अकलतरा में सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमराई, कॉलेज रोड पर सड़क के बीच बह रहा नाली का गंदा पानी
नगर के 20 वार्डों में सफाई व्यवस्था भगवान भरोसे, नागरिकों की परेशानी से बेखबर नगर पालिका प्रशासन
19 महीने से आपसी खींचतान और समन्वय के अभाव में नगर का विकास प्रभावित, मूलभूत सुविधाओं के लिए तरस रहे नगरवासी
अकलतरा – नगर की साफ-सफाई व्यवस्था इन दिनों पूरी तरह बदहाल होती नजर आ रही है। नगर के प्रमुख मार्गों में शामिल कॉलेज रोड पर नालियों की नियमित साफ-सफाई नहीं होने के कारण नाली का गंदा पानी सड़क के बीचोंबीच बह रहा है। इससे मार्ग से गुजरने वाले राहगीरों, दोपहिया एवं चारपहिया वाहन चालकों तथा आसपास के रहवासियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सड़क पर बहते गंदे पानी के कारण जहां आवागमन प्रभावित हो रहा है, वहीं गंदगी और दुर्गंध से आसपास का वातावरण भी प्रदूषित हो रहा है। विडंबना यह है कि नगर की इस बदहाल स्थिति के बावजूद जिम्मेदारों द्वारा समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में अपेक्षित गंभीरता दिखाई नहीं दे रही है।
नगर के कॉलेज रोड की वर्तमान स्थिति नगर पालिका की सफाई व्यवस्था की वास्तविक तस्वीर बयां कर रही है। नालियों में लंबे समय से जमी गंदगी, कचरा और अपशिष्ट पदार्थों की नियमित निकासी नहीं होने के कारण पानी की निकासी बाधित हो रही है। परिणामस्वरूप नाली का गंदा पानी सड़क पर फैल रहा है। इस मार्ग से प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोगों का आवागमन होता है। विद्यार्थियों, महिलाओं, बुजुर्गों और आम नागरिकों को गंदे पानी के बीच से होकर गुजरना पड़ रहा है। वाहन चालकों को भी सड़क पर फैले गंदे पानी के कारण परेशानी हो रही है। कई बार राहगीरों के कपड़ों पर गंदा पानी उछलने तथा फिसलन के कारण दुर्घटना की आशंका भी बनी रहती है।
20 वार्डों की सफाई व्यवस्था भगवान भरोसे –
नगर की सफाई व्यवस्था केवल कॉलेज रोड तक सीमित समस्या नहीं रह गई है, बल्कि नगर के सभी 20 वार्डों में सफाई व्यवस्था को लेकर नागरिकों में असंतोष बढ़ता जा रहा है। नियमित झाड़ू-पोंछा, नालियों की सफाई, कचरे का समय पर उठाव और सार्वजनिक स्थानों की स्वच्छता जैसी बुनियादी व्यवस्थाओं में अपेक्षित सुधार दिखाई नहीं दे रहा है। अनेक स्थानों पर नालियों में गंदगी जमा रहने तथा कचरे का समय पर उठाव नहीं होने से नागरिकों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
स्वच्छ एवं सुंदर नगर की परिकल्पना तभी साकार हो सकती है, जब प्रत्येक वार्ड में नियमित सफाई, नालियों की व्यवस्थित निकासी और कचरा प्रबंधन की प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित हो। लेकिन वर्तमान हालात में नगरवासियों को यह महसूस होने लगा है कि सफाई व्यवस्था नियमित निगरानी और जवाबदेही के अभाव में भगवान भरोसे संचालित हो रही है।
19 महीनों से आपसी खींचतान का खामियाजा भुगत रहे नगरवासी –
नगर की बदहाल सफाई व्यवस्था और विकास कार्यों की धीमी गति के पीछे नगर पालिका परिषद में पिछले लगभग 19 महीनों से आपसी समन्वय के अभाव और खींचतान की स्थिति को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। नगर के विकास से जुड़े महत्वपूर्ण कार्यों में अपेक्षित गति नहीं आने और नागरिक सुविधाओं से संबंधित समस्याओं का समय पर निराकरण नहीं होने से आम जनता में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
