श्री श्याम मनोहर मंदिर में शिव महापुराण कथा के तृतीय दिवस भगवान गणेश जन्म प्रसंग ने मोहा मन
प्रातः द्वादश ज्योतिर्लिंग के पार्थिव स्वरूप में शिवलिंग पूजन एवं रुद्राभिषेक, संध्या में भक्तों ने श्रवण की शिव महापुराण कथा
अकलतरा – श्री श्याम मनोहर मंदिर में आयोजित शिव महापुराण कथा एवं रुद्राभिषेक कार्यक्रम के तृतीय दिवस धार्मिक एवं आध्यात्मिक वातावरण के बीच विभिन्न अनुष्ठान संपन्न हुए, प्रातःकाल द्वादश ज्योतिर्लिंग के पार्थिव स्वरूप में शिवलिंग पूजन एवं विधि-विधानपूर्वक रुद्राभिषेक किया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में शिवभक्तों ने श्रद्धा एवं भक्ति के साथ पूजन-अर्चन में सहभागिता की।
संध्या काल में मंदिर परिसर में पावन शिव महापुराण कथा का आयोजन हुआ। वृंदावन धाम से पधारे कथा व्यास पूज्य श्री माधवानंद महाराज जी ने शिव महापुराण के विभिन्न आध्यात्मिक एवं प्रेरणादायी प्रसंगों का वर्णन करते हुए भगवान गणेश के जन्म की अद्भुत कथा सुनाई। भगवान गणेश के जन्म से जुड़े प्रसंग का भावपूर्ण एवं रोचक वर्णन सुनकर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे और पूरा मंदिर परिसर भक्तिमय वातावरण से गूंज उठा।
कथा व्यास महाराज जी ने भगवान शिव एवं माता पार्वती की महिमा का वर्णन करते हुए भगवान गणेश के स्वरूप, उनके जन्म एवं माता-पिता के प्रति उनकी भक्ति तथा आज्ञापालन के प्रसंगों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि भगवान गणेश बुद्धि, विवेक, ज्ञान और शुभारंभ के प्रतीक हैं। उनके स्मरण मात्र से भक्तों के जीवन में शुभता का संचार होता है।
इस अवसर पर शिवलिंग पूजन एवं रुद्राभिषेक के महत्व पर भी प्रकाश डाला गया। कथा व्यास ने कहा कि भगवान शिव की आराधना मनुष्य को आंतरिक शांति प्रदान करने के साथ ही जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करती है। शिव महापुराण केवल धार्मिक ग्रंथ ही नहीं, बल्कि मानव जीवन को सदाचार, भक्ति, संयम और सत्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देने वाला महान ग्रंथ है।
कथा के दौरान श्रद्धालुओं ने पूरे मनोयोग से शिव महापुराण का श्रवण किया। भगवान शिव एवं भगवान गणेश के जयकारों से मंदिर परिसर गुंजायमान होता रहा। कथा के पश्चात विधिवत आरती की गई, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने शामिल होकर भगवान शिव की आराधना की।
कार्यक्रम के समापन पर समिति के सदस्यों द्वारा श्रद्धालुओं को प्रसाद का वितरण किया गया। शिव महापुराण कथा एवं रुद्राभिषेक के आयोजन को लेकर मंदिर परिसर में प्रतिदिन भक्तों की संख्या बढ़ रही है और नगर में धार्मिक वातावरण निर्मित हो रहा है। आयोजन की सफलता में मंदिर समिति एवं आयोजन से जुड़े सदस्यों का विशेष योगदान रहा।












