चालिहो महोत्सव के 28वें दिन सजा खाटू श्याम बाबा का भव्य दरबार
श्याम संकीर्तन में देर रात तक गूंजे भजन, भक्तों ने लिया भक्ति और संगीत का आनंद
अकलतरा – नगर के पूज्य सिंधी पंचायत धर्मशाला में श्री झूलेलाल सेवा समिति, श्री झूलेलाल महिला सेवा समिति एवं पूज्य सिंधी पंचायत के तत्वाधान में आयोजित श्री झूलेलाल चालिहो महोत्सव के 28वें दिन धार्मिक आस्था और भक्ति का अनुपम वातावरण देखने को मिला, पूज्य सिंधी पंचायत के तत्वावधान में चल रहे चालिहो महोत्सव के अंतर्गत श्याम संकीर्तन समिति के सौजन्य से खाटू श्याम बाबा का भव्य दरबार सजाया गया, जहां देर रात तक श्याम भजनों और संकीर्तन की मधुर स्वर लहरियां गूंजती रहीं। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए और बाबा श्याम की भक्ति में भाव-विभोर नजर आए।
कार्यक्रम के दौरान खाटू श्याम बाबा का आकर्षक दरबार श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। विधिवत पूजा-अर्चना के पश्चात श्याम संकीर्तन का शुभारंभ हुआ। भजन गायकों ने एक से बढ़कर एक भक्तिमय भजनों की प्रस्तुति देकर पूरे वातावरण को श्याममय कर दिया। “कीर्तन की है रात, मैं तो अपने श्याम को रिझावन आया हूं” तथा “हारा हूं बाबा…” जैसे लोकप्रिय भजनों पर श्रद्धालु भाव-विभोर होकर झूमते नजर आए।
श्याम संकीर्तन के दौरान श्रद्धालुओं ने तालियों और जयकारों के साथ भजनों का आनंद लिया। जैसे-जैसे भक्ति गीतों का क्रम आगे बढ़ता गया, वैसे-वैसे वातावरण में आध्यात्मिक ऊर्जा और उत्साह का संचार होता गया। अनेक श्रद्धालु भक्ति में लीन होकर नृत्य करते दिखाई दिए। पूरे कार्यक्रम स्थल पर “श्याम बाबा की जय” के जयकारे गूंजते रहे।
चालिहो महोत्सव के माध्यम से नगर में निरंतर धार्मिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है। इसी कड़ी में श्याम संकीर्तन का यह आयोजन श्रद्धालुओं के लिए आध्यात्मिक आनंद का विशेष अवसर बना। कार्यक्रम ने न केवल लोगों को भक्ति से जोड़ा, बल्कि समाज में धार्मिक चेतना, आपसी सौहार्द और सामाजिक एकता का संदेश भी दिया।
इस अवसर पर पूज्य सिंधी पंचायत ने श्री श्याम संकीर्तन समिति के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि समिति द्वारा चालिहो महोत्सव के अंतर्गत श्याम संकीर्तन का आयोजन कर नगरवासियों को भगवान खाटू श्याम की भक्ति से जोड़ने का सराहनीय कार्य किया गया है। ऐसे धार्मिक आयोजनों से नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति, परंपराओं और धार्मिक विरासत से जुड़ने का अवसर मिलता है तथा नगर में धर्म एवं अध्यात्म का प्रचार-प्रसार भी होता है।
श्याम संकीर्तन के समापन तक श्रद्धालुओं की भीड़ बनी रही। भक्तों ने बाबा श्याम के दर्शन कर सुख-समृद्धि एवं परिवार की खुशहाली की कामना की। चालिहो महोत्सव का 28वां दिन श्याम भक्ति, संकीर्तन और आध्यात्मिक उल्लास से सराबोर रहा और नगरवासियों के लिए यह आयोजन लंबे समय तक स्मरणीय बन गया।