नगर पालिका परिषद का मूल उद्देश्य नगर के प्रत्येक वार्ड में मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना, स्वच्छता बनाए रखना, पेयजल, सड़क, नाली, प्रकाश व्यवस्था तथा अन्य नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाना है। इसके लिए जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच बेहतर तालमेल, सामूहिक जिम्मेदारी और जनहित के प्रति प्रतिबद्धता आवश्यक है। लेकिन यदि परिषद के भीतर ही आपसी समन्वय का अभाव और खींचतान बनी रहेगी, तो इसका सीधा असर नगर के विकास और आम नागरिकों को मिलने वाली सुविधाओं पर पड़ना स्वाभाविक है।
विकास की अपेक्षा, समस्याओं से जूझ रहा नगर –
अकलतरा नगर के नागरिकों ने नगर के विकास और बेहतर सुविधाओं की उम्मीद के साथ अपने जनप्रतिनिधियों को जिम्मेदारी सौंपी है। लोगों की अपेक्षा है कि नगर में व्यवस्थित सफाई व्यवस्था हो, सड़कें साफ-सुथरी रहें, नालियों की नियमित सफाई हो, पेयजल की समस्या का निराकरण हो तथा खराब स्ट्रीट लाइटों को दुरुस्त कर नगर को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाया जाए। लेकिन जब सामान्य सफाई जैसी बुनियादी व्यवस्था ही सुचारु रूप से संचालित नहीं हो पा रही है, तो बड़े विकास कार्यों को लेकर नागरिकों की चिंता और भी बढ़ना स्वाभाविक है।
नगरवासियों का मानना है कि आपसी मतभेद और राजनीतिक अथवा व्यक्तिगत खींचतान से ऊपर उठकर जनहित को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। नगर पालिका परिषद किसी एक व्यक्ति या समूह की नहीं, बल्कि पूरे नगर की संस्था है। यहां लिए जाने वाले निर्णयों और किए जाने वाले कार्यों का सीधा संबंध हजारों नागरिकों के दैनिक जीवन से जुड़ा होता है। इसलिए परिषद के प्रत्येक जिम्मेदार प्रतिनिधि और अधिकारी को अपनी जवाबदेही समझते हुए नगर की समस्याओं के निराकरण के लिए मिलकर काम करना चाहिए।
स्वच्छता के दावों के बीच जमीनी हकीकत पर उठ रहे सवाल –
एक ओर स्वच्छता और नगर विकास को लेकर विभिन्न योजनाओं एवं अभियानों की चर्चा होती है, वहीं दूसरी ओर प्रमुख मार्ग पर नाली का गंदा पानी बहना नगर की व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े करता है। यदि नगर के प्रमुख मार्गों पर ही नालियों की सफाई सुनिश्चित नहीं हो पा रही है, तो अंदरूनी वार्डों की स्थिति का सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है। सफाई व्यवस्था की नियमित मॉनिटरिंग, कर्मचारियों की जिम्मेदारी तय करने और अधिकारियों द्वारा मैदानी निरीक्षण करने की आवश्यकता महसूस की जा रही है।
जिला प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग –
नगरवासियों ने नगर पालिका प्रशासन एवं जिला प्रशासन से अपेक्षा जताई है कि कॉलेज रोड पर नाली के गंदे पानी की समस्या का तत्काल निराकरण कराया जाए। नालियों की विशेष सफाई कराकर पानी की निकासी सुचारु बनाई जाए तथा नगर के सभी 20 वार्डों में नियमित सफाई व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। साथ ही पिछले 18 महीनों से परिषद में बनी आपसी खींचतान और समन्वय के अभाव की स्थिति को समाप्त करने के लिए आवश्यक पहल की जाए, ताकि नगर के विकास कार्य पुनः गति पकड़ सकें।
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर अकलतरा नगर की सफाई व्यवस्था कब सुधरेगी? कॉलेज रोड पर सड़क के बीच बहता नाली का गंदा पानी कब बंद होगा? नगर के 20 वार्डों को स्वच्छ और व्यवस्थित बनाने के लिए जिम्मेदार कब गंभीर होंगे? और नगर पालिका परिषद में आपसी समन्वय स्थापित कर विकास कार्यों को कब प्राथमिकता दी जाएगी?
नगरवासियों को आशा है कि जिम्मेदार जनप्रतिनिधि और अधिकारी इन समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए केवल आश्वासन देने के बजाय धरातल पर ठोस कार्रवाई करेंगे, ताकि अकलतरा नगर को बदहाल व्यवस्थाओं से मुक्ति मिल सके और नागरिकों को स्वच्छ, सुरक्षित एवं व्यवस्थित वातावरण मिल सके।












