वार्षिक निविदा के बिना हो रही खरीदी पर उठे सवाल, नगर पालिका परिषद में कोटेशन के जरिए बाजार से अत्यधिक कीमत पर सामानों की खरीदी की जा रही, नगर पालिका के कर्मचारियों के नाम चेक काटा जा रहा
अकलतरा – नगर पालिका परिषद में स्वच्छता सामग्री, विद्युत सामग्री, जल आपूर्ति सामग्री, स्टेशनरी, मोटर पंप मरम्मत, फ्लेक्स प्रिंटिंग, टेंट कार्य तथा अन्य आवश्यक सामग्रियों की खरीद को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े होने लगे हैं, नगर पालिका परिषद द्वारा वित्तीय वर्ष के लिए नियमित वार्षिक निविदा (टेंडर) आमंत्रित नहीं की गई है और इसके स्थान पर कोटेशन के माध्यम से बाजार से अपेक्षाकृत अधिक दरों पर सामग्री खरीदी की जा रही है, नगर पालिका में नियमों को ताक में रखकर नगर पालिका में कार्यरत कर्मचारियों के नाम पर चेक काटा जा रहा है, इस व्यवस्था को लेकर नगर में पारदर्शिता, वित्तीय अनुशासन तथा सरकारी राशि के समुचित उपयोग पर प्रश्नचिह्न लगने लगे हैं, पार्षद मुरलीधर मिश्रा ने बताया कि कि नगर पालिका में प्रतिवर्ष विभिन्न विभागों के लिए बड़ी मात्रा में सामग्री की आवश्यकता होती है, ऐसी खरीद के लिए प्रतिस्पर्धात्मक निविदा प्रक्रिया अपनाई जाती है, जिससे अधिक से अधिक आपूर्तिकर्ताओं को भाग लेने का अवसर मिलता है और कम दर पर गुणवत्तापूर्ण सामग्री उपलब्ध हो सकती है। किंतु 31 मार्च 2025 को वार्षिक निविदा समाप्त होने के बाद भी विगत 17 माह से वार्षिक निविदा जारी नहीं किए जाने से खरीद प्रक्रिया की निष्पक्षता और पारदर्शिता पर सवाल उठ रहे हैं, पार्षद विजय खांडेल ने बताया कि
कि स्वच्छता कार्यों में उपयोग होने वाली सामग्री, विद्युत रखरखाव के उपकरण, जल आपूर्ति से संबंधित पाइप, वाल्व एवं अन्य सामान, स्टेशनरी तथा विभिन्न कार्यालयीन आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए समय-समय पर कोटेशन मंगाकर खरीदी की जा रही है, इन सामग्रियों की कीमतें खुले बाजार की तुलना में अधिक हैं, जिससे नगर पालिका के खजाने पर अतिरिक्त वित्तीय भार पड़ रहा है, पार्षद कमलेश्वर दास वैष्णव ने बताया कि यदि नियमानुसार वार्षिक निविदा प्रक्रिया अपनाई जाती तो प्रतिस्पर्धा के कारण कम दरों पर सामग्री उपलब्ध हो सकती थी और सार्वजनिक धन की बचत होती, सरकारी धन जनता के कर से प्राप्त होता है, इसलिए प्रत्येक खरीद प्रक्रिया पूर्णतः पारदर्शी एवं नियमों के अनुरूप होना आवश्यक है, नगर पालिका कर्मचारियों के नाम से चेक को काटना नियम विरुद्ध है, पार्षदों ने मांग की है कि नगर पालिका परिषद खरीदी से संबंधित सभी अभिलेख, स्वीकृत दरें, कोटेशन, आपूर्तिकर्ताओं का विवरण तथा भुगतान संबंधी जानकारी सार्वजनिक करे, ताकि किसी प्रकार की अनियमितता की आशंका समाप्त हो सके, कर्मचारियों के नाम से काटे गए चेक की जांच करने के साथ सक्षम अधिकारियों द्वारा संपूर्ण खरीद प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच कराई जाए और यदि किसी प्रकार की वित्तीय अनियमितता पाई जाती है तो संबंधित अधिकारियों एवं जिम्मेदार व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
नगरवासियों का कहना है कि नगर विकास के लिए मिलने वाली राशि का उपयोग पूरी पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ होना चाहिए। ऐसे में वार्षिक निविदा प्रक्रिया को प्राथमिकता देते हुए सभी खरीदी कार्य नियमानुसार कराए जाएं, ताकि नगर हितों की रक्षा हो सके और जनधन का सदुपयोग सुनिश्चित हो। नगर पालिका में वार्षिक निविदा निकालने के लिए मुख्य नगर पालिका अधिकारी को अवगत कराने के साथ सामान्य सभा की बैठक में भी एजेंडे को शामिल किया गया था वार्षिक निविदा नहीं निकालने से नगर पालिका को आर्थिक रूप से नुकसान होने के साथ बाजार से अत्यधिक दर पर सामान की खरीदी की जा रही है, वार्षिक निविदा का प्रकाशन नहीं होने एवं नगर पालिका के कर्मचारियों के नाम से चेक काटे जाने पर नगरीय प्रशासन विभाग के उच्च अधिकारियों को शिकायत पत्र भेजा गया है – दिवाकर राणा उपाध्यक्ष नगर पालिका परिषद अकलतरा












