णय लिया।
उन्होंने कहा कि शिकायत के साथ फोटो सहित उपलब्ध साक्ष्य भी प्रशासन को सौंपे गए हैं और मांग की गई है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर वास्तविक स्थिति सामने लाई जाए तथा यदि शिकायत में लगाए गए आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
जांच के बाद ही स्पष्ट होगी वास्तविक स्थिति –
इस पूरे मामले में शिकायतकर्ताओं ने गंभीर आरोप लगाए हैं, लेकिन आरोपों की अंतिम सत्यता प्रशासनिक जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। अब जिला प्रशासन के समक्ष प्रस्तुत शिकायत के बाद यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि मामले की जांच किस स्तर पर होती है और जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं।
शिकायतकर्ताओं ने प्रशासन से यह भी अपेक्षा जताई है कि जांच निष्पक्ष एवं तथ्यात्मक आधार पर हो तथा नगर पंचायत के प्रशासनिक कामकाज में किसी भी प्रकार के अनधिकृत हस्तक्षेप की स्थिति होने पर उसे तत्काल रोका जाए।
शिकायत के दौरान ये रहे मौजूद-
कलेक्टर को शिकायत सौंपने के दौरान भाजपा मंडल अध्यक्ष नीलेश गुप्ता, नगर पंचायत उपाध्यक्ष कृष्ण कुमार सोनी के साथ पार्षद राजकुमार कंवर, रामसेवक कुंभकार, राजकुमार सोनी, रतनबाई कुर्रे, पायल कटकवार, रेनू थवाईत, ऋषिकेश रात्रे, राजेश देवांगन बाबा, बेदकुमारी कौशिक तथा एल्डरमैन शिवाजी अग्रवाल, अमृत लाल देवांगन एवं अभिनेश सिंह ठाकुर सहित बलौदा मंडल महामंत्री अनिल हरवंश उपस्थित रहे।
अब सभी की नजरें जिला प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हैं। शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि शासकीय शिक्षक की नगर पंचायत की गतिविधियों में कथित भूमिका एवं राजनीतिक गतिविधियों में संलिप्तता को लेकर लगाए गए आरोप कितने सही हैं और प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है।












